पानी भरा गहरा अंडरपास बंद न होने पर ग्रामीणों का हंगामा, रेलवे विभाग के खिलाफ नारेबाजी
बिधनू के जादवपुर में ग्रामीणों ने रेलवे ट्रैक के किनारे पानी से भरे अंडरपास के पास हंगामा किया। शनिवार को एक युवक की डूबने से हुई मौत के बाद लोगों में ...और पढ़ें

HighLights
ग्रामीणों का जलभराव वाले अंडरपास पर प्रदर्शन
युवक की डूबने से मौत के बाद आक्रोश
रेलवे विभाग पर लापरवाही का आरोप
संवाद सहयोगी, बिधनू (कानपुर)। बिधनू जादवपुर में सोमवार को नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को बांदा रेलवे ट्रैक किनारे गहरे पानी भरे खुले अंडरपास के पास खड़े होकर जमकर विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर हंगामा किया। बीते शनिवार दोपहर पानी भरे अंडरपास में गिरकर युवक की मौत हो गई थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि अंडरपास बनने के बाद कई घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बाद भी विभाग ने अंडरपास को पूरी तरह से बंद नहीं कराया। वहीं उत्तर-मध्य रेलवे झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी ने अंडरपास के बंद क्षेत्र में युवक के घुसने पर डूबने का दावा किया है।

जादवपुर व बांबीपुरवा गांव के बीच बांदा रेलवे लाइन निकली है। दोनों गांवों की ओर से आने जाने वाले लोगों के लिए रेलवे ने एक साल पहले करीब 10 फीट गहरे अंडरपास का निर्माण कराया था। अंडरपास में जल निकासी की कोई सुविधा न होने की वजह से बीते तीन माह से जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
बीते 16 अगस्त की रात कार सवार तीन युवक जादवपुर की ओर से पानी भरे अंडरपास में घुस गए थे। गहराई में पहुंचने पर कार पूरी तरह से डूब गई थी। जिसपर कार सवार शीशा तोड़कर निकल पाए थे। इसके बाद कुछ दिन बाद एक बाइक सवार भी फंस गया था। दोनों घटनाओं के बाद रेलवे विभाग ने दोनों तरफ से अंडरपास का रास्ता बंद कर दिया था।
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साथ ही बांबीपुरवा गांव की ओर रेलवे ट्रैक किनारे बनी पुलिया के पास खुले अंडरपास को भी बंद करा दिया, लेकिन विभाग ने जादवपुर गांव की ओर ट्रैक किनारे पुलिया के पास करीब 10 फीट गहरे पानी भरे अंडरपास को खुला छोड़ दिया।
बीते शनिवार ट्रैक किनारे वाले रास्ते से बांबीपुरवा निवासी किसान रंजीत यादव का 18 वर्षीय बेटा अतुल खेत जा रहा था। वह जादवपुर अंडरपास पुलिया के पास से निकल रहा था कि पैर फिसलनेसे वह पानी भरे गहरे अंडरपास में गिरकर डूब गया। स्वजनों रेलवे विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया।

सोमवार को घटना के बाद भी विभाग द्वारा अंडरपास को बंद न कराने से नाराज दयाराम पासवान, शिव सिंह, मान सिंह, राजबाबू, रणधीर सिंह, महेंद्र, योगेंद्र, पंकज समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने ट्रैक के पास खुले अंडरपास के पास खड़े होकर रेलवे विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों के मुताबिक घटना के बाद शनिवार रात रेलवे कर्मी अंडरपास का पानी निकालने आये थे। पानी अधिक होने की वजह से वापस चले गए। ग्रामीणों के मुताबिक उन्होंने अंडरपास के निर्माण के दौरान भी विरोध किया था, लेकिन उनकी नहीं सुनी गई।
उत्तर-मध्य रेलवे झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि 15 नवंबर तक अंडरपास स्थाई रूप से बंद करा दिया गया था। उन्होंने कहा अंडरपास के बंद क्षेत्र में घुसने की वजह से युवक हादसे का शिकार हुआ है।