Bithoor MLA Report Card: ब्रह्मवर्त कॉरिडोर की उम्मीद अधूरी, बाढ़ और बदहाल सड़कें अब भी चुनौती
बिठूर विधानसभा क्षेत्र में आगामी चुनाव से पहले विधायक अभिजीत सिंह सांगा के विकास कार्यों और अधूरे वादों पर चर्चा तेज है। ब्रह्मवर्त कॉरिडोर, बाढ़, जर् ...और पढ़ें

HighLights
ब्रह्मवर्त कॉरिडोर और मार्जिनल बंधा परियोजना अभी अधूरी
बाढ़, जर्जर सड़कें, बिजली और बेसहारा पशु प्रमुख समस्याएँ
विधायक ने 550 करोड़ के विकास कार्य गिनाए, जनता असंतुष्ट
जागरण संवाददाता, कानपुर। आगामी विधानसभा चुनाव की आहट के साथ बिठूर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों और अधूरे वादों की चर्चा तेज हो गई है। भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा के कार्यकाल में सड़क चौड़ीकरण, धार्मिक पर्यटन और आधारभूत ढांचे पर कई परियोजनाएं आगे बढ़ीं लेकिन बाढ़, जर्जर सड़कें, बेसहारा जानवर, बिजली और रेल संपर्क जैसे मुद्दे अब भी मतदाताओं की प्राथमिकता पर हैं।
23 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिठूर से ब्रह्मावर्त कारिडोर की घोषणा करते हुए काशी की तर्ज पर धार्मिक नगरी के विकास का संकल्प लिया था, जिस पर जनता उम्मीद लगाए है। विधायक के अनुसार पिछले पांच वर्षों में 550 करोड़ से अधिक के विकास कार्य कराए गए। सड़कों का चौड़ीकरण किया गया। घाटों के सौंदर्यीकरण और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के प्रयास भी किए गए।
हालांकि क्षेत्र की सबसे बड़ी परियोजना हिंगूपुर से गंगा बैराज तक 11 किमी लंबा मार्जिनल बंधा है, जिसका निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका। इसके चलते हिंगूपुर, रमेल, ईश्वरीगंज, बाकरगंज, प्रतापपुर हरि और आसपास के गांवों में हर वर्ष बाढ़ व जलभराव से हजारों ग्रामीण प्रभावित होते हैं। मकसूदाबाद-कपिली, बारासिरोही पुल-कुरसौली, मंधना-सिंहपुर और नारामऊ-लोधर मार्ग अब भी बदहाल हैं। मंधना सहित कई इलाकों में निर्बाध बिजली आपूर्ति न होने से लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोग रेल लाइन को सफीपुर तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
जानिए- क्या कहना है विधायक का
बिठूर विधानसभा क्षेत्र में सौ से अधिक सड़कों का निर्माण और चौड़ीकरण कराया गया है, इतनी ही सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है। रिंग रोड बिठूर की तस्वीर को बदलेगा, इसके साथ ही साढ़ में डिफेंस कारिडोर बनने और भविष्य में केडीए के विस्तार से गांवों का विकास होगा। न्यू कानपुर आवासीय योजना से शहरीकरण होंगा विकास सतत प्रक्रिया में हैं, आम आदमी की बुनियादी जरूरतें जैसे सड़कें, बिजली, स्वास्थ्य संबंधी कार्य प्राथमिकता से किए गए हैं। क्षेत्र के विकास और जनता की सेवा के लिए पूर्ण रूप से समर्पित होकर निरंतर कार्य कर रहा हूं।
- अभिजीत सिंह सांगा, विधायक बिठूर
इनकी भी सुनिए
बिजली के क्षेत्र में कोई कार्य नहीं हुआ और न ही कोई नया फीडर बना, यह जनता की सबसे बड़ी परेशानी है। गोशालाओं में रखरखाव बहुत खराब है, जिसके कारण सबसे ज्यादा गोवंशी सड़क पर घूम रहे हैं और किसानों की फसलों का नुकसान कर रहे हैं। सड़क निर्माण में बिना कमीशन के कोई काम नहीं हो रहा है। पुलिस बेलगाम है। बिठूर के कटरी क्षेत्र में कोई काम नहीं हुआ है। बाढ़ के कारण हर वर्ष हजारों ग्रामीण सड़क पर आकर बसेरा बनाने को मजबूर हो जाते हैं। भाजपा सरकार के जनप्रतिनिधियों को जनता की कोई फिक्र नहीं है।
मुनीन्द्र शुक्ला, रनरअप सपा
जनता ने कही ये बात
मंधना क्षेत्र में बिजली की समस्या आज भी बरकरार है, यहां कोई शेड्यूल लागू नहीं होता। शहर के करीब होने के बावजूद लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस क्षेत्र से अलीगढ़-कानपुर हाईवे गुजरा है अंडरपास नहीं होने आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं।
अजय पांडेय, रामनगर बिठूर
बिठूर रेल मार्ग से जुड़ गया है लेकिन समय सारणी सही न होने से आवागमन बहुत ही कम है। बिठूर आने वाले मार्गों को अन्य तीर्थ स्थलों से जोड़ने का बेहतर कार्य का रहा है। ग्रामीण इलाकों में बेसहारा पशुओं की समस्याओं का समाधान हो।
सूबेदार पांडेय, बिठूर
ध्रुव टीला से पत्थर घाट तक गंगा के किनारे साइकिल ट्रैक बनाने का वादा किया गया था लेकिन पांच साल बाद भी नहीं बना। गंदा पानी गंगा में बहाया जा रहा है, एसटीपी का निर्माण नहीं हुआ। ब्रह्मावर्त घाट के संपर्क मार्ग सभी दयनीय हालत में है।
अनुज मिश्र, अध्यक्ष गंगा सभा बिठूर
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था नहीं सुधरी। इस पर ध्यान देने की जरूरत है, बाकी 10 वर्षों में सड़क संबंधी काफी कार्य हुए हैं। पेयजल व्यवस्था के लिए गांव में टंकी तो बनी है लेकिन अभी किसी को नहीं पानी नहीं मिला है।
श्याम द्विवेदी, टिकरा
विधानसभा क्षेत्र पर एक नजर
- कुल मतदाता : 3,44,036
- पुरुष मतदाता : 1,89,997
- महिला मतदाता :1,54,022
- अन्य:17
नोट:: यह मतदाता संख्या एसआइआर के बाद निर्वाचन आयोग से प्रकाशित सूची के आधार पर है।