कानपुर में 68 बैंक खातों में 3200 करोड़ का अवैध लेनदेन, मास्टरमांड का बेटा भी गिरफ्तार, लूट से खुला बड़ा खेल
कानपुर में 3200 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन के मामले में मास्टरमाइंड महफूज आलम का बेटा फैज गिरफ्तार हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय ने भी इस प्रकरण में जांच ...और पढ़ें

HighLights
3200 करोड़ के अवैध लेनदेन के मामले में मास्टरमाइंड का बेटा 25 हजार का इनामी गिरफ्तार
प्रवर्तन निदेशालय ने भी प्रकरण में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, 12 बैंकें जांच के दायरे में
पुलिस अब आरोपितों की चल-अचल संपत्ति का जुटा रही ब्योरा, इससे पहले 10 आरोपित जा चुके जेल
जागरण संवाददाता, कानपुर। 68 बैंक खातों में 3200 करोड़ से अधिक के अवैध लेनदेन के मामले में गिरोह के मास्टर माइंड महफूज आलम के बेटे 25 हजार के इनामी फैज को चकेरी थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वह एक करोड़ रुपये लेकर नेपाल भाग गया था। किसी कारण वह शहर आया और पुलिस ने धर दबोचा।
इससे पहले गिरोह के छह और चार लूट के आरोपित जेल जा चुके हैं। इस पूरे प्रकरण की जांच प्रवर्तन निदेशालय ने मुकदमा दर्ज कर शुरू कर दी है। उनके दायरे में 12 बैंके भी हैं, जहां से इतने खाते बिना जांच के खुले और करोड़ों के लेनदेन हुए। पुलिस भी आरोपितों की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा भी जुटा रही है।
पुलिस ने जाजमऊ के टेनरी व स्क्रैप कारोबारी महफूज आलम उर्फ पप्पू छूरी वाला के 3200 करोड़ से अधिक के अवैध साम्राज्य के मास्टरमाइंड महफूज के साले महताब आलम, उसके बेटे मासूम को सबसे पहले जेल भेजा था। उसके बाद महफूज को भी गिरफ्तार किया। बाद में इस अवैध साम्राज्य के वजीर फिरोज खान, राजदार यशोदा नगर के राजीव नगर निवासी संजीव दीक्षित को गिरफ्तार किया है, जबकि गुरुवार को गिरोह के नूर आलम ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था।
ये 3200 करोड़ 12 बैंकों के 68 खातों में हुए थे। इसमें एचडीएफसी बैंक में 14 खाते, आरबीएल बैंक में पांच, इंडसइंड बैंक में पांच, कोटक महिंद्रा बैंक में छह, यूनियन बैंक के चार, एक्सिस बैंक में तीन, बंधन बैंक के चार, आइसीआइसी बैंक के दो, सिटी यूनियन बैंक के सात, बैंक आफ बड़ौदा में दो, बैंक आफ इंडिया में एक खाता है।
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महफूज के इस पूरे गिरोह ने 400 से अधिक टेनरी, स्क्रैब और स्लाटर हाउस के नाम पर बोगस फर्में बना रखी थीं। प्रकरण में मनी लांड्रिंग की आशंका पर ईडी ने बीते सप्ताह आरोपितों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी थी, जिसके बाद अब मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी 0है। मामले में महफूज का बेटा लंबे समय से फरार था, जिसे चकेरी थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उस पर 25 हजार का इनाम भी था।
ऐसे हुआ था इस गिरोह का पर्दाफाश
श्याम नगर ने 16 फरवरी को यशोदा नगर के वासिद व साथी अरशद को तमंचा लगा आठ लाख रुपये लूटने की सूचना मिली थी। पुलिस पहुंची तो दोनों ने बाद में लूट से इन्कार कर दिया था। बार-बार उनके बयान बदलने पर शक हुआ और जांच शुरू की तो पता चला कि दोनों युवक जाजमऊ के टेनरी व स्क्रैप कारोबारी जाजमऊ के जेके कालोनी निवासी महफूज आलम उर्फ पप्पू छूरी वाला के लिए काम करते थे। उस दिन वासिद और उसका साथी महफूज के बताने पर शिवांश टेनरी के नाम पर फूलबाग के आइडीबीआइ बैंक में खुले खाते से 3.20 करोड़ निकाले थे, जिसमें से महफूज के बेटे फैज, साले महताब और रिश्तेदारों को 2.95 करोड़ देकर शेष रकम 25 लाख लेकर महफूज को देने उसके घर जा रहे थे।
मामले में पुलिस ने मुठभेड़ में दो और उनकी निशानदेही पर दो और लुटेरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि प्रकरण की जांच आगे बढ़ी तो महफूज का एक बड़ा गिरोह का पता चला। पुलिस और आयकर विभाग की जांच में महफूज, उसकी पत्नी शायदा, बेटे फैज, बेटी एनम, भाई मिशब, साले मेहताब, उसका बेटा मासूम समेत लोगों के की फर्म के नाम से 12 बैंकों में खुले 68 खातों में सवा दो साल में लगभग 3200 करोड़ का लेनदेन पाया गया।