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    32 हजार करोड़ की परियोजना: 187 किमी कानपुर‑अयोध्या नमो भारत काॅरिडोर मंजूर, नयागंज बनेगा पहला स्टेशन

    Updated: Sat, 11 Jul 2026 04:58 PM (IST)

    कानपुर को उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) की विकास योजना में प्रमुख केंद्र बनाया गया है। 32 हजार करोड़ रुपये के नमो भारत कॉरिडोर (कानपुर से अय ...और पढ़ें

    ये फोटो एआई से बनाई गई है।

    ये फोटो एआई से बनाई गई है।

    HighLights

    1. एससीआर की बड़ी परियोजनाओं के केंद्र में कानपुर, 187 किमी नमो भारत कारिडोर को मंजूरी

    2. कानपुर से अयोध्या तक दौड़ेगी नमो भारत, एक्सप्रेसवे कारिडोर का भी होगा विकास

    3. कानपुर बनेगा एससीआर का प्रमुख ग्रोथ हब, नमो भारत व एक्सप्रेसवे विकास को हरी झंडी

    जागरण संवाददाता, कानपुर। उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) की महत्वाकांक्षी विकास योजना में कानपुर को सबसे अहम केंद्र के रूप में शामिल किया गया है। शासन स्तर पर हुई बैठक में 32 हजार करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित 187 किलोमीटर लंबे नमो भारत (आरआरटीएस) कॉरिडोर और लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर आधारित विकास (ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट) को विभागीय स्तर पर सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। मुख्यमंत्री की अंतिम सहमति के बाद इन परियोजनाओं पर काम शुरू होगा।

    प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर की शुरुआत कानपुर के नयागंज से होगी और यह उन्नाव, लखनऊ होते हुए अयोध्या तक जाएगा। पहले चरण में नयागंज से अमौसी तक 67 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। पूरे कॉरिडोर पर 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिससे कानपुर, उन्नाव और लखनऊ के बीच तेज, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध होगी।

    इसके साथ ही लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक विकास किया जाएगा। इससे कानपुर के आसपास नए निवेश, औद्योगिक इकाइयों और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। एक्सप्रेसवे से जुड़े क्षेत्रों में नियोजित शहरी विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

    एससीआर की अन्य प्रमुख परियोजनाओं में छह जिलों को जोड़ने वाली 300 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड, 151 किलोमीटर लंबी रिंग रेल, बछरावां और संडीला में औद्योगिक क्लस्टर, नए ट्रांसपोर्ट नगर तथा पर्यटन एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाएं भी शामिल हैं।

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    अधिकारियों का मानना है कि इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से कानपुर की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यह प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में और तेजी से उभरेगा। मंडलायुक्त के. विजयेंन्द्र पांडियन ने बताया कि महत्वपूर्ण परियोजनाओं को लेकर शासन ने स्वीकृति प्रदान की है, विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद जानकारी दी जाएगी।

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