Vineet Minocha Murder: 4 CC कैमरे क्यों लगवाए थे कारोबारी ने? बेटे-बहू की बताई कहानी निकली झूठी, बढ़ सकते हत्याकांड के किरदार
दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या में बहू शालू मिनोचा द्वारा बताई गई कहानी झूठी निकली, पुलिस को बेटे सुब्रत ...और पढ़ें
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सुब्रत और शालू। सौजन्य: पुलिस
HighLights
बहू शालू की ससुर पर लगाए आरोप झूठे साबित हुए।
सीसीटीवी लगाने का असली मकसद बहू-बेटे पर नजर रखना था।
बेटे सुब्रत की हत्यारे से लगातार बातचीत से संलिप्तता का शक।
जागरण संवाददाता, कानपुर। Kanpur Businessman Murder: दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या उनकी ही बहू शालू मिनोचा ने सुपारी देकर कराई थी। पुलिस की जांच में यह कहानी पुष्ट हो गई है। मगर, मौका-ए-वारदात, घटनाक्रम और पुलिस की जांच जिस ओर जा रही है, उसे देखते हुए आने वाले दिनों में कहानी पीछे कोई नई कहानी और कुछ हत्याकांड में शामिल कुछ नए किरदार भी सामने आ सकते हैं।
पुलिस की सोच के पीछे हत्यारोपित बहू शालू के ही बयान हैं। शालू ने पुलिस को गवाही दी है कि ससुर स्वतंत्रता पर पहरा लगाए थे। यहां तक कि बहाने से घर में सीसी कैमरे लगवा दिए थे। पुलिस ने सवाल किया कि बहाना क्या था। उत्तर मिला, ससुर की मां नवाबगंज निवासी अपने बड़े बेटे के पास रहती थीं। कुछ समय पहले वह रतन आर्बिट रहने आई थीं।
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ससुर ने घर में अकेले रहने के दौरान मां की सुरक्षा का हवाला देकर सीसी कैमरे लगवा दिए थे। पर यह कहानी कुछ देर बाद झूठी भी साबित हो गई। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि विनीत की मां मई में रतन आर्बिट रहने आई थीं। एक जुलाई को वह वापस नवाबगंज चली गईं और चौकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि दो जुलाई को सीसी कैमरे लग गए।
पुलिस की माथा यहीं ठनक रहा है। शायद इस दौरान कुछ ऐसा हुआ, जिसे आधार बनाकर मां के जाते ही विनीत मिनोचा ने घर में सीसी कैमरे लगवा लिए थे। कहीं न कहीं वह बहू-बेटे पर नजर रखना चाहते थे। इस तथ्य से इतर पुलिस उस पार्टी पर भी नजर रखे हुए है, जहां पति-पत्नी उस रात गए थे। उस पार्टी की शोहरत सवालों के घेरे में है। इन सब तथ्यों के आधार पर पुलिस मान रही है कि इस कहानी के पीछे भी कोई कहानी और कुछ किरदार भी।
काम पर नहीं था, फिर भी रोजाना होती थी बात
हत्यारोपित विशाल से हत्यारोपित बहू शालू व उसके पति सुब्रत से इधर रोजाना बात हो रही थी। विशाल काम पर नहीं था, फिर बात क्यों रही थी। यानी हत्या की इस साजिश में अकेली बहू शामिल नहीं थी, बल्कि बेटे के भी शामिल होने की संभावना है। पुलिस को तीनों के मोबाइल रिकार्ड में इसके सबूत मिले हैं।
हत्या वाली रात बेटे और हत्यारोपित की 25 बार बात हुई
29 अगस्त से हत्या वाली रात तक विशाल और सुब्रत में 25 बार बात हुई, जबकि विशाल और शालू के बीच 14 बार बात की जानकारी मिली है। यानी पति-पत्नी ने आठ दिनों में विशाल से 39 बार बात की। औसत पांच कालें रोजाना। यही नहीं हत्या के दौरान भी शालू विशाल के संपर्क में थी। इस दौरान दोनों ने तीन बात वाट्सएप कालिंग के जरिए बात की।
पति ने जुबान नहीं खोली
इस पूरे घटनाक्रम में सुब्रत को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पिता की हत्या और उसमें भी पत्नी की मिलीभगत के बावजूद उसने पुलिस के सामने मुंह नहीं खोला। यहां तक कि जब पुलिस ने पहली बार सीसी कैमरे का वीडियो उसे दिखाया तो उसने विशाल को भी पहचानने से मना कर दिया था। सुब्रत की चुप्पी में भी पुलिस कई राज दबे होना मान रही है।
