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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 27, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Kanpur में PFI और अन्य चरमपंथी संगठनों की हर गतिविधि पर नजर, पुलिस, खुफिया इकाइयों के साथ ATS भी सतर्क

    By JagranEdited By: Nitesh Mishra
    Updated: Tue, 27 Sep 2022 07:53 AM (IST)

    कानपुर में पीएफआइ और अन्य चरमपंथी संगठनों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। इसमें पुलिस खुफिया इकाइयों के साथ एटीएस भी अब सतर्क हाे गई है। वहीं जेल ...और पढ़ें

    कानपुर में पुलिस, खुफिया इकाइयों के साथ सतर्क।
    कानपुर में पुलिस, खुफिया इकाइयों के साथ सतर्क।

    कानपुर, जागरण संवाददाता। पीएफआइ (पापुलर फ्रंट आफ इंडिया) के खिलाफ शुरू हुई देशव्यापी कार्रवाई के बीच कानपुर में भी पुलिस, खुफिया इकाइयों के साथ एटीएस भी सतर्क हो गई हैं। जेल से बाहर छह पीएफआइ सदस्यों में से पांच पुलिस के रडार पर हैं, जबकि एक का अब तक कोई अतापता नहीं चला है। वहीं, दूसरी ओर इस मामले में संदिग्धों व दूसरे चरमपंथी संगठनों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    महानगर में पिछले कुछ सालों में आइएसआइ एजेंटों के अलावा आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिद्दीन, अलकायदा समर्थित गजवातुल हिंद और दावते इस्लामी सहित तमाम आंतकी व चरमपंथी संगठन सक्रिय हैं। हाल के सालों में यहां से दर्जनों की संख्या में आतंकी व स्पीलिंग सेल के लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

    इस समय देश भर में पीएफआइ को लेकर सरगर्मियां तेज हैं। एटीएस सहित खुफिया एजेंसियां कानपुर में भी सक्रिय हैं, पिछले तीन सालों में कानपुर में पीएफआइ से जुड़े नौ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इनमें से तीन अभी भी जेल में है, जबकि जेल से बाहर एक आरोपित का कुछ अतापता नहीं है।

    एटीएस सूत्रों के मुताबिक इसके अलावा सौ से ज्यादा ऐसे लोगों की सूची है, जिन पर पीएफआइ से जुड़े होने का संदेह है। संदेह के आधार पर उनकी सुरागरसी की जा रही है। 

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