कानपुर के Gen-Z को लुभाने सोशल मीडिया पर स्कूल-कालेज एक्टिव, परंपरागत तौर तरीके छोड़ रील्स से बढ़ाया प्रचार-प्रसार
शैक्षणिक संस्थान जेन-जी छात्रों को आकर्षित करने और छात्र संख्या बढ़ाने के लिए पारंपरिक तरीकों को छोड़कर सोशल मीडिया पर वीडियो-रील्स का उपयोग कर रहे है ...और पढ़ें

HighLights
परंपरागत तौर तरीके छोड़कर शैक्षणिक संस्थानों ने वीडियो-रील्स के माध्यम से बढ़ाया प्रचार-प्रसार
डिग्री कालेजों में विश्वविद्यालय स्तर की आइसीटी लैब में बनवाए जा रहे हैं रोचक कंटेंट आधारित वीडियो
जागरण संवाददाता, कानपुर। आज की पीढ़ी यानी जेन-जी को लुभाने के लिए स्कूल-कालेजों ने इंटरनेट मीडिया की राह पकड़ी है। शैक्षणिक संस्थानों ने परंपरागत तौर-तरीके छोड़कर इंटरनेट मीडिया यूट्यूब, फेसबुक, एक्स सहित अन्य डिजिटल प्लेटफार्म पर विशेषताएं बताते कंटेंट आधारित वीडियो-रील्स बनाकर प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। डिग्री कालेजों ने घटती छात्र संख्या की समस्या का हल तलाशने के लिए इंटरनेट मीडिया का सहारा लिया है। विश्वविद्यालय स्तर की इंटरनेट मीडिया टीम से प्रोफेशनल रील और वीडियो बनवाए जा रहे हैं जिससे संस्थानों की साख मजबूत हो सके।
सीएसजेएमयू से संबद्ध महाविद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक ने महाविद्यालयों से इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय होने का सुझाव दिया है। हरसहाय डिग्री कालेज, महिला महाविद्यालय, कानपुर विद्या मंदिर सहित सभी कालेजों ने फेसबुक के अलावा इंस्टाग्राम पर अपना पेज बनाया है।
कई कालेजों के पास उनकी स्वयं की टीम न होने से उन्होंने विश्वविद्यालय की इंटरनेट मीडिया टीम को इंस्टाग्राम पर पेज बनाने, रील बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। सीएसजेएमयू के मीडिया प्रभारी डा. दिवाकर अवस्थी ने बताया कि आज के समय में छोटे बच्चे से लेकर बुजुर्गों तक के हाथ में इंटरनेट से लैस स्मार्टफोन है।
हर कोई छोटे छोटे वीडियो व रील्स के माध्यम से हर जानकारी ले रहा है। इसलिए शैक्षणिक संस्थानों ने छात्र संख्या बढ़ाने के लिए इंटरनेट मीडिया पर सक्रियता बढ़ाई है। कई महाविद्यालयों की ओर से सहयोग मांगे जाने पर विश्वविद्यालय की इंटरनेट मीडिया टीम उन्हें वीडियो व रील्स बनाकर दे रही है।