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कानपुर सेंट्रल पर रेलवे का बड़ा बदलाव; सेंट्रल स्टेशन पर 15 करोड़ से बदलेगी रेलवे व्यवस्था, EI सिस्टम से बढ़ेगी सुरक्षा

Published: Wed, 27 May 2026 10:36 PM (GMT+05:30)

कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर 15 करोड़ रुपये की लागत से उन्नत इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) प्रणाली स्थापित की जाएगी, जो पुरानी ...और पढ़ें

(Photo Source - AI Generated)

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HighLights

  1. कानपुर सेंट्रल में 15 करोड़ का ईआई सिस्टम लगेगा।

  2. पुरानी रूट रिले इंटरलॉकिंग प्रणाली हटाई जाएगी।

  3. ट्रेनों की सुरक्षा और संचालन में सुधार होगा।

जागरण संवाददाता, कानपुर। स्टेशन मास्टर अभी रूट रिले इंटरलाकिंग (आरआरआइ) सिस्टम में बटन या स्विच दबाकर ट्रेनों को सिग्नल देते हैं और रूट तय करते हैं, वह पुराना सिस्टम हटेगा। इसकी जगह अत्यधिक उन्नत इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग (ईआइ) की व्यवस्था लाने की कवायद शुरू हुई है। यह स्टेशन स्मार्ट तकनीकों से लैस किया जाएगा।

इस नई व्यवस्था में करीब 15 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नए सिस्टम के बाद से ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुरक्षित होगी। इन कार्यों के लिए 21 जून को सेंट्रल स्टेशन पर मेगा ब्लाक की अनुमति के लिए प्रस्ताव रेल बोर्ड को भेजा गया है।


इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग सिस्टम बनाने के लिए इंजीनियरों ने खाका तैयार कर लिया है। सिग्नल भी नए सिरे से लगेंगे। रेल अधिकारियों ने बताया कि रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा और संचालन को आधुनिक बनाने के लिए पुराने और मैकेनिकल सिस्टम जैसे मैकेनिकल और रूट रिले इंटरलाकिंग को आधुनिक इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग सिस्टम में बदला जा रहा है।

यह अपग्रेड ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने और दुर्घटनाओं की संभावना को लगभग शून्य करने में बेहद मददगार है। अधिकारी बताते हैं कि ईआइ सिस्टम कंप्यूटरीकृत तकनीक सुनिश्चित करती है कि जब तक ट्रैक पूरी तरह से खाली और सुरक्षित न हो, तब तक सिग्नल हरा न होता है। इससे मानवीय त्रुटियों की गुंजाइश खत्म हो जाती है। साथ ही, रूट तय करने और सिग्नल बदलने की प्रक्रिया पलक झपकते ही पूरी हो जाती है, जिससे ट्रेनों की आवाजाही तेज और सुगम हो जाती है।

21 जून को मेगा ब्लाक से नीट परीक्षा के अभ्यर्थियों पर नहीं होगा असर

जन संपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह का कहना है कि 21 जून को कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर मेगा ब्लाक प्रस्तावित है और उसी दिन नीट (यूजी) की परीक्षा है। इस परीक्षा में शामिल होने वाले अधिकांश अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र गृह जनपद में रहता है। यदि कहीं बाहर परीक्षा केंद्र है तो ऐसे अभ्यर्थियों की संख्या बहुत कम रहती है। उन्होंने कहा कि पिछले बार इस परीक्षा में 50 प्रतिशत अधिक अभ्यर्थी गैर हाजिर रहे थे।


अभी तक स्टेशन पर रूट रिले इंटरलाकिंग है, जिसे ईआइ किया जाना है। इससे सिग्नल फेल होने की समस्याएं खत्म होंगी। अभी तक स्टेशन मास्टर बटन दबाकर सिग्नल देते हैं, जो कंप्यूटर आधारित हो जाएगा। इस कार्य में करीब 15 करोड़ का खर्च आएगा। 21 जून को स्टेशन पर मेगा ब्लाक के लिए प्रस्ताव रेल बोर्ड को भेजा गया है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद ट्रेनों के रूट डायवर्जन पर काम होगा।
- अकांशु गोविल, डिप्टी सीटीएम

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