बर्खास्त IPS मणिलाल पाटीदार पर आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज, महोबा क्रशर कारोबारी मामले से जुड़ा
सतर्कता अधिष्ठान की जांच में उनकी वैध आय से 9.75 लाख रुपये अधिक संपत्ति पाई गई, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

फाइल फोटो।

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जागरण संवाददाता, कानपुर। महोबा के चर्चित क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले में मुख्य आरोपित और बर्खास्त आईपीएस अधिकारी मणिलाल पाटीदार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान कानपुर सेक्टर के निरीक्षक मुरलीधर पांडेय की तहरीर पर की गई है।
महोबा के क्रशर कारोबारी की मौत के मामले में हो चुकी है कार्रवाई
क्रशर कारोबारी ने सात सितंबर 2020 को एक वीडियो जारी कर पुलिस अधिकारियों पर खनन को लेकर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। कहा था कि उनसे छह लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है और उनकी जान को खतरा है। वीडियो प्रचलित होने के अगले ही दिन इंद्रकांत को गोली लग गई थी और कुछ दिन इलाज के बाद उनकी मौत हो गई थी।
विजिलेंस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में किया मुकदमा
कारोबारी के भाई रविकांत त्रिपाठी ने तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार, दारोगा देवेंद्र शुक्ला समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा कराया था। इसके बाद से विजिलेंस जांच भी शुरू हुई थी। जांच के दौरान सतर्कता अधिष्ठान कानपुर सेक्टर ने पूर्व आइपीएस की आय और खर्च का ब्योरा खंगाला।
कुल व्यय 52.95 लाख रुपये पाया गया
निरीक्षक मुरलीधर पांडेय के मुताबिक जांच में सामने आया कि लोक सेवक के रूप में कार्य करते हुए मणिलाल पाटीदार ने वैध स्रोतों से कुल 43.19 लाख रुपये की आय अर्जित की, जबकि उनका कुल व्यय 52.95 लाख रुपये पाया गया। जांच में 9.75 लाख रुपये को आय से अधिक संपत्ति माना गया है। इसी आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा कराया गया है।
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