ई-रिक्शा चालकों के लिए बड़ी चेतावनी: हैक हो रहीं आपके वाहन की लिथियम बैटरी, एक्सपर्ट्स ने कहा—'बदलें ब्लूटूथ पासवर्ड'
ई-रिक्शा की ब्लूटूथ-इनेबल्ड लिथियम बैटरियों के हैक होने और गर्म होकर फटने का खतरा है, जिसके लिए ऑटोमोबाइल और साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने अलर्ट जारी ...और पढ़ें

HighLights
ब्लूटूथ इनेबल्ड लिथियम बैटरियों के हैक होने का खतरा।
कमजोर पासवर्ड से बैटरियों के संचालन में बाधा, गर्म होने का डर।
मजबूत पासवर्ड और बीआईएस प्रमाणन से बैटरियां सुरक्षित रहेंगी।
जागरण संवाददाता, कानपुर। ई-रिक्शा की लिथियम बैट्रियों के हैक होने व उनके गर्म होने के फटने के मामलों को लेकर आटोमोबाइल, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट ने अलर्ट रहने को कहा है। साफ किया कि ब्लूटूथ इनेबल लिथियम आयन बैट्रियों में ही इस तरह की दिक्कतें आ रहीं हैं अगर स्ट्रांग पासवर्ड बनाया जाए तो इस तरह की दिक्कत सामने नहीं आएंगी।
ई-रिक्शा और अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल हो रही ब्लूटूथ इनेबल लिथियम-आयन बैट्रियों के हैक होने की चर्चाएं जोर पकड़ रहीं हैं। कानपुर में अभी इस तरह की शिकायतें तो नहीं आईं हैं लेकिन कमजोर पासवर्ड और डिफॉल्ट सिक्योरिटी सेटिंग्स के कारण कई ई-रिक्शा की बैट्रियों को मोबाइल एप के जरिए एक्सेस कर उसके संचालन में रूकावट डालने की सूचनाएं आने लगी हैं।
केवल उन बैट्रियों में इस तरह की दिक्कत आ रही है, जिनमें ब्लूटूथ आधारित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) लगा है और जिनकी सुरक्षा सेटिंग्स मजबूत नहीं हैं। बाजार में उपलब्ध कम कीमत वाले ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक वाहनों में चीन निर्मित बीएमएस का उपयोग किया गया है।
लिथियम बैट्रियों का पासवर्ड स्ट्रांग बनाकर रखने से कई तरह की दिक्कतों से बचा जा सकता है। गलत प्रयोग न होने पर बैट्रियां सुरखित होने के साथ ही उनके अत्यधिक गर्म होने का खतरा भी नहीं रहेगा। सरकार ने भी इलेक्ट्रिक वाहनों में लगने वाली बैट्रियों की गुणवत्ता और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) प्रमाणन को अनिवार्य कर दिया है।
आलोक पाल, अनुदेशक, गर्वमेंट आइटीआइ, पांडू नगर