छात्रों के समर्थन में कानपुर में सपा-कांग्रेस का प्रदर्शन, नेताओं को घर में किया गया नजरबंद
कानपुर में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने छात्रों के मुद्दों, पेपर लीक और दिल्ली लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। पुलिस द्वारा नेताओं को घरों में ...और पढ़ें

सपा विधायक अमिताभ बाजपेई को उनके काकादेव स्थित आवास में पुलिस ने अरेस्ट कर लिया था। लेकिन पुलिस को चकमा देकर विधायक घर से भाग निकले तो पुलिस कर्मियों ने दौड़कर उन्हे चौराहे पर इस तरह कसकर दबोच लिया। संजय यादव
जागरण संवाददाता, कानपुर। छात्रों के मुद्दों, पेपर लीक, दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज और रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को कानपुर में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने अलग-अलग स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया। कई नेताओं को पुलिस ने उनके आवासों से बाहर निकलने से रोक दिया, जिसके बाद उन्होंने घरों से ही सत्याग्रह और मौन उपवास शुरू किया।
कैंट विधायक हाजी मोहम्मद हसन रूमी ने छात्रों के सम्मान, शिक्षा के अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए 24 घंटे का सत्याग्रह शुरू किया, जो आज दोपहर तक जारी रहेगा। आर्यनगर विधायक अमिताभ बाजपेई को फूलबाग गांधी प्रतिमा पर प्रस्तावित सत्याग्रह के लिए जाने से रोकने के उद्देश्य से उनके काकादेव स्थित आवास पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इसके बावजूद वह सुबह सीएसए पहुंचकर अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर लौटे। दोपहर में सत्याग्रह के लिए निकलने पर पुलिस से उनकी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। बाद में उन्हें वापस आवास लाया गया, जहां समर्थकों के साथ उन्होंने 24 घंटे का सत्याग्रह शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों के अधिकारों की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगी।
सपा महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद को भी पुलिस ने घर से बाहर नहीं निकलने दिया। इसके विरोध में कार्यकर्ताओं ने उनके आवास पर ही मौन उपवास किया। शाम को एसीपी कोतवाली अमित कुमार पांडेय को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर छात्रों पर लाठीचार्ज की न्यायिक जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और जौहर विश्वविद्यालय पर कार्रवाई रोकने की मांग की गई। हाजी फजल महमूद ने सरकार पर युवाओं को शिक्षा से वंचित करने और लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन करने का आरोप लगाया।
वहीं, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता ने भी हाउस अरेस्ट किए जाने के विरोध में अपने आवास पर ''चूड़ी भेंट सत्याग्रह'' किया। थानाध्यक्ष कैंट को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देते हुए गृह मंत्री के लिए प्रतीकात्मक चूड़ियां भेंट की गईं। कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने, छात्रों से माफी मांगने, लाठीचार्ज के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और पेपर लीक से प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की मांग उठाई। तीनों दलों के कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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24 घंटे की भूख हड़ताल समाप्त, राष्ट्रपति के नाम दिया ज्ञापन
समाजवादी युवजन सभा महानगर अध्यक्ष अर्पित त्रिवेदी की 24 घंटे की सांकेतिक भूख हड़ताल शुक्रवार को समाप्त हो गई। नजरबंद होने के कारण उन्होंने अपने आवास पर ही यह भूख हड़ताल की थी। पूर्व जिला अध्यक्ष (कानपुर देहात) वीरसेन यादव ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। इसके बाद सपा पदाधिकारियों ने हनुमंत विहार थाना प्रभारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर दिल्ली की घटना की निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। अर्पित त्रिवेदी ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है और पार्टी लोकतंत्र व जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।