Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    कानपुर में जमानत के बावजूद दंपती के अपहरण की कोशिश, बिजनौर पुलिसकर्मियों पर FIR का आदेश

    Updated: Fri, 31 Jul 2026 10:51 PM (IST)

    कानपुर की कोर्ट ने बिजनौर के दो पुलिसकर्मियों समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है। महिला ने जमानत मिलने के बाद भी पति-पत्नी को व ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. कानपुर कोर्ट ने बिजनौर के दो पुलिसकर्मियों पर FIR का आदेश दिया

    2. महिला ने जमानत के बाद भी अपहरण के प्रयास का आरोप लगाया

    3. पुलिस ने वांछित बताकर पति-पत्नी को जबरन वाहन में बैठाया था

    जागरण संवाददाता, कानपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार शुक्ला की कोर्ट ने बिजनौर के दो पुलिसकमियों समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है। महिला ने एक आपराधिक मामले में हाई कोर्ट से जमानत के बाद भी उन्हें और उनके पति का अपहरण करने का प्रयास का आरोप लगाया था। पुलिस के रिपोर्ट दर्ज न करने पर कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था।


    गोल्ड कोस्ट गाजियाबाद निवासी विनीता टिबरेबाल ने द्वारापुरी मुजफ्फर नगर निवासी जतिन चौधरी, शक्ति चौक बिजनौर निवासी अमित चौधरी, नीरज चौधरी, गौरव असीम, अवधेश कुमार, बिजनौर की कोतवाली के उप निरीक्षक विनय कुमार सिंह, आरक्षी सनी सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें कहा था कि वह सोलर रिनेवेबल इनर्जी एलएलपी की सह पार्टनर है।

    मनगढंत कहानी रचकर पुनीत कुमार ने उनके और पति गोपाल टिबरेबाल के खिलाफ जालसाजी व आपराधिक विश्वासघात की रिपोर्ट बिजनौर कोतवाली में दर्ज कराई थी। इसमें दोनों को हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई थी। 24 अप्रैल को वह और पति एक पारिवारिक मुकदमे के बारे में अधिवक्ता सिद्धार्थ चौधरीसे मिलने कानपुर आए थे। इसलिए किंग्सटन रिसार्ट कैंट में रुके थे। तभी यह लोग आए। दोनों को मारापीटा और बंधक बनाते हुए उप निरीक्षक ने मुकदमे में वांछित होने की बात कहते हुए जबरन अपने वाहन में बैठा लिया। उसके चिल्लाने पर किसी ने कैंट पुलिस को सूचना दी और वह मौके पर पहुंची।

    दोनों को कैंट थाने ले जाया गया। जमानत के कागज दिखाए। कैंट पुलिस ने बिजनौर कोतवाली को सूचना दी। वहां से अन्य पुलिसकर्मी आए और दोनों को कोतवाली बिजनौर ले गए। वहां जमानत के कागजात दिखाने पर छोड़ दिया गया। पुलिस ने उनके अपहरण के प्रयास, मारपीट और बंधक बनाने की रिपोर्ट नहीं लिखी। कोर्ट ने उप निरीक्षक और आरक्षी के लोक सेवक होने के नाते बिजनौर कोतवाली से आख्या मांगी थी। इसके बाद रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए।

    खबरें और भी