Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    कानपुर में 24 घंटे में 4 लोगों ने दी जान, कारोबारी और लिवइन में रह रहे युवक ने भी की आत्महत्या

    Updated: Sat, 25 Jul 2026 11:41 PM (GMT+05:30)

    कानपुर में बीते 24 घंटों के दौरान चार लोगों ने आत्महत्या कर ली, जिनमें एक कारोबारी, लिव-इन में रह रहा युवक और दो अन्य शामिल हैं। ये घटनाएं काकादेव, गु ...और पढ़ें

    शहर के काकादेव, गुजैनी,बर्रा और रावतपुर थानाक्षेत्रों में हुई घटनाएं।

    शहर के काकादेव, गुजैनी,बर्रा और रावतपुर थानाक्षेत्रों में हुई घटनाएं।

    HighLights

    1. कानपुर में 24 घंटे में चार लोगों ने की आत्महत्या

    2. काकादेव में कारोबारी ने सीसीटीवी ढककर जान दी

    3. पारिवारिक कलह और लिव-इन विवाद भी आत्महत्या के कारण

    जागरण संवाददाता, कानपुर। शहर में बीते 24 घंटों में अलग-अलग स्थानों पर कारोबारी,लिवइन में रह रहे युवक और युवती समेत चार लोगों ने आत्महत्या कर ली। घटनाएं काकादेव,गुजैनी, बर्रा और रावतपुर थानाक्षेत्रों में हुई। काकादेव में केमिकल कारोबारी ने अपने कार्यालय में आत्महत्या से पूर्व सीसी कैमरों पर कपड़ा डालकर आत्महत्या कर ली। वहीं बर्रा में घर में अकेली रह रही युवती ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जबकि गुजैनी में लिवइन में महिला के साथ रह रहे युवक ने फंदा लगाकर जबकि रावतपुर में पारिवारिक कलह से परेशान युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी।

    घटना एक

    काकादेव के सर्वोदय नगर आरएस पुरम निवासी 51 वर्षीय मनोज कुमार पांडेय केमिकल और दवा का कारोबार करते थे। परिवार में पत्नी अर्चना व दो बेटे मेधांश व अक्षांश हैं। मेधांश शिलांग यूनिवर्सिटी से एमबीए व अक्षांश भोपाल से बीटेक कर रहा है। मनोज पत्नी के साथ रहते थे। लाल बंगला निवासी मनोज के दोस्त राकेश ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे वह घर से शास्त्री नगर स्थित कार्यालय जाने की बात कहकर निकले थे।

    दोपहर करीब तीन बजे उनका चालक अमित कार्यालय पहुंचा तो काफी देर दरवाजा खटखटाता रहा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। दरवाजा न खुलने पर वह लौट गया। वहीं देर रात तक मनोज घर भी नहीं पहुंचे तो करीब 12 बजे उनकी पत्नी अर्चना ने फोन किया। उनकी काल भी रिसीव नहीं हुई। इस पर उन्होंने चालक व राकेश को फोन कर पति के घर न आने का कारण पूछा। दोनों को कार्यालय भेजा। रा

    केश के आवाज लगाने पर जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने कार्यालय की खिड़की तोड़कर अंदर झांक कर देखा। दोस्त का शव फंदे से लटका देखकर सन्न रह गए। राकेश की सूचना पर पहुंची पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी। शव फंदे से उतार कर जांच-पड़ताल की। पुलिस ने कार्यालय में लगा सीसी कैमरा देखा तो कपड़े से ढका मिला। थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार राम ने बताया कि आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं है। व्यापार में घाटा या कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। आत्महत्या से पहले कारोबारी ने कैमरा ढक दिया था, जिससे कुछ रिकार्डिंग न हो सके। जांच की जा रही है।

    खबरें और भी

    घटना दो

    बर्रा के कर्रही के गुंजन विहार निवासी राम खिलावन सविता की सैलून की दुकान है। उनकी 26 वर्षीय बेटी पुष्पा शुक्रवार दिन में घर पर अकेली थी, इसी बीच उसने फांसी लगाकर जान दे दी। पिता के अनुसार उनकी पत्नी यशोदा करीब आठ दिन से अस्पताल में भर्ती थी। शुक्रवार दोपहर उसे डिस्चार्ज कराकर बेटे पंकज व पूजा के साथ घर पहुंचे तो अंदर से दरवाजा बंद था। स्वजन ने काफी देर दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से झांककर देखा तो बेटी का शव फंदे से लटकता मिला। स्वजन ने आशंका जताई है कि मां की बीमारी से परेशान होकर पुष्पा ने आत्महत्या की है।

    घटना तीन

    रावतपुर के सराय मसवानपुर निवासी महेंद्र शुक्ला का 35 वर्षीय बेटा राहुल उर्फ सोनू प्रिंटर रिपेयरिंग का काम करता था। परिवार में मां सुमन, पत्नी स्मिता व नौ वर्षीय बेटी आराध्या है। सोनू के दोनों भाई मोनू व अंकित स्वजन के साथ रहते हैं। पिता के अनुसार करीब आठ साल पहले सोनू गुजैनी की रहने वाली महिला निशा के संपर्क में आया था। उसके बाद वह उसी के साथ गंगागंज पनकी में किराए पर कमरा लेकर लिवइन में रहने लगा था। स्वजन ने बताया कि निशा के स्वजन कुछ दिन बाद ही सोनू से मारपीट करने लगे थे। उनके बीच अक्सर विवाद होता था। निशा भी अक्सर अपने मायके में रहती थी।

    सोनू की कमाई वह अपने स्वजन पर खर्च करती थी। विरोध पर उसके साथ मारपीट होती, लेकिन महिला से एक बच्ची होने के कारण वह विरोध नहीं कर पा रहा था। शुक्रवार रात सोनू भी निशा के साथ उसके मायके में था, तभी मारपीट के बाद उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। निशा के घरवाले उसे कांशीराम ले गए, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिता महेंद्र शुक्ला ने बताया कि गुजैनी पुलिस ने उन्हें बेटे के मौत की खबर दी। पुलिस का कहना है कि स्वजन की तहरीर के आधार पर जांच कर कार्रवाई की जायेगी।

    घटना चार

    रावतपुर में 30 वर्षीय सत्यप्रकाश ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। पिता विश्वनाथ दुबे ने बताया कि बहू शुभी के आए दिन की कलह से परेशान होकर बेटा तनाव में रहने लगा था। इसलिए सात माह पहले उसने एमआर की नौकरी भी छोड़ दी थी। कलह के कारण ही तीन माह से दोनों अलग रहे थे। शुभी ने तलाक की मांग भी की थी। दो माह पहले ही दोनों के बीच थाने में समझौते की बात हुई थी, लेकिन बहू फिर मायके चली गई। छह माह की बच्ची से भी मिलने नहीं देती थी। तीन दिन पहले ही सत्यप्रकाश के ससुरालीजन ने उसे पीटा था। जिससे वह परेशान चल रहा था। शुक्रवार रात करीब 10 बजे सत्य प्रकाश घर आया और कमरे में चला गया। वहीं उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। पता चलने पर स्वजन उसे अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।