ट्रेन में रात में मोबाइल का शोर पड़ रहा भारी!, कानपुर से गुजरने वाली ट्रेनों में 2 माह में 20 शिकायतें, जानें सजा का प्रावधान
ट्रेनों में बिना ईयरफोन मोबाइल पर रील देखने और गाने सुनने से यात्रियों को परेशानी हो रही है, जिससे विवाद बढ़ रहे हैं। कानपुर से गुजरने वाली ट्रेनों मे ...और पढ़ें

HighLights
बिना ईयरफोन मोबाइल उपयोग से ट्रेनों में बढ़ा शोर।
कानपुर में दो माह में 20 शिकायतें दर्ज हुईं।
रेलवे एक्ट 145 के तहत जुर्माना, सजा का प्रावधान।
जागरण संवाददाता, कानपुर। ट्रेनों में बिना ईयरफोन के रील देखने और गाने सुनने के कारण तेज शोर यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। इस तरह की शिकायतों के साथ विवाद बढ़ रहे हैं। ऐसा नहीं है कि पहले इस तरह की शिकायतें नहीं आती थी, लेकिन तब सिपाही मामले को शांत करा देते थे। पिछले दो महीनों में ऐसे शोर-शराबे से जुड़ी करीब 20 शिकायतें आई हैं।
ट्रेनों में तेज आवाज में गाने सुनने, रील देखते समय ईयरफोन का प्रयोग न करना दूसरे यात्रियों को दर्द दे रहा है। उनकी नींद से लेकर डिजिटल टार्चर के कारण वह असहज हो रहे हैं। हाल-फिलहाल में कई यात्री ने इस तरह की शिकायत रेल मदद और 139 हेल्पलाइन पर की। इसके अलावा सोशल मीडिया पर पोस्ट भी डाले। एक्स अकाउंट, फेसबुक, इंस्टाग्राम के माध्यम से अपनी सीट संख्या बताते हुए ऐसी शिकायतें कर रहे हैं।
कानपुर में आईं शिकायतें, मौके पर समझाया
कानपुर और आसपास के स्टेशनों पर तेज आवाज में गाना सुनना, सीट को लेकर हल्ला मचाने को लेकर कई यात्रियों ने शिकायत की तो सिपाहियों ने मौके पर समझाकर मामला शांत करा दिया। छह से ज्यादा मामलों में यात्रियों ने रेल मदद पर समस्याएं पोस्ट कर दी।
केस एक
गोरखपुर से नई दिल्ली जाने वाली 12566 गोरखधाम एक्सप्रेस में बिहार निवासी सूरज ने एक्स अकाउंट पर अपनी आइडी से एक पोस्ट और वीडियो अपलोड की। लिखा कि ट्रेन में तेज आवाज और सीट को लेकर यात्री ने काफी हल्ला मचाया। उन्होंने व्यवस्था पर सवाल भी उठाए। हालांकि इस मामले में कानपुर पहुंचने पर उनकी समस्या का निस्तारण कर दिया गया।
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केस दो
कानपुर निवासी नवीन ने अमृतसर से कानपुर आने वाली ट्रेन नंबर 22446 में सफर के दौरान बरेली पहुंचने पर रात 10 बजे के बाद तेज आवाज में गाने चलाने को लेकर बगल की सीट पर बैठे यात्री से शिकायत की तो वह झगड़े पर अमादा हो गया। इस पर नवीन ने आनलाइन शिकायत की।
अलग-अलग रेल मंडल गाना व रील देखते समय हेडफोन का उपयोग करने की कर रहे अपील
ट्रेनों में इस तरह के बढ़ते मामले को देखते हुए एनईआर और एनआर के अलावा कई रेल मंडल यात्रियों से अपील भी कर रहे हैं। अपने एक्स अकाउंट के साथ ही आफिशियल इंस्टाग्राम आइडी, फेसबुक पर भी जागरूकता संबंधी पोस्ट डाल कर अपील कर रहे हैं कि जिम्मेदार यात्री बनें, ट्रेन में संगीत सुनते समय हेडफोन का उपयोग करें।
सुबह छह बजे तक लागू रहता है नाइट प्रोटोकॉल
रेलवे के नियमों के अनुसार ट्रेनों में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट प्रोटोकाल लागू रहता है। इस दौरान यात्रियों को अनावश्यक शोर करने, तेज आवाज में बातचीत करने या मोबाइल पर बिना ईयरफोन आडियो चलाने से बचना चाहिए, जिससे अन्य यात्रियों की नींद प्रभावित न हो।
रेलवे एक्ट की धारा 145 के तहत कार्रवाई
कोच में शोर-शराबा करना रेलवे एक्ट की धारा 145 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्री को रेलवे कर्मचारी ट्रेन या स्टेशन से उतार सकता है तथा उसका टिकट या पास भी जब्त किया जा सकता है। दोषी पाए जाने पर 500 रुपये तक का जुर्माना और छह माह तक की सजा का प्रावधान है।
रेलवे की अपील
रेलवे भी यात्रियों से अपील कर रहा है कि यात्रा के दौरान मोबाइल पर वीडियो देखने या गाने सुनने के लिए ईयरफोन का उपयोग करें और यदि कोई यात्री नियमों का उल्लंघन करता है तो उसकी सूचना तुरंत रेल मदद, 139 हेल्पलाइन या रेलवे के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर दें।
ट्रेनों में तेज आवाज में गाने व रील न देखने को लेकर यात्रियों को जागरूक करने के साथ ही अपील भी कर रहे हैं। हाल-फिलहाल में कुछ शिकायतें आईं जिनका मौके पर जाकर आरपीएफ के जवानों ने निस्तारण कर दिया। ईयरफोन का इस्तेमाल करने की अपील भी की जा रहा है, जिससे अन्य यात्रियों को किसी तरह की समस्या न हो।
अमित कुमार सिंह, पीआरओ, प्रयागराज रेल मंडल