सीएसजेएमयू में लागू हुआ ‘नो हेलमेट-नो एंट्री’, बिना हेलमेट परिसर में नहीं मिलेगा प्रवेश
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) कानपुर ने सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए परिसर में 'नो हेलमेट, नो एंट्री' अभियान लागू किया है। ...और पढ़ें

HighLights
सीएसजेएमयू में 'नो हेलमेट, नो एंट्री' अभियान लागू।
दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य।
सड़क सुरक्षा बढ़ाने, दुर्घटनाएं कम करने का उद्देश्य।
जागरण संवाददाता, कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) ने सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए परिसर में ‘नो हेलमेट, नो एंट्री’ अभियान लागू कर दिया है।
अब विश्वविद्यालय परिसर में दोपहिया वाहन से आने वाले शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और अन्य आगंतुकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। बिना हेलमेट परिसर में प्रवेश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा की ओर से जारी कार्यालय आदेश के अनुसार यह निर्णय उत्तर प्रदेश शासन और मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम करना और सुरक्षित यातायात की संस्कृति विकसित करना है।
आदेश में कहा गया है कि विश्वविद्यालय परिसर में दोपहिया वाहन चलाने या उस पर सवार होकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मानक गुणवत्ता का हेलमेट पहनना होगा। बिना हेलमेट प्रवेश करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी विभागों, संकायों, संस्थानों और कार्यालयों को आदेश का सख्ती से पालन कराने तथा इससे जुड़े लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। छोटी-सी सावधानी कई अमूल्य जीवन बचा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों और कर्मचारियों से स्वयं हेलमेट पहनने के साथ दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।
कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि ‘नो हेलमेट, नो एंट्री’ अभियान केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षित, जिम्मेदार और जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।