मौदहा में 5 सेकंड में ढह गया 56 साल पुराना जर्जर मकान, जान बचाकर भागे आसपास के लोग
मौदहा में पूर्व सभासद का 56 साल पुराना जर्जर मकान पांच सेकंड में ढह गया, जिससे धूल का गुबार उठा और लोग जान बचाकर भागे। बिजली विभाग की लापरवाही को इसका ...और पढ़ें

पांच सेकेंड में गिरा जर्जर मकान। वीडियो ग्रैब
HighLights
पूर्व सभासद का 56 साल पुराना जर्जर मकान गिरा।
बिजली विभाग की लापरवाही से पोल नहीं हटा।
पांच सेकंड में ढहा मकान, धूल का गुबार।
संवाद सहयोगी, मौदहा(हमीरपुर)। पांच सेकेंड में पूर्व सभासद का करीब 56 वर्ष पुराना जर्जर मकान भर-भराकर गिर गया। इस मकान के गिरने से इस कदर धूल का गुबार उठा कि आसपास के घर ढक गए। गिरते हुए मकान का कुछ लोगों ने वीडियो भी बना लिया, जो इंटरनेट मीडिया में जमकर प्रचलित हो रहा है। इस वीडियो में महज पांच सेकेंड के भीतर भारी भरकम मकान धराशायी हो जाता है और पास में ही चबूतरे में बैठी एक महिला इस मकान के गिरने से खुद की जान बचाकर भागती नजर आती है।
पूर्व सभासद एवं मकान मालिक उमेश ओमर ने बताया कि वर्ष 1970 में उनके पुरखों ने इस मकान का निर्माण करवाया था। मकान जर्जर होने के कारण उन लोगों ने करीब दस वर्ष पूर्व ही इस मकान में रहना बंद कर दिया था। इस जर्जर मकान में बिजली विभाग का एक पोल लगा हुआ था। मकान का पुनर्निर्माण कराने के लिए वह पिछले आठ वर्षों से पोल हटवाने के लिए बिजली विभाग के चक्कर काट रहे थे। लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। पूर्व सभासद का आरोप है कि जब उन्होंने इस संबंध में सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी मांगी, तो विभाग ने कार्रवाई करने के बजाए उन्हें करीब 80 हजार रुपये का नोटिस जारी कर दिया।
सोमवार की सुबह यह जर्जर मकान महज पांच सेकेंड में धराशायी हो गया। जर्जर मकान को देखते हुए मुहल्ले के लोगों ने एहतियात के तौर पर सड़क के दोनों ओर से आवागमन रोक दिया था। ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न घट सके। लेकिन जब यह मकान गिरा तो मलबे से उठा धूल का गुबार पूरे मुहल्ले में छा गया। वहीं आसपास मौजूद लोगों के बीच भी हलचल मच गई।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी जताई है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल सड़क से मलबा हटवाकर यातायात बहाल कराने तथा मामले की जांच कर बिजली विभाग की कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में बिजली विभाग के एसडीओ आरके वर्मा से वार्ता करने का प्रयास किया गया। लेकिन उनका फोन नहीं रिसीव हुआ।