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कानपुर के नयागंज और मूलगंज की गलियों में धड़ल्ले से बिक रहा नकली चांदी का वर्क, FDA की चुप्पी पर सवाल

Published: Wed, 28 Oct 2026 06:57 PM (IST)

कानपुर के नयागंज और मूलगंज बाजारों में नकली चांदी का वर्क बेरोकटोक बिक रहा है, जबकि खाद्य एवं औषधि प्रशासन ...और पढ़ें

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HighLights

  1. नकली चांदी का वर्क कानपुर के बाजारों में धड़ल्ले से बिक रहा है

  2. नयागंज और मूलगंज इसके मुख्य बिक्री केंद्र बने हुए हैं

  3. खाद्य विभाग को सालों से कोई मामला नहीं मिला, कार्यप्रणाली पर प्रश्न

जागरण संवाददाता, कानपुर। नकली चांदी का वर्क शहर के थोक बाजारों से लेकर कस्बाई बाजारों में बेरोक -टोक बिक रहा है। नयागंज और मूलगंज के कारोबारी मांग के अनुसार सैकड़ों गड्डी बेचने के लिए हर वक्त तैयार हैं। असली चांदी वर्क की आड़ में ही नकली का भी कारोबार हो रहा है।

यह अलग बात है कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम को इसकी बिक्री होती नहीं दिख रही है। उपायुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन संजय प्रताप सिंह के अनुसार पिछले कई सालों के दौरान नकली चांदी वर्क की बिक्री का मामला कहीं नहीं मिला। ऐसे में विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।

शहर का थोक किराना बाजार ही नकली चांदी वर्क की बिक्री का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां दुकानदारों के पास हजारों गड्डी माल हर वक्त मौजूद है। बाजार में पड़ताल करने पर पता चला कि नकली चांदी वर्क का प्रयोग सजावटी काम में भी किया जा रहा है। मंदिरों से लेकर गरी के गोले की सजावट में भी इसकी खपत है।

दुकानदारों के अनुसार सजावटी काम के लिए लोग असली चांदी वर्क की मांग नहीं करते। उन्हें सजाने वाले वर्क की जरूरत होती है। नयागंज और मूलगंज की दुकानों पर इसीलिए दोनों तरह का माल धड़ल्ले से बिक रहा है। बाजार के एक कमीशन एजेंट ने बताया कि जो लोग असली और नकली चांदी वर्क का अंतर नहीं जानते , उन्हें थोक विक्रेता असली के नाम पर नकली माल टिका देते हैं।

नयागंज की लगभग आधा दर्जन ऐसी दुकानें हैं जिन पर यह माल आसानी से मिल रहा है। इसी तरह जहां भी खोया मंडी है, उसके आस - पास की दुकानों पर भी नकली चांदी वर्क की बिक्री खुलकर की जा रही है। गोविंद नगर, मंधना और पनकी के किराना बाजार में भी दुकानों पर सस्ता वाला वर्क आसानी से उपलब्ध है।

गोविंद नगर के एक दुकानदार ने कहा कि सजावटी उद्देश्य से खरीद करने वाले जब आते हैं तो वह सस्ता वाला वर्क ही मांगते हैं। उन्हें यह बता कर बेचा जाता है कि यह वर्क केवल सजावट के लिए है। मिठाई या अन्य खाद्य वस्तु पर इसका प्रयोग न करें। हालांकि बाद में तमाम दुकानदार इसका प्रयोग मिठाई में भी करते हैं।

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