कानपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन, विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ धरने पर बैठे, भारी पुलिस बल तैनात
कानपुर में कांग्रेस ग्रामीण इकाई ने गांधी प्रतिमा फूलबाग में धरना शुरू किया है। यह प्रदर्शन कांग्रेसियों पर दर्ज मुकदमों और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के बयान के विरोध में है, जहां भारी पुलिस बल तैनात है।

विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रदर्शन करते कांग्रेसी। जागरण
HighLights
कानपुर में कांग्रेस ग्रामीण इकाई का धरना फूलबाग में शुरू।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के बयान का विरोध।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमों के खिलाफ प्रदर्शन।
जागरण संवाददाता, कानपुर। महात्मा गांधी प्रतिमा फूलबाग में कांग्रेस के धरने में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव जगदीश चन्द्र जांगिड़ ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष का पद संवैधानिक होता है। सतीश महाना को इस पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। उन्हें आपत्तिजनक बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। अयोध्या राम मंदिर के चंदा चोरी के मामले पर विधानसभा अध्यक्ष के बयान पर कांग्रेसियों के इंटरनेट मीडिया पर विरोध जताने के बाद कुछ कार्यकर्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराए जाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीण इकाई ने शुक्रवार को धरना रखा था। धरना स्थल पर पुलिस बल तैनात रहा।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेन्द्र पाल गौतम ने कहा कि सत्ता आती-जाती रहती है। इसलिए विधानसभा अध्यक्ष को कांग्रेसियों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए जो कि सरकार बदलने पर उनके साथ करने पर अच्छा न लगे। ग्रामीण जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला ने कहा कि सत्ता के मद में कांग्रेसियों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए हैं।
राष्ट्रीय सचिव ने धरना स्थल पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल है। शिक्षा व्यवस्था चौपट हो गई है। युवाओं से लेकर बच्चों तक को प्रदर्शन करना पड़ रहा है। महंगाई अपने चरम पर है। जनता अब भाजपा को सत्ता में नहीं रखना चाहती है।
धरने में महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता, पूर्व विधायक सोहेल अख्तर अंसारी, मदन मोहन शुक्ला, नरेश चंद्र त्रिपाठी, राजीव द्विवेदी, करिश्मा ठाकुर, संयोगिता वर्मा, उषा रानी कोरी, आनंद वर्मा, अवनीश सलूजा, ईखलाख अहमद डेविड मौजूद रहे।
कुर्सियां हटाई, पुलिस का इनकार
कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष ने बताया कि धरना तीन बजे से प्रस्तावित था। दोपहर में तीन थानों की फोर्स ने धरना स्थल पर पहुंचकर साउंड और कुर्सियों को हटाना शुरू किया। उन्हें जानकारी हुई तो वह मौके पर पहुंचे। इस इस दौरान पुलिस से नोकझोंक हुई। पुलिस सारा सामान सीज करना चाहती थी। बाद में एसीपी कोतवाली ने ऐसा करने से पुलिस को रोका। फीलखाना थानाध्यक्ष रीना सिंह ने कुर्सियां हटवाने की बात से इनकार किया है।
