Ghatampur MLA Report Card:चीनी मिल, ट्रामा सेंटर समेत बड़े वादों का पूरा हिसाब, जानिए विधायक सरोज कुरील का रिपोर्ट कार्ड
घाटमपुर विधानसभा में विधायक सरोज कुरील के विकास कार्यों और अधूरे वादों पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। बंद चीनी मिल, यातायात, पार्किंग और स्वास्थ्य सेवा ...और पढ़ें

HighLights
घाटमपुर विधानसभा में विकास और अधूरे वादों को लेकर राजनीतिक बहस तेज
आधुनिक इंटीग्रेटेड शुगर कामप्लेक्स की घोषणा हुई लेकिन जमीन पर कुछ नहीं दिखा
जागरण संवाददाता, कानपुर। विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के बीच घाटमपुर विधानसभा में विकास और अधूरे वादों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। वर्ष 2022 में भाजपा गठबंधन के तहत अपना दल (एस) के खाते में आई इस सीट से विधायक सरोज कुरील ने अपने कार्यकाल में सड़क, बिजली और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया। विधायक निधि से जुलाई 2026 तक 194 विकास कार्यों पर करीब 16.85 करोड़ रुपये खर्च किए गए। हालांकि, क्षेत्र के सबसे बड़े चुनावी मुद्दे आज भी वहीं हैं, जो वर्षों पहले थे।
सबसे बड़ा सवाल 17 वर्षों से बंद पड़ी घाटमपुर चीनी मिल का है। 1987 में शुरू हुई चीनी मिल 2009 में बंद हो गई थी। इसके बंद होने से न केवल सैकड़ों कर्मचारियों की आजीविका प्रभावित हुई, बल्कि हजारों गन्ना किसानों को भी दूसरे जिलों की चीनी मिलों पर निर्भर होना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि चीनी मिल चालू होने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकती है। लोकसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आधुनिक इंटीग्रेटेड शुगर कामप्लेक्स स्थापित करने की संभावना का सर्वे कराने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक जमीन पर कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दी।
विपक्ष भी इसी मुद्दे को लेकर सरकार और विधायक पर निशाना साध रहा है। दूसरा बड़ा मुद्दा यातायात और सड़क सुरक्षा है। कानपुर-हमीरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग और चौडगरा-भोगनीपुर मार्ग के संगम पर स्थित घाटमपुर में ओवरलोड डंपरों का भारी दबाव रहता है। फ्लाईओवर बनने के बाद भी जाम और दुर्घटनाओं की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। नगर में पार्किंग की व्यवस्था न होने से बाजार क्षेत्र में हर दिन अव्यवस्था बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बढ़ते यातायात के अनुरूप नई योजना की जरूरत है।
स्वास्थ्य सेवाएं भी चुनावी मुद्दा बनती जा रही हैं। घाटमपुर और पतारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। हड्डी रोग विशेषज्ञ और ट्रामा सेंटर न होने के कारण सड़क हादसों में घायल मरीजों को कानपुर रेफर करना पड़ता है। कई मामलों में समय पर उपचार न मिलने से जान जाने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। क्षेत्र के लोग लंबे समय से ट्रामा सेंटर और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।
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हालांकि, विधायक के समर्थक विकास कार्यों को उनकी बड़ी उपलब्धि मानते हैं। ग्रामीण संपर्क मार्गों का निर्माण और चौड़ीकरण, नए विद्युत उपकेंद्र, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, बारातशालाएं, नलकूप, हाट-पैठ, खेल स्टेडियम तथा नोन नदी पर पुल और लघु सेतु जैसी परियोजनाएं उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में गिनी जा रही हैं। राजनीतिक दृष्टि से देखें तो घाटमपुर में मुकाबला केवल विकास कार्यों के आंकड़ों पर नहीं, बल्कि अधूरे वादों पर भी होगा।
बंद चीनी मिल का पुनरुद्धार, सुरक्षित यातायात व्यवस्था, पार्किंग, ट्रामा सेंटर और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर मतदाता इस बार विधायक के प्रदर्शन को परखेंगे। यही मुद्दे आगामी विधानसभा चुनाव में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए सबसे बड़ा राजनीतिक एजेंडा बनने की संभावना रखते हैं।
विधानसभा क्षेत्र- घाटमपुर
- कुल मतदाता : 297259
- पुरुष मतदाता : 164417
- महिला मतदाता : 132838
- अन्य: 04
जानिए- क्या कहना है विधायक का
चुनाव जीतने के बाद विधानसभा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास ही प्राथमिकता थी। नगर से लेकर गावों तक काम कराया गया है। क्षेत्र के सभी प्रमुख मंदिरों का सुंदरीकरण करने के साथ ही सुविधाएं विकसित की गईं। खेल प्रतिभा को निखारने के लिए नगर में 10 करोड़ रुपये की लागत से स्पोर्ट्स स्टेडियम निर्माण का काम शुरू हो चुका है। सिंचाई के लिए तीन नए नलकूपों की स्थापना व 40 पुराने नलकूप रिबोर कराए गए हैं। संपर्क मार्गों का चौड़ीकरण किया गया। स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए हथेही व तिलसड़ा में हाटपैठ का निर्माण कराया गया। पतारा, हथेई व बसौरा के पास तीन बारातशालाएं बनवाई गईं। नगर में एक बड़ी बारातशाला स्वीकृत है। 16 करोड़ की लागत से नहर पुलों की मरम्मत हुई। नए विद्युत उपकेंद्र की स्थापना व ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़वाई गई। टिकवांकवापुर में कंपोजिट विद्यालय की स्थापना हुई। जल निकासी के लिए रेलवे कल्वर्ट बनवाए गए। नगर में चीनी मिल शुरू कराने के लिए सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।
- सरोज कुरील, विधायक अपना दल।
इनकी भी सुनिए
घाटमपुर से विधायक रहीं पूर्व मंत्री कमल रानी वरुण के निधन के बाद हुए उपचुनाव में सपा को 22 हजार मत मिले थे। इसके बाद जब उन्होंने चुनाव लड़ा तो पार्टी के मत तीन गुना बढ़ाए। उन्हें कुल 67, 253 मत मिले। घाटमपुर क्षेत्र में काम करने की इच्छा थी, लेकिन मौका नहीं मिला। घाटमपुर में चीनी मिल शुरू करने का वादा आज तक पूरा नहीं किया गया। इसके साथ ही रोजगार देने को उद्योग-धंधे भी नहीं लगे। अगर वह जीतते और सरकार उनकी पार्टी की बनती तो निश्चय ही विकास तेज रफ्तार से होता। प्रदेश में पार्टी की सरकार न होने पर अकेला विधायक क्षेत्र का विकास करने में उतना सक्षम नहीं होता है। घाटमपुर क्षेत्र संभावनाओं की जगह है। यहां बेहतरीन काम हो सकता था। इससे पहले बिल्हौर विधायक के रूप में जरूरत मंदों के लिए आवासीय विद्यालय बनवाने के साथ ही अन्य विकास के काम किए थे।
- भगवती प्रसाद सागर, रनरअप सपा।
जनता ने कही ये बात
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बच्चों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के लिए क्षेत्र में इंड्रस्ट्री का होना जरूरी है। इंडस्ट्रियल हब की स्थापना होनी चाहिए। साथ ही खेलों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। गांवों में छुपी हुई प्रतिभाएं हैं, जिन्हें निखारा जा सकता है।
-विनय त्रिवेदी, अध्यक्ष, उप्र स्ववित्त पोषित महाविद्यालय एसोसिएशन।
नगर में मुख्य बाजार वाली जगहों, पुराना पोस्ट आफिस रोड, टाकीज रोड और मुख्य चौराहा पर पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। इसके साथ ही चौराहे पर आटो, ई-रिक्शा का जमावड़ा रहता है। इससे आए दिन हादसे होते हैं। कानपुर रोड पर वाहनों का अतिरिक्त दबाव है, इससे नगर को निजात दिलानी चाहिए।
-संजीव सचान, व्यापारी
किसानों को उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य हर हाल में मिले, यह सुनिश्चित करना चाहिए। खरीद केंद्रों पर दलालों की पकड़ है, उनपर सख्ती की जानी चाहिए। इसके साथ ही चीनी मिल को फिर से शुरू करने के सार्थक प्रयास किए जाएं। प्रत्येक चुनाव में चीनी मिल बस मुद्दा ही बनकर रह जाता है।
- अंकुर तिवारी, युवा किसान।
नगर में जल निकासी के उपाय तो किए गए हैं, लेकिन ये स्थायी उपाय नहीं हैं। इसके साथ ही नगर में हरियाली बढ़ाने, स्वच्छता रखने पर भी ध्यान दिया जाए। पूर्व सैनिक इन कामों में अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार हैं। तालाबों की सफाई कराई जाए। नगर का सुनियोजित तरीके से विकास हो।
-जयमूर्ति यादव, अध्यक्ष, पूर्व सैनिक महासभा