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कानपुर में अधिवक्ताओं का डेढ़ घंटे हंगामा, लोक अदालत शुरू होते ही किया बहिष्कार, नोकझोंक

Published: Sat, 12 Sep 2026 12:50 PM (IST)

कानपुर में अधिवक्ताओं ने राष्ट्रीय लोक अदालत का बहिष्कार करते हुए हंगामा किया। बार और लायर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में ...और पढ़ें

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HighLights

  1. कानपुर में अधिवक्ताओं ने राष्ट्रीय लोक अदालत का बहिष्कार किया

  2. बार और लायर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में हंगामा हुआ

  3. नारेबाजी करते हुए काम कर रहे अधिवक्ताओं को रोका गया

जागरण संवाददाता, कानपुर। लोक अदालत में अधिवक्ताओं ने डेढ घंटे हंगामा किया। काम कर रहे कुछ अधिवक्ताओं से नोकझोंक हुई। मारपीट तक की नौबत आ गई। हंगामा बढ़ता देख बैंक, बीमा, केस्को के काउंटर पर बैठे लोग इधर-उधर हो गए। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल कोर्ट पहुंचे तो हंगामा शांत हुआ।

बार व लायर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में दो दिन चले प्रांतीय सम्मेलन के आखिरी दिन मंच से राष्ट्रीय लोक अदालत के बहिष्कार की घोषणा की गई थी। वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत अपने तय समय सुबह 10 बजे शुरू हुई, जहां वादकारी अपने लंबित वादों का निस्तारण करा रहे थे।

इसी दौरान बार के महामंत्री बिनय मिश्रा व लायर्स एसोसिएशन के महामंत्री राजीव यादव के नेतृत्व में लगभग तीन दर्जन अधिवक्ताओं का हुजूम अधिवक्ता एकता जिंदाबाद, लोक अदालत का बहिष्कार करो… के नारे लगाते हुए दीवानी न्यायालय परिसर पहुंचे। वहां कुछ अधिवक्ता काम करते हुए दिखे, जिस पर उन्हें कार्य बहिष्कार करने की बात कहते हुए, उनसे कोई कार्य न करने का निवेदन किया गया।

इसी बीच कुछ अधिवक्ताओं से नोंकझोक हो गई, जिसके बाद बात हाथापाई तक पहुंच गई। विवाद बढ़ने पर लोगों ने बीच–बचाव कर अधिवक्ताओं को शांत कराया। हंगामा बढ़ता देख बैंक, बीमा कंपनी, केस्को के निस्तारण कैंप में बैठे लोग इधर–उधर हो गए।

हंगामे की जानकारी पर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे, जिसके बाद फोर्स ने कचहरी परिसर के भूतल से लेकर पांचवें तल तक गश्त की, हालांकि तब तक हंगमा शांत हो चुका था। इसके बाद पुलिस कमिश्नर, न्यायिक अधिकारियों, बार व लॉयर्स के महामंत्रियों के बीच वार्ता हुई।

उन्होंने दावा किया कि किसी वादकारी को परेशान नहीं किया गया। सिर्फ अधिवक्ताओं से काम न करने को कहा गया। इसके बाद लगभग डेढ़ बजे व्यवस्था सामान्य हुई और वादों की सुनवाई शुरू हुई। 

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