मेरठ का गजब घोटाला: दो कमरों के मदरसे में 5500 बच्चे, 60 वर्ग गज की जगह दिखाकर डकारी 4 करोड़ की छात्रवृत्ति
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रुहेल आजम के निलंबन के बाद आर्थिक अपराध शाखा इस मामले की जांच कर रही है, ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

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जागरण संवाददाता, मेरठ। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रुहेल आजम के निलंबन के बाद घोटाले की परतें तेजी के साथ खुलने लगी हैं। आर्थिक अपराध शाखा की जांच रिपोर्ट में कई चौकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं।
2012 से 2017 तक एक ऐसे मदरसे को मान्यता दी गई, जो केवल 60 वर्ग गज में बना है। इसमें 5500 छात्र पढ़ते हुए दिखाए गए। इन सभी की छात्रवृत्ति भी पांच साल में लगभग चार करोड़ रुपये ली गई।
2017 में भ्रष्टाचार के आरोप में तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शेषनाथ पांडेय (2013-16) को शासन ने बर्खास्त कर दिया था। शासन ने बुधवार को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रुहेल आजम को निलंबित किया था। उनपर आरोप था कि डीएम के फर्जी हस्ताक्षर कर करोड़ों रुपये की सरकारी भूमि को वक्फ बोर्ड को सौंपने के आरोपित शेषनाथ पांडेय को बचाने का प्रयास किया।
मेरठ के किठौर क्षेत्र में है यह मदरसा
कार्यालय में उनके घोटालों से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध होने के बावजूद चोरी होना दिखा दिया था। मजिस्ट्रेट ने छापा मारा तो सभी दस्तावेज पांच बाक्स में कार्यालय में ही मिल गए थे। सरकारी जमीन को वक्फ बोर्ड के रिकार्ड में चढ़ाने में तत्कालीन तहसीलदार रामनाथ जाटव से लेकर एसडीएम ओपी दुबे और शेषनाथ पांडेय तक शामिल थे। जांच में सामने आया है कि छात्रवृत्ति में भी कोई कम घोटाला नहीं हुआ है।
आर्थिक अपराध शाखा में चल रही तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की जांच
किठौर क्षेत्र में एक मदरसे को शेषनाथ पांडेय ने मान्यता दी। दस्तावेजों के मुताबिक मदरसे में दो कमरे और एक बरामदा है। सभी बच्चों के बैंक खाते भी खुलवाए गए, ताकि छात्रवृत्ति ली जा सके। कुछ दिन पहले जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के कार्यालय से बरामद हुए दस्तावेजों में यह तथ्य सामने आया है। जल्द ही टीम किठौर क्षेत्र के इस मदरसे में पहुंचकर जांच करेगी। अब देखना यह होगा कि मदरसा मौके पर कितना बड़ा है।
2012 से लेकर 2017 तक ली गई छात्रवृत्ति
आर्थिक अपराध शाखा के सीओ व जांच अधिकारी जितेंद्र कालरा ने बताया कि वक्फ बोर्ड की जमीन के अलावा छात्रवृत्ति में भी बड़ा घोटाला हुआ है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में चल रही कई योजनाओं में घोटाला हुआ है। अभी दस्तावेज मिले हैं, जिनका अवलोकन किया जा रहा है। जल्द ही राजफाश करेंगे।
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शकील कश्मीरी ने ली थी मान्यता
कश्मीर निवासी शकील कश्मीरी ने बताया कि उनका कोई भी मदरसा 60 गज में नहीं है और न ही किसी भी मदरसे में 5500 बच्चे पढ़ते हैं। उनका कहना है कि 2016 में इस प्रकरण की जांच हो चुकी है, जिसमें क्लीनचिट मिली थी।
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