UP में स्मार्ट मीटर के खिलाफ जन-आक्रोश! कानपुर से हमीरपुर तक सड़कों पर उतरे उपभोक्ता, जानें क्यों भड़की जनता
कानपुर समेत यूपी के कई जिलों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर और मनमाने बिजली बिलों के खिलाफ जन-आक्रोश भड़क उठा है। उपभोक्ता बिना सहमति मीटर लगाने, रिचार्ज के ...और पढ़ें

उरई, हमीरपुर में विरोध प्रदर्शन करते बिजली उपभोक्ता। जागरण
HighLights
बिना सहमति स्मार्ट मीटर लगाने पर व्यापक विरोध।
मनमाने बिल, रिचार्ज के बाद भी बिजली कटौती से आक्रोश।
कानपुर, बांदा सहित कई जिलों में उपभोक्ता सड़कों पर।
जागरण टीम, कानपुर। बिना सहमति घरों में लगाए जा रहे स्मार्ट प्रीपेड मीटर और मनमाने बिजली बिलों ने कानपुर समेत आसपास के जिलों में बवाल खड़ा कर दिया है। बांदा से लेकर कानपुर देहात, इटावा और उन्नाव तक उपभोक्ता सड़क पर उतर आए हैं। कहीं महिलाएं प्रदर्शन कर रही हैं तो कहीं पावर हाउस घेरकर हंगामा हो रहा है। आरोप है कि बिल जमा करने के बाद भी बिजली काटी जा रही है और रिचार्ज के बावजूद बैलेंस माइनस दिख रहा है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।
बांदा समेत प्रदेश के कई जिलों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर विरोध है। बांदा में अब तक करीब 12 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, लेकिन उपभोक्ताओं ने जबरन मीटर लगाने और आर्थिक शोषण के आरोप लगाए हैं। इसको लेकर गुरुवार को जनता दल यूनाइटेड ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग की।
पार्टी का कहना है कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) के तहत उपभोक्ताओं को प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर चुनने का अधिकार है, बावजूद इसके बिना सहमति मीटर लगाए जा रहे हैं। कानपुर देहात के शिवली में स्मार्ट मीटर के विरोध में महिलाओं ने गांधीनगर चौराहे पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
उनका आरोप है कि बिना सूचना के बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। पुखरायां में भी उपभोक्ता सबस्टेशन पहुंचकर हंगामा कर चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि सर्वर संबंधी दिक्कतें भी समस्या का कारण बन रही हैं। हमीरपुर, इटावा, औरैया, महोबा, कन्नौज, उन्नाव और उरई में भी इसी तरह के विरोध सामने आए हैं। कई जगह उपभोक्ताओं ने अधिक बिल, रिचार्ज के बाद भी बिजली न आने और बैलेंस माइनस दिखने की शिकायत की है।
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इटावा में 26 हजार में से 17 हजार मीटर प्रीपेड हो चुके हैं, जहां उपभोक्ताओं ने मीटर हटाने की मांग की है। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए कैंप लगाए जा रहे हैं और तकनीकी समस्याओं को दूर किया जा रहा है। हालांकि लगातार बढ़ते विरोध से यह साफ है कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर लोगों में भरोसे की कमी बनी हुई है।
उरई में माधौगढ़ में लगाया जाम, कालपी, कोंच में दिया ज्ञापन
स्मार्ट मीटर को लेकर सर्वाधिक विरोध अधिक बिल आने को लेकर है। धन जमा करने के बावजूद तुरंत बिजली चालू नहीं होती है। माधौगढ़ में 15 अप्रैल को जाम लगा कर मीटर रोड पर रख कर हंगामा हुआ था, कालपी, कोंच, उरई में लोग ज्ञापन दे चुके हैं। अधीक्षण अभियंता योगेंद्र सिंह ने बताया कि बैलेंस डलवाने के दो घंटे के अंदर बिजली आ जाती है। एप के माध्यम से उपभोक्ता स्वयं भी चेक कर सकते हैं कि उनका बैलेंस कितना बचा है। उपभोग की जानकारी भी मिल जाती है।
उन्नाव में आठ दिन से विरोध
स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर उन्नाव जिले के गंजमुरादाबाद में आठ दिन से विरोध किया जा रहा है। शहर में चार दिन पूर्व सिटी पावर हाउस में उपभोक्ताओं ने प्रदर्शन किया था। उनका कहना था कि बिना सूचना के बिजली काट दी जाती है। इसके अलावा रिचार्ज कराने के बाद भी उनका बैलेंस माइनस में दिखता है। एक्सईएन हिमांशू गौतम ने बताया कि सर्वर में समस्या की वजह से कभी- कभी रिचार्ज करने के बाद भी बैलेंस माइनस में दिखाता है। सर्वर ठीक होते ही अपडेट हो जाएगा। कुछ निश्चित चार्ज भी होते हैं, अगर बिजली प्रयोग हो या न हो, वह उपभोक्ताओं को देना ही होगा।
कन्नौज में स्मार्ट मीटर लगाने आई टीम को खदेड़ा
स्मार्ट मीटर लगाने का जिले में जगह-जगह विरोध रहा है। भाजपा जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया ने समर्थकों के साथ पहुंच कर 12 अप्रैल को नजरापुर में स्मार्ट मीटर लगाने वाली पहुंची टीम को खदेड़ कर भगा दिया था। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि अभी स्मार्ट लगाने नहीं दिए जाएंगे। वहीं अधिशासी अभियंता मगन सिंह का कहना है कि उपभोक्ता भ्रमित हैं। इससे उन्हें जागरूक कर मीटर लगाने का काम किया जाएगा।
महोबा में भी सड़क जाम, कर्मियों से नोकझोंक
स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को मनमाने बिल भेजे जाने और बिल भुगतान होने के बाद भी आपूर्ति बंद किए जाने को लेकर बुधवार को लोगों ने कीरतसागर स्थित 33/11 केवी विद्युत सब स्टेशन में प्रदर्शन किया था। इसके बाद सड़क पर जाम लगा दिया। एसडीएम व अधीक्षण अभियंता के बाद वे शांत हुए। गुरुवार को भी मनमाने बिल भेजे जाने को लेकर लोगों की विद्युत कर्मियों से नोकझोक हुई। एसी विद्युत लक्ष्मीशंकर ने बताया कि जो भी समस्या आ रही है। उपभोक्ताओं से बात कर उनका निस्तारण कराया जा रहा है।
औरैया में विवाद
स्मार्ट मीटर को लेकर अजीतमल कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बाबरपुर के मुहल्ला विद्यानगर में विवाद हुआ था। उपभोक्ताओं से अधिकारियों से बहस हुई थी। बिजली विभाग की टीम का उपभोक्ताओं ने विरोध किया। एसडीओ विद्युत कृष्ण बिहारी व जेई विजय कुमार ने उपभोक्ताओं को समझाने का प्रयास किया था। शासनादेश दिखाए जाने की बात कही। उपभोक्ताओं ने कहा कि स्मार्ट मीटर अनिवार्य नहीं है और बिना अनुमति इसे लगाना उनके अधिकारों का उल्लंघन है। जेई विजय कुमार ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची टीम का उपभोक्ताओं ने विरोध किया था। स्मार्ट मीटर हर घर लगाए जाने का आदेश है।
हमीरपुर में पावर स्टेशन में हंगामा
स्मार्ट मीटर के विरोध में बुधवार को कस्बा सुमेरपुर स्थित पावर स्टेशन में लोगों ने हंगामा किया था। वहीं हमीरपुर पावर हाउस में भी लोग लाइन लगाए बिल जमा करते नजर आए थे। स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली बिल जमा करने के बाद भी लोगों के घरों की बिजली गुल हो रही है। जिससे लोगों में आक्रोश नजर आ रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिल जमा किए एक दिन नहीं होता, लाइट काट दी जाती है। हर दूसरे दिन बिजली बिल जमा करने के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है।
कानपुर देहात में एसडीओ से बहस
स्मार्ट मीटरों का विरोध अब जिले में तेज होता जा रहा है। शिवली में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिना सूचना के किसी भी समय आपूर्ति ठप हो जाने से परेशान महिलाओं ने गांधीनगर चौराहे पर एकत्रित होकर विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एक दिन पहले पुखरायां सबस्टेशन में जनता हंगामा कर एसडीओ से बहस कर चुकी हैं। अधीक्षण अभियंता सुमित व्यास ने बताया कि सर्वर समस्या भी कई बार रहती है, उपभोक्ताओं की समस्याओं को दूर किया जा रहा।