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    IIT Kanpur Suicide Case: आईआईटी में लगातार आत्महत्या से छात्रों में गुस्सा फूटा, डीन स्टूडेंट अफेयर्स से बोले- आखिर क्या वजह

    Updated: Wed, 21 Jan 2026 11:11 PM (IST)

    आईआईटी कानपुर में पीएचडी छात्र राम स्वरूप इशराम की आत्महत्या के बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने डीन स्टूडेंट अफेयर्स प्रोफेसर प्रतीक सेन ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. छात्र राम स्वरूप इशराम की आत्महत्या से गुस्साए छात्र

    2. डीन स्टूडेंट अफेयर्स का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया

    3. मानसिक स्वास्थ्य प्रबंधों को छात्रों ने नाकाफी बताया

    जागरण संवाददाता, कानपुर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान आइआइटी में मंगलवार के दोपहर डेढ़ बजे पीएचडी छात्र राम स्वरूप इशराम के आत्महत्या कर लेने से नाराज छात्रों ने देर रात हंगामा किया। छात्रों ने संस्थान के डीन स्टूडेंट अफेयर्स प्रोफेसर प्रतीक सेन का घेराव किया। इस दौरान छात्रों ने डीन से पूछा कि आखिर क्या वजह है कि लगातार छात्र आत्महत्या कर रहे हैं। छात्र मानसिक तौर पर नकारात्मक विचारों से क्यों प्रभावित हैं, उनकी मानसिक स्थित इस तरह से क्यों हो रही है?

    छात्रों के इन सवालों पर डीन ने गोलमोल जवाब दिया। छात्र जब उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुए तो उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। जिसके बाद डीन ने सुरक्षा गार्ड को बुलाकर छात्रों को वहां से हटवाया। वहीं डीन के आवास पर पहुंचने से पहले छात्रों ने आइआइटी परिसर में कैंडल मार्च निकाला। घेराव व हंगामा करने वाले छात्रों का कहना था कि आइआइटी में छात्र कल्याण प्रबंधों और मेंटल वेल बीइंग के लिए हो रहे प्रयास नाकाफी है।


    आइआइटी के डीन आफ स्टूडेंट अफेयर्स, प्रोफेसर प्रतीक सेन ने बताया कि पीएचडी छात्र राम स्वरूप इशराम की आत्महत्या के मामले में एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी की जांच के बाद जो भी तथ्य निकलकर सामने आएंगे, उसके आधार पर रिपोर्ट तैयार होगी। उन्होंने बताया कि 20 जनवरी को 1.30 मिनट पर यह घटना हुई।

    राम स्वरूप इशराम जिस अपार्टमेंट में रहते थे, उसी की छठवीं मंजिल से गिर पड़े। जैसे ही इसकी सूचना मिला सिक्योरिटी टीम और मेडिकल टीम घटना स्थल पर पहुंच गई। उनकी पत्नी और तीन साल की बेटी वहां मौजूद थे। एम्बुलेंस से राम स्वरूप को जब हेल्थ सेंटर ले जा रहे थे तब उनकी पत्नी ने उनकाे अस्पताल ले जाने के बात कही। उन्हें तत्काल फार्च्यून अस्पताल ले जाया गया, जहां पहुंचने के बाद डाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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    प्रो. प्रतीक सेन ने बताया कि राम स्वरूप आर्ट साइंस विभाग में जुलाई 2023 में प्रवेश लिया था। उनका सीपीआइ नौ था जो काफी बेहतर था। वह मानसिक रोग से बीमार थे और इसका इलाज भी चल रहा था। अगस्त 2023 में पहली बार इंस्टीट्यूट काउंसलिंग सर्विस में रिपोर्ट किया था। उनको बायपोलर डिस्आर्डर की बीमारी की पुष्टि हुई थी।

    19 जनवरी को भी वह कांउसलिंग सर्विस आए थे। तब जो रिक्स एनालिसेस किया था उस पर काउंसलर ने किसी तरह के रिक्स न होने की बात कहीं थी। उन्हें 20 जनवरी को मनोचिकित्सक से मिलने की सलाह दिया गया था, लेकिन उसी दिन दोपहर में यह घटना घटित हो गई। आइआइटी अपने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को प्राथमिकता देता है और उन्हें अपने मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक आवश्यकताओं और व्यक्तिगत कल्याण को महत्व देने के लिए प्रोत्साहित करता है। संस्थान ने मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र का विस्तार किया है, जिसमें 10 पूर्णकालिक पेशेवर मनोवैज्ञानिकों की नियुक्ति की गई है।

    आइआइटी में मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। जिसमें सभी नए स्नातक और परास्नातक छात्रों की परिसर में आने के पहले सप्ताह में ही मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की जाती है। परामर्शदाता छात्रों को सक्रिय रूप से संपर्क करते हैं और विस्तृत मूल्यांकन, प्रारंभिक हस्तक्षेप और आवश्यकता पड़ने पर मनोचिकित्सकों को भेजते हैं। सात ही सातों दिन 24 घंटे आपातकालीन मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणाली लागू की है। साथ ही छात्रों को नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं।