Nepal Tragedy: नेपाल के सैलाब से हर तरफ तबाही का खौफनाक मंजर...कानपुर के दंपती, भाभी सहित 5 और कन्नौज का इंजीनियर लापता
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद कानपुर के पांच और कन्नौज का एक इंजीनियर लापता हो गया ...और पढ़ें

कन्नौज निवासी हिमांशु व कानपुर के पंकज मिश्र और उनकी पत्नी रागिनी मिश्र, पूनम मिश्र। स्वजन
HighLights
नेपाल बाढ़ में कानपुर के पांच लोग लापता
कन्नौज का इंजीनियर भी त्रासदी में लापता
भारतीय दूतावास और प्रशासन से मदद की गुहार
जागरण टीम, कानपुर। नेपाल में आई बाढ़ के बाद हर तरफ तबाही का खौफनाक मंजर है। पानी में तैरती लाशों के वीडियो लोगों को विचलित कर रहे हैं। कुछ ऐसा ही हाल कानपुर और कन्नौज में भी है। नेपाल त्रासदी में कानपुर के दंपती और उनकी भाभी सहित पांच व कन्नौज का इंजीनियर लापता है।
नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई बाढ़ और भूस्खलन में श्याम नगर बी ब्लाक निवासी भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक पंकज मिश्र, उनकी पत्नी रागनी मिश्र और भाभी पूनम मिश्र लापता हो गई हैं। तीनों सद्गुरु के ईशा फाउंडेशन की कैलाश मानसरोवर यात्रा कराने वाली विंग ईशा सेक्रेड वाक्स के साथ गए थे। 25 अगस्त की शाम करीब साढ़े चार बजे परिवार के लोगों से उनकी अंतिम बार बातचीत हुई थी। इसके बाद से मोबाइल फोन बंद हैं। स्वजन ने भारतीय दूतावास और सरकार से मदद की गुहार लगाई है। अब तक शहर के पांच लोगों के लापता होने की पुष्टि स्वजन कर चुके हैं।
पीरोड निवासी प्रवीन द्विवेदी ने बताया कि जीजा पंकज मिश्र, दीदी रागनी मिश्र और भाभी पूनम मिश्र कैलाश मानसरोवर यात्रा पर अमेरिका से गए थे। अंतिम बार बहन रागनी ने 25 अगस्त को काल पर बताया था कि तिब्बत के ग्यिरोंग आव्रजन केंद्र में रुके थे। कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी करने के बाद उन्हें तिमुरे के रास्ते नेपाल में प्रवेश कर काठमांडू पहुंचना था।
खराब मौसम और प्राकृतिक आपदा के बीच तीनों से संपर्क टूट गया। श्याम नगर में पंकज के पिता एयरफोर्स से सेवानिवृत्त राजेन्द्र मिश्र, मां सुमन मिश्र और छोटा भाई डा. अनुज मिश्र रहते हैं। परिवार के मुताबिक पंकज और उनके बड़े भाई धीरज 15 वर्ष पहले अमेरिका में जाकर बस गए थे। प्रवीन ने बताया कि परिवार की ओर से लगातार भारतीय दूतावास के अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है। दूतावास को तीनों के लापता होने की जानकारी दी गई है लेकिन अभी तक उनकी लोकेशन या सुरक्षित होने के संबंध में कोई सूचना नहीं मिली है।
शास्त्री नगर के दंपती का नहीं चला पता
नेपाल में आए सैलाब में शास्त्री नगर निवासी भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक दीपक आहूजा और उनकी पत्नी मधु आहूजा भी लापता हैं। दोनों की तलाश में उनके रिश्तेदार मनोज गुप्ता शुक्रवार सुबह नेपाल की राजधानी काठमांडू गए थे। नेपाल पहुंचने बाद उन्होंने भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन से संपर्क कर लापता दंपती की जानकारी जुटाने प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें भी कोई जानकारी नहीं मिली है।
त्रिशूली नदी के सैलाब में छिबरामऊ के सिविल इंजीनियर लापता
नेपाल त्रासदी में छिबरामऊ के कल्यानपुर के रहने वाले सिविल इंजीनियर हिमांशु शाक्य लापता हो गए हैं। वह नेपाल के रसुआ जिले में त्रिशूली अपर हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में बतौर सिविल इंजीनियर कार्यरत हैं। उनका मोबाइल फोन बंद होने से स्वजन संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। नेपाल स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क करने पर भी किसी तरह की जानकारी नहीं मिल पा रही है।
नेपाल में भारतीय दूतावास से कर रहे संपर्क
डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने बताया कि नेपाल त्रासदी में हिमांशु के लापता होने की जानकारी मिली है। नेपाल में भारतीय दूतावास से संपर्क किया गया है। वहां मलबा हटाकर बचाव कार्य चल रहा है। जैसे ही दूतावास से किसी तरह की जानकारी मिलेगी तो परिवार को बताई जाएगी। पीड़ित परिवार की जिला प्रशासन की ओर से हर संभव मदद की जाएगी।
26 अगस्त को पिता से की थी बात
छिबरामऊ कोतवाली के गांव कल्यानपुर निवासी 31 वर्षीय हिमांशु शाक्य वर्ष 2013 से पिता अतर सिंह और माता के साथ मध्य प्रदेश के भोपाल में मकान बनवाकर रह रहे थे। उनके भाई दीपांशु शाक्य गुजरात के अहमदाबाद में एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। वह 20 जुलाई को गांव आए थे और यहीं से ड्यूटी पर गए थे। 26 अगस्त को सुबह पिता अतर सिंह शाक्य ने फोन कर हिमांशु शाक्य से करीब पांच मिनट तक बात की थी। इस दौरान सबकुछ ठीक था। इसके बाद नेपाल में तबाही आने की जानकारी मिलने पर जब फोन किया तो मोबाइल स्विच आफ बताने लगा।
नेपाल त्रासदी में काम कर रहे हिमांशु के साथ अन्य कर्मचारी भी लापता
अतर सिंह शाक्य ने बताया कि नेपाल स्थित भारतीय दूतावास से वहां जाने से रोका गया है। नेपाल त्रासदी में काम कर रहे अन्य कर्मचारियों के साथ हिमांशु भी लापता हो गए है। भाई दीपांशु ने बताया कि अक्सर पैतृक गांव में भी पूरे परिवार के साथ आना-जाना होता है। नेपाल में वह भारतीय दूतावास के संपर्क में हैं। फिलहाल अधिकारियों ने अभी तक भाई का कोई भी सुराग न मिलने की जानकारी दी है।
