KDA के फ्लैटों का ऐसा हाल... 10 साल में नहीं बिके 5600, 23% दाम घटाने के बाद भी सिर्फ 68 बिके
केडीए की शताब्दी नगर और जवाहरपुरम योजनाओं में 10 साल बाद भी 5,600 फ्लैट नहीं बिक पाए हैं, जबकि 2014-16 ...और पढ़ें
-1788804264826_m.webp)
HighLights
केडीए के 5,600 फ्लैट 10 साल से नहीं बिके
दाम घटाने पर भी पांच माह में सिर्फ 68 बिके
बिना डिमांड सर्वे के बने, रखरखाव के अभाव में जर्जर
राहुल शुक्ल, कानपुर। केडीए ने बिना डिमांड सर्वे के शहर के वीरान इलाके शताब्दी नगर और जवाहरपुरम में वर्ष 2014 से 2016 के बीच में 12 आवासीय योजनाएं बसा दी। 10 साल गुजर जाने के बाद भी बने 12,304 फ्लैट में अभी तक 5,600 फ्लैट नहीं बिक पाए हैं।
23 अप्रैल 2026 को बोर्ड बैठक में केडीए ने 10 योजनाओं में बचे फ्लैटों के दाम 4.60 प्रतिशत से लेकर 23.19 प्रतिशत तक कम कर दिए। वर्ष 2018 में तय दामों के आधार पर फ्लैट की बिक्री का फैसला लिया। इसके बाद भी पांच माह में केडीए अब तक सिर्फ 68 फ्लैट बेच पाया है। यह बिक जाए तो केडीए को 14 सौ करोड़ रुपये की आय होगी।
हालत यह है कि रखरखाव न होने के कारण अपार्टमेंट भी जर्जर हो रहे है। इनकी सुरक्षा में हर साल लाखों रुपये खर्च होते है। फ्लैट बेचने के लिए यह भी आफर दिया कि ईडब्ल्यूएस के फ्लैट की कीमत का 20 और अन्य श्रेणी के फ्लैट की कीमत का 25 प्रतिशत जमा करने पर आवंटी को कब्जा भी दे दिया जाएगा। इसके बाद भी कोई नहीं आ रहा है।
केडीए अपने बचे फ्लैट बेचने के लिए पिछले पांच साल से कवायद कर रहा है। इस दौरान विज्ञापन निकालने और शिविर लगाने में लाखों रुपये खर्च कर चुका है। आवंटियों का कहना है कि एक तो योजना शहर से दूर बसी है और 10 साल में ही प्लास्टर गिरने लगा है। लिफ्ट व लाइटें बंद हैं और सड़क उखड़ गई है। केडीए सचिव अभय पांडेय ने बताया कि फ्लैट बेचने के लिए अफसर लगे हैं। जानकारी लेने आ रहे लोगों को फ्लैट दिखाने की भी व्यवस्था की गई है।
इन योजनाओं में बचे फ्लैट
केडीए ड्रीम्स शताब्दी नगर, अमन इन्क्लेव शताब्दी नगर, एकता इन्क्लेव जवाहरपुरम सेक्टर 13, प्रगति इन्क्लेव जवाहरपुरम सेक्टर छह, हिमालय सुलभ आवास टाइप एक, रामगंगा इन्क्लेव शताब्दी नगर टाइप एक, रामगंगा इन्क्लवेल शताब्दी नगर टाइप दो, हिमगिरि सुलभ आवास योजना टाइप दो, नीलगिरि सुलभ आवास योजना टाइप दो, सरस्वती सुलभ आवास योजना टाइप दो।
इन योजनाओं में अप्रैल से अगस्त तक बिके फ्लैट
केडीए ड्रीम्स में तीन, अमन इन्क्लवे शताब्दी नगर में 20, एकता इन्क्लेव में दो, प्रगति इन्क्लेव में एक भी नही, हिमालय सुलभ में 10, रामगंगा इन्क्लेव-एक में दो, रामगंगा इन्क्लेव-दो में दो, हिमगिरि में 13, नीलगिरि में छह और सरस्वती में एक भी फ्लैट नहीं बिका है।
बिना डिमांड सर्वे के बना डाले थे फ्लैट
केडीए ने वर्ष 2014 से 2016 के बीच में 13,500 फ्लैट का निर्माण कराया था। वर्ष 2014 में केडीए में तैनात रही उपाध्यक्ष जयश्री भोज ने बिना डिमांड सर्वे के फ्लैटों का निर्माण वीरान जगह शताब्दी नगर में करा डाला था। इस दौरान तैनात मुख्य अभियंता एसएन त्रिपाठी, सवत अली व वीके गोयल रहे। अधिशासी अभियंता दीपक कुमार गुप्ता ने भी नहीं रोका। केवल सिग्नेचर ग्रीन्स सिटी विकास नगर और केडीए रेजीडेंसी किदवईनगर के फ्लैट बिके है जो आबादी के बीच बने हैं।
