यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
IPS अमरनाथ यादव पर गिरी गाज, रिश्वतकांड मामले में के पेशकार को किया गया निलंबित; ACP पर भी बैठ सकती है जांच
IPS Amarnath Yadav कानपुर में एसीपी बाबूपुरवा के कार्यालय में उनके ही पेशकार को विजिलेंस टीम ने 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, कानपुर। एसीपी बाबूपुरवा की नाक के नीचे (कार्यालय में ही) उनका पेशकार रिश्वत ले रहा था, पर वह इससे अनजान रहे। सोमवार शाम विजिलेंस टीम ने पेशकार को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा तब उनकी आंखें खुली। आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद मंगलवार को पेशकार रहे हेड कांस्टेबल शहनवाज खान को निलंबित कर दिया गया।
एसीपी बाबूपुरवा अमरनाथ यादव को भी हटा दिया गया। उन्हें अब अपराध के साथ ईओडब्ल्यू, मिशन शक्ति, महिला अपराध का प्रभार सौंपा गया है। हालांकि रिश्वत लेने के मामले में आरोपित पेशकार के साथ ही उनकी भी विभागीय जांच हो सकती है।
जूही लाल कालोनी निवासी ई-रिक्शा चालक दिव्यांग रिंकू पासवान का पड़ोसी विवाद हो गया था। 15 जुलाई को रिंकू ने आरोपितों के खिलाफ मारपीट, एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया था। इसकी जांच एसीपी बाबूपुरवा अमरनाथ यादव कर रहे थे।
विजिलेंस ने रंगे हाथ रिश्वत लेते किया था गिरफ्तार
पीड़ित रिंकू एसीपी के पेशकार से चार्जशीट लगने के बारे में जानकारी करने पहुंचे तो पेशकार शहनवाज खान और कांस्टेबल योगेश कुमार ने 20 हजार रुपये मांगे। बाद में 15 हजार देने पर चार्जशीट लगाकर कोर्ट भेजने को राजी हो गए। पीड़ित ने विजिलेंस से मदद लेकर सोमवार को शहनवाज को उसके कार्यालय से ही 15 हजार रुपये लेते पकड़वा दिया था।
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मंगलवार को आरोपित को निलंबित कर दिया गया लेकिन चर्चा है कि जिस मुकदमों की जांच खुद एसीपी कर रहे हों तो पेशकार या फिर कोई सिपाही कैसे किसी वादी से रिश्वत लेने की हिम्मत जुटा सकता है। फिलहाल पुलिस आयुक्त ने एसीपी को भी बाबूपुरवा सर्किल से हटाकर दूसरा प्रभार सौंपा है। उनके स्थान पर एसीपी छावनी अंजली विश्वकर्मा को एसीपी बाबूपुरवा और एसीपी लाइंस व भवन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं एसीपी पनकी श्वेता कुमारी एसीपी छावनी बनाई गई हैं।