यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
यूपी में रोडवेज की बड़ी कार्रवाई, E-Bus में किराया लेकर टिकट न देने वाले 31 कंडक्टर निलंबित
UP News कानपुर रोडवेज ने ई-बसों में टिकट न देने वाले 31 संविदा परिचालकों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई ढाई महीने बाद की गई है। इससे पहले भी 40 और ...और पढ़ें

HighLights
- ई-बस में किराया लेकर टिकट न देने वाले 31 परिचालक निलंबित
- ढाई माह बाद फिर बड़ी कार्रवाई, अब तक 71 कर्मी किए जा चुके सेवामुक्त
- सीसी कैमरों से लगातार की जा रही निगरानी, बाधित हो सकता बस संचालन
जागरण संवाददाता, कानपुर। शहर में चल रही ई-बसों में यात्रियों से किराया लेकर टिकट न देने के प्रकरण में ढाई माह बाद फिर 31 संविदा परिचालकों को निलंबित कर दिया गया है। मुख्य संचालन अधिकारी ने परिचालकों के निलंबन पत्र थमा दिया है। अब तक 71 परिचालकों की सेवा खत्म की जा चुकी है। वहीं, निलंबन किए जाने से परिचालकों में रोष व्याप्त है।
शनिवार को संजीव नगर ई-बस डिपो से 92 में से 55 बसें ही रूट पर निकलीं। परिचालकों की कमी होने से सोमवार से ई-बस का संचालन ठप हो सकता है।
ई-बसों का संचालन कानपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के अंतर्गत होता है। इसका डिपो रामादेवी से आगे संजीव नगर में बना है। बसों से होने वाली आय में लगातार कमी दर्ज की जा रही थी। इस पर मुख्य संचालन अधिकारी रजनीश राजपूत ने संजीव नगर और नगर निगम में बने आनलाइन निगरानी केंद्रों में 15 नवंबर 2024 से अब तक के ई-बसों के सीसीटीवी फुटेज जांचे।
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इसमें पता चला कि परिचालक यात्रियों से रुपये लेकर टिकट नहीं दे रहे थे। इससे पहले 27 दिसंबर 2024 को 40 और 13 मार्च 2025 को 31 परिचालकों को निलंबित किया गया था। अब 31 परिचालकों को निलंबित किया गया है। इससे कंपनी के सामने बसों के संचालन को लेकर परेशानी बढ़ गई है। इस प्रकरण पर पक्ष जानने के लिए मुख्य संचालन अधिकारी रजनीश राजपूत को चार बार फोन किया गया लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया।
40 परिचालकों पर लगे आरोपों की जांच ढाई माह में भी पूरी नहीं हो पाई
27 दिसंबर 2024 को 40 परिचालकों पर रुपये लेकर यात्रियों को टिकट न देने का आरोप था। इस पर उन्हें मुख्य संचालन अधिकारी रजनीश राजपूत ने सेवामुक्त कर दिया। नाराज परिचालकों ने बसों का संचालन ठप कर दिया था। शहर में ई बस संचालन बाधित होने पर एडीएम सिटी, केसीटीएसएल के प्रबंध निदेशक सहित अन्य अधिकारियों ने सात दिन में जांच पूरी करने का आश्वासन देते हुए कमेटी बनाई थी। ढाई माह बीत गए हैं लेकिन जांच पूरी नहीं हो सकी। लिहाजा, 40 परिचालक आज भी जांच रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे हैं।