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Kanpur में CM योगी के दौरे से 48 घंटे पहले बड़ा हंगामा, जिले भर के लेखपाल हड़ताल पर, प्रशासन की बढ़ी मुश्किलें

Published: Tue, 16 Jun 2026 09:01 PM (IST)

कानपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे से ठीक पहले जिले की चारों तहसीलों के लेखपाल हड़ताल पर चले गए हैं।

हड़ताल पर बैठे लेखपाल। जागरण

हड़ताल पर बैठे लेखपाल। जागरण

HighLights

  1. जिलाध्यक्ष मोहित सचान ने सदर तहसील में संभाली आंदोलन की कमान

  2. घाटमपुर में सात दिनों के आन्दोलन के बाद जिले की चारों तहसीलों में हड़ताल बैठे लेखपाल

जागरण संवाददाता, कानपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे से ठीक 48 घंटे पहले जिले की चार तहसीलों में लेखपाल हड़ताल पर बैठ गए। घाटमपुर में प्रभारी तहसीलदार को हटाने के लिए लेखपाल सात दिनों से हड़ताल पर थे, लेकिन सोमवार को वार्ता के बाद भी कोई समाधान नहीं होने पर मंगलवार को लेखपाल संघ ने जिले में कलमबंद हड़ताल का ऐलान कर दिया।

कानपुर नगर की चारों तहसीलों के लेखपालों ने कोई कार्य नहीं किया। सदर तहसील में प्रदर्शन कर रहे लेखपालों के साथ जिलाध्यक्ष स्वयं प्रदर्शन करने को बैठे। उन्होंने आरोप लगाया कि घाटमपुर तहसील में लेखपालों के साथ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा रही है, जिसके विरोध में यह आंदोलन किया जा रहा है।


लेखपाल संघ के पदाधिकारियों के अनुसार घाटमपुर तहसील के लेखपालों के समर्थन में सदर, बिल्हौर, नर्वल और घाटमपुर तहसील के लेखपालों ने कार्य बहिष्कार किया। सदर, बिल्हौर और नर्वल तहसीलों में कुल 172 लेखपाल हड़ताल में शामिल हुए। सदर तहसील परिसर में आयोजित धरने में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष मोहित सचान कहा कि घाटमपुर तहसील में सात दिनों से हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

प्रभारी तहसीलदार लगातार लेखपालों के खिलाफ अनुचित एवं उत्पीड़नात्मक कार्रवाई कर रहीं हैं। कई बार अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। प्रभारी तहसीलदार लेखपालों के खिलाफ बैकडेट में कार्रवाई, नोटिस और आरोप पत्र जारी कर रही हैं। उनकी प्रक्रिया तथा अन्य प्रशासनिक मामलों को लेकर लगातार आपत्तियां उठाई जाती रही हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर प्रशासन ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक लेखपालों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा और आंदोलन के दौरान की गई कार्रवाई समाप्त नहीं की जाएगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन के चलते तहसीलों में राजस्व संबंधी कई कार्य प्रभावित रहे। लेखपाल संघ ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर मामले का समाधान निकालने की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान सुजीत सिंह कुशवाहा, संध्या सागर, गगन कुमार, शरद शुक्ल, हर्षित, उमाकांत श्रीवास्तव, आकांक्षा वर्मा के साथ ही अन्य लेखपाल मौजूद रहे।

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