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    कानपुर में तंग गली में जर्जर मकान की छत गिरी, दो किशोरियों समेत चार घायल

    Updated: Fri, 31 Jul 2026 10:40 PM (IST)

    कानपुर के सीसामऊ के चंद्रनगर में एक जर्जर मकान की छत गिरने से दो किशोरियों समेत चार लोग घायल हो गए। नगर निगम पर जर्जर मकानों को लेकर केवल नोटिस जारी क ...और पढ़ें

    सीसामऊ चंद्रनगर में जर्जर मकान गिरने के बाद फैला नजर आता मलबा। जागरण

    सीसामऊ चंद्रनगर में जर्जर मकान गिरने के बाद फैला नजर आता मलबा। जागरण

    HighLights

    1. सीसामऊ के चंद्रनगर में देर शाम हुआ हादसा,रात में होता तो चली जाती कई लोगों की जान

    2. जर्जर मकानों को लेकर केवल नोटिस देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा नगर निगम

    जागरण संवाददाता, कानपुर। सीसामऊ के चंद्रनगर मुहल्ले की संकरी गली में स्थित जर्जर मकान की छत शुक्रवार देर शाम भरभराकर ढह गई। हादसे में दो किशोरियों समेत चार लोग घायल हो गये। घटना से अफरातफरी मच गई। इलाकाई लोगों की सूचना पर सीसामऊ पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। जवानों ने रेस्क्यू कर मलबे में फंसे लोगों को निकालकर एलएलआर अस्पताल में भर्ती कराया। शहर में जर्जर मकानों को लेकर नगर निगम महज नोटिस देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।

    चंद्रनगर मुहल्ले में रहने वाले मगनलाल के मकान में चार किराएदार राकेश कुमार,लालजी,रवि और जगदीश रहते हैं। मगनलाल का मकान करीब सात दशक पुराना और काफी जर्जर और संकरी गली में है। उनके बगल में ही जयबहादुर का मकान निर्माणाधीन है। शुक्रवार देर शाम मुहल्ले में सभी लोग घरों में थे वहीं बच्चे खेल रहे थे। तभी मकान की छत भरभराकर ढह गई। जिससे राकेश कुमार, लालजी की 15 वर्षीय बेटी अनुष्का,रवि की 15 वर्षीय बेटी शुभी और जगदीश का 12 वर्षीय बेटा मलबे में दबकर घायल हो गये।

    धमाके की आवाज सुनकर चीख पुकार मच गई और लोग दौड़े। इस दौरान मुहल्ले के लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। जिसके बाद सीसामऊ थाना प्रभारी राकेश कुमार सिंह के साथ ही कर्नलगंज फायर स्टेशन से जवान पहुंचे और रेस्क्यू कर मलबे में फंसे लोगों को निकालकर एलएलआर अस्पताल भेजा। जहां डाक्टरों ने अंश और शुभी को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया। जबकि राकेश और अनुष्का अस्पताल में भर्ती है।

    स्वजन ने बताया कि अनुष्का के बाएं पैर की हड्डी टूट गई है जिसका शनिवार को आपरेशन किया जायेगा। मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा ने बताया कि कर्नलगंज फायर स्टेशन से पहुंचे जवानों ने रेस्क्यू कर फंसे लोगों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया। गनीमत रही हादसा देर शाम हुआ यदि घटना रात में होती तो कई लोगों की जान चली जाती।

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    इन इलाकों में हैं जर्जर मकान

    घनी आबादी के बीच खड़ी जर्जर मकान हादसों को न्योता दे रही हैं। नगर निगम के अफसर भी इस बात से अंजान नहीं है। खुद निगम की फाइलों में ही ऐसे 745 मकानों की सूची दर्ज है, लेकिन कार्रवाई कभी नहीं की गई। हर बार हादसा होने के बाद इन्हें ढहाने की बजाय संपत्ति मालिकों को सिर्फ नोटिस थमा दिया जाता है। शहर में दर्शनपुरवा, जरनलगंज, हटिया, पुराना कानपुर, मेस्टन रोड, नौघड़ा, बादशाही नाका, कमला टावर, इटावा बाजार, बंगाली मोहाल, बेकनगंज, बर्तन बाजार समेत कई ऐसे इलाके है जहां मकान गिरने की हालत में हैं। नगर निगम के अभियंत्रण विभाग में रोज इनकी शिकायतें भी आती हैं। इसके बाद नगर निगम नोटिस भेज देता है। जांच के लिए शुल्क भी जमा होता है, लेकिन कभी जांच रिपोर्ट नहीं आती।