कानपुर बुर्का कांड; प्यार के चक्कर में बुरा फंसा प्रेमी, चचेरी ननद ने रची लूट की साजिश, फिर बुर्का पहना भेज दिया वारदात करने
चकेरी के श्यामनगर में प्रिंटिंग प्रेस कारोबारी के घर लूट के प्रयास का पुलिस ने खुलासा किया है। पीड़िता की चचेरी ननद ने अपने प्रेमी और उसके नाबालिग भाई ...और पढ़ें

HighLights
चकेरी थानाक्षेत्र के श्याम नगर का मामला, पूछताछ में राज खुलने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपितों को पकड़ा
प्रिंटिंग प्रेस कारोबारी ताऊ के घर लूट की बनाई थी योजना, पहचान छिपाने को बुर्का पहनने की दी थी सलाह
जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर के श्यामनगर में बुर्का पहनकर लूट की कोशिश का मामला प्यार और साजिश का निकला। चचेरी ननद ने प्रेमी को बुरा फंसाया। प्रेमी और उसके नाबालिग भाई को बुर्का पहनाकर वारदात क लिए भेजा था।
श्यामनगर में दिनदहाड़े प्रिंटिंग प्रेस कारोबारी के घर में बुर्का पहनकर घुसने और वृद्धा व उनकी बहू से मारपीट कर लूट का प्रयास करने की घटना का पुलिस ने राजफाश कर दिया। जांच में सामने आया कि वारदात की साजिश पीड़िता की चचेरी ननद ने ही रची थी। उसने अपने प्रेमी और उसके नाबालिग भाई को लूट के लिए भेजा था। इतना ही नहीं, पहचान छिपाने के लिए दोनों को बुर्का पहनने की सलाह भी उसी ने दी थी। पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
बीते शनिवार को श्यामनगर ई-ब्लाक निवासी प्रिंटिंग प्रेस कारोबारी राजेंद्र दधिचि के घर में बुर्का पहने दो युवक जबरन घुस आए थे। घर में मौजूद कारोबारी की 60 वर्षीय पत्नी राधा और बहू शैली से मारपीट करते हुए आरोपितों ने लोहे की राड से हमला किया। बहू शैली के शोर मचाने पर दोनों भागने लगे, लेकिन आसपास के लोगों और राहगीरों ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया।
इसके बाद पीटकर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। चकेरी थानाप्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि पूछताछ में मुख्य आरोपित की पहचान 21 वर्षीय प्रांजल सिंह उर्फ वरुण सिंह के रूप में हुई, जबकि उसके साथ उसका 17 वर्षीय नाबालिग भाई था। पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि वारदात की पूरी योजना शैली की चचेरी ननद श्यामिका ने बनाई थी।
प्रांजल ने बताया कि वह पहले श्यामिका के घर किराये पर रहता था, जहां दोनों की दोस्ती हुई थी। वर्तमान में प्रांजल स्नातक का छात्र है, जबकि उसका भाई इंटरमीडिएट में पढ़ता है। जांच में यह भी सामने आया कि करीब डेढ़ माह पहले प्रांजल और श्यामिका ने मिलकर चाय का ठेला शुरू किया था, लेकिन नुकसान के चलते उसे बंद करना पड़ा। इससे दोनों आर्थिक तंगी से जूझने लगे। इसी दौरान श्यामिका ने अपने ताऊ के घर में लूट की योजना बनाई और प्रांजल को वारदात के लिए तैयार किया। उसने ही पहचान छिपाने के लिए बुर्का पहनने की सलाह दी थी। थानाप्रभारी ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर श्यामिका, प्रांजल और उसके नाबालिग भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर तीनों के खिलाफ कार्रवाई कर कोर्ट करके जेल भेज दिया गया है।