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    5000 पन्नों की चार्जशीट में कानपुर कोडीन सीरप तस्करी केस में बड़ा खुलासा, कई राज्यों में नेटवर्क, लाखों शीशियां की सप्लाई

    Updated: Wed, 22 Jul 2026 10:22 PM (IST)

    कानपुर में कानपुर में कोडीनयुक्त सीरप तस्करी मामले में पुलिस ने 5000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट के अनुसार, कागजों में ई-रिक्शा और लोडर ज ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. कागजों में ई-रिक्शा-लोडर को ट्रक दिखा 21.50 लाख कोडीनयुक्त सीरप की कर डाली तस्करी

    2. गिरोह के सरगना पिता-पुत्र समेत तीन के खिलाफ 5000 पन्नों की पहली चार्जशीट दाखिल, 21 बने गवाह

    3. 11 आरोपितों पर विभिन्न थानों में दर्ज हैं आठ मुकदमे, दो साल में कुल 1.12 करोड़ कोडीनयुक्त सीरप बेचा

    अंकुर श्रीवास्तव, कानपुर। उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, दिल्ली समेत राज्यों में कोडीनयुक्त सीरप की तस्करी मामले में बड़ा राजफाश हुआ है। गिरोह के सरगना विनोद अग्रवाल, बेटे शिवम और साथी प्रभात खरे के खिलाफ एक मुकदमे में 5000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल हुई। सरगना ने कागजों में ई-रिक्शा, लोडर समेत वाहनों के नंबरों को अंकित कर ट्रक दिखा 21.50 लाख कोडीनयुक्त सीरप को भेजना दर्शाया था।

    ये सिर्फ एक मुकदमे में कोडीनयुक्त सीरप की शीशियों की संख्या है, जबकि पुलिस की जांच में गिरोह ने दो साल में कुल 1.12 करोड़ से अधिक कोडीनयुक्त सीरप की तस्करी की थी। इस गिरोह के 11 आरोपितों पर विभिन्न थानों में आठ मुकदमे दर्ज हैं। अभी सात मामलों में विवेचना एसआइटी कर रही है। वहीं, शिवम समेत उसके परिवार की साढ़े आठ करोड़ की संपत्ति पुलिस फ्रीज भी कर चुकी है।

    26 लाख की कोडीनयुक्त सीरप की अवैध खरीद-बिक्री

    औषधि की आड़ में एनडीपीएस श्रेणी से संबंधित कोडीनयुक्त सीरप व नशीली दवाएं खरीदने व बेचने के मामले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने बीते वर्ष छापेमारी की थी। जांच के दौरान अग्रवाल ब्रदर्स के मालिक फीलखाना पटकापुर निवासी विनोद अग्रवाल, उसका बेटा सीए बेटा शिवम अग्रवाल समेत 11 आरोपितों की फर्मों से लगभग 26 लाख की कोडीनयुक्त सीरप की खरीद-बिक्री अवैध तरह से मिली थी।

    आठ मुकदमे दर्ज कराए गए

    औषधि निरीक्षक ने विभिन्न थानों आरोपितों के खिलाफ आठ मुकदमे दर्ज कराए। इसमें मां दुर्गा मेडिकोज के खिलाफ महाराजपुर, बालाजी मेडिकोज के खिलाफ रायपुरवा, एएस हेल्थ केयर के खिलाफ कल्याणपुर, आरएस हेल्थ केयर के खिलाफ चकेरी, मसाइको फर्म के खिलाफ कलक्टरगंज, मेडिसिन फार्मा के खिलाफ कलक्टरगंज और अग्रवाल ब्रदर्स के खिलाफ कलक्टरगंज व हनुमंत विहार थाने में थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।

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    इन लोगों को गिरफ्तार किया गया

    एसआइटी ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज मुकदमों के आरोपित गिरोह के सरगना विनोद अग्रवाल, बेटे शिवम अग्रवाल, प्रभात खरे, विशाल सिंह सिसोदिया, रोहन पचौरी, रायपुरवा के सुमित केसरवानी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि वेद प्रकाश शिवहरे, अनमोल गुप्ता, मंजू शर्मा व अभिषेक शर्मा समेत फरार हैं। जांच में एसआइटी को 32 ऐसी फर्में मिली हैं, जिसमें आरोपितों के गिरोह ने दो सालों में 1.12 करोड़ की कोडीनयुक्त सीरप की सप्लाई दिखाई है।

    यहां भेजी गई सिरप

    इसमें ज्यादातर उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, दिल्ली, झारखंड, बंगाल में की गई। एसआइटी सदस्य व साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर केपी यादव ने बताया कि विनोद अग्रवाल, उसके बेटे शिवम, व प्रभात खरे ने श्रीराम मेडिकल एजेंसी के नाम पर 21.50 लाख कोडीनयुक्त सीरप की सप्लाई दिखाई। शीशियों की सप्लाई के लिए ईवे-बिल में जिस ट्रक का नंबर दिखाया गया। वह जांच में ई-रिक्शा, लोडर, आटो व अन्य वाहनों के नंबर निकले। सरगना, शिवम व प्रभात के खिलाफ लगभग 5000 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई, जिसमें मुकदमों के वादी, छापेमारी के दौरान रही औषधि विभाग की टीम, पुलिसकर्मी समेत 61 लोग गवाह बने हैं।


    कोडीनयुक्त सीरप की अवैध सप्लाई के प्रकरण में आठ मुकदमे दर्ज हुए थे, जिसमें से एक मुकदमे में गिरोह के सरगना समेत तीन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। अन्य की विवेचना चल रही है।
    - श्रवण कुमार सिंह, डीसीपी क्राइम