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महापौर पहुंचते ही कानपुर नगर आयुक्त ने छोड़ी कार्यकारिणी बैठक, मंगल भवन समिति और स्मार्ट सिटी फंड को लेकर बढ़ा टकराव  

Published: Thu, 29 Oct 2026 03:35 AM (IST)

कानपुर में महापौर प्रमिला पांडेय और नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के बीच मंगल भवन समिति, स्मार्ट सिटी फंड और सफाई व्यवस्था को लेकर टकराव बढ़ गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. महापौर-नगर आयुक्त में मंगल भवन समिति, सफाई पर टकराव।

  2. महापौर के वकील लाने पर नगर आयुक्त ने बैठक छोड़ी।

  3. पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन किया, बैठक बेनतीजा रही।

जागरण संवाददाता, कानपुर। मंगल भवन की पुरानी समिति निरस्त करने, कन्वेंशन सेंटर के रखरखाव, संचालन करने को लेकर स्मार्ट सिटी के खाते में आई धनराशि और आय में नगर निगम को 50 प्रतिशत हिस्सा देने, बिना कार्यकारिणी व सदन के बताए ही शहर की सफाई व्यवस्था निजी हाथों में देने को लेकर महापौर प्रमिला पांडेय व नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के बीच टकराव बढ़ गया है।

बुधवार को कार्यकारिणी की बैठक दोपहर सवा दो बजे से शुरू हुई और 15 मिनट बाद ही ढाई बजे बिना नतीजे के खत्म हो गई। महापौर के अधिवक्ताओं को लेकर पहुंचने के बाद नगर आयुक्त अफसरों के साथ बैठक छोड़कर चले गए। पार्षदों ने नगर आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की व परिसर में धरना देकर विरोध जताया। 10 मिनट बाद ही धरना खत्म कर दिया।

लगातार कार्यकारिणी बैठकों में विकास पर बात के स्थान पर हंगामा ही हो रहा है। अक्टूबर में पांच, सात, नौ व 28 तारीख को कार्यकारिणी बैठक बुलाई गई पर सभी बेनतीजा रही। उधर, लोगों का कहना है कि एक ओर आम आदमी जहां जर्जर सड़कों, गड्ढों, ध्वस्त पेयजल, सीवर व ड्रेनेज सिस्टम से जूझ रहा है, वहीं अफसर-नेता आपसी झगड़े में व्यस्त हैं। महापौर ने कहा कि विधिक राय लेने के लिए अधिवक्ताओं को बुलाया था। नगर आयुक्त को इसे लेकर सुबह ही बता दिया था।

मुद्दा केवल यह है कि नगर आयुक्त बैठक के फैसलों के संबंध में कार्यकारिणी व सदन को बताएं, जो अब तक नहीं हो रहा है। नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 117 के तहत वह किसी को भी सदन में बुला सकती हैं।

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इस मामले की जानकारी शासन व डायरेक्टरेट आफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग यानी कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को देंगे। नगर आयुक्त ने कहा कि अनाधिकृत व्यक्तियों के समक्ष विचार-विमर्श अथवा विवरण साझा किया जाना नियमों के प्रतिकूल है। इस आपत्ति के उपरांत बैठक संचालित नहीं हो सकी।