रोडवेज की जनरथ एसी बस का फटा टायर, बाल-बाल बचे यात्री; दिनभर दूसरे टायर का इंतजार
यूपी रोडवेज की जनरथ बसों के टायरों में फिर दिक्कतें आईं, एक बस का टायर फटा और दूसरी पंचर हुई, जिससे यात्री बाल-बाल बचे। परिवहन निगम पर बसों के खराब रख ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, कानपुर। उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम में साधारण बसों की बात दूर, लंबे रूट की जनरथ जैसी एसी बसों के रख-रखाव और मरम्मत में घोर लापरवाही देखने को मिल रही है। जनरथ वाली दो बसों के टायर में फिर दिक्कत हुई है। एक बस के पिछले टायर फटने से उसके चिथड़े उड़ गए, जबकि दूसरी बस का पिछला टायर पंचर हो गया।
गनीमत रही कि किसी भी यात्री को काेई चोट नहीं आई। चालक ने समय रहते बस को नियंत्रित कर लिया। बसों में टायर फटने की घटनाएं लगातार हो रही हैं। अभी कुछ दिनों पहले ही दो बसों में टायर फटने की घटना हुई थी, इसके बाद भी परिवहन निगम के अधिकारियों ने सबक नहीं लिया है।
शुक्रवार को रास्ते में जिन दो जनरथ बसों के टायरों में दिक्कत हुई है, वह दोनों विकास नगर डिपो की हैं। गोरखपुर जा रही जनरथ एसी बस (यूपी-77-एएन-2353) में चालक साइड के पिछले हिस्से में डबल टायर में अंदर वाले टायर के चिथड़े उड़ गए। इससे बाहर लगी रबड़ उखड़ गई। उस दौरान बस की गति 60-65 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से थी।
चालक ने बस को नियंत्रित कर लिया और किसी को चोट नहीं आई है। बस में 25 यात्री सवार थे। ये घटना सुबह 10 बजे के दौरान फैजाबाद के सहादतगंज फ्लाईओवर पर हुई। टायर फटकर मडगार्ड (मेटर गार्ड) की लोहे की चद्दर भी क्षतिग्रस्त हो गई और उसी में टायर भी लिपटकर फंस गया। इससे पहिया जाम हो गया था।
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यात्रियों के मुताबिक, चालक ने ठेकेदार से मदद मांगी तो उसने मना कर दिया। फिर लोहे की चादर का काटकर निकालने में चालक-परिचालक ढाई-तीन घंटे परेशान रहे। बस में स्टपनी भी नहीं थी। वहीं, प्राइवेट दुकान पर स्टपनी बदलाई। इस चक्कर में 7.30 घंटे देरी से बस सुबह सात बजे के बजाय दोपहर ढाई बजे गाेरखपुर पहुंची थी।
परिचालक देवरिया से वापस आकर कानपुर से ले गया टायर
देवरिया से 27 किमी पहले ही जनरथ एसी बस (यूपी-78-एएन-1878) का पिछला टायर शुक्रवार शाम चौरी-चौरा मार्ग पर धोखा दे गया। उसके पंचर होने के बाद चालक ने यात्रियों को दूसरी बस में शिफ्ट किया। फिर वह सिंगल टायर पर ही बस को देवरिया डिपो लेकर पहुंचा था। टायर की मरम्मत न होने की स्थिति में दूसरा टायर लेने के लिए परिचालक को कानपुर आना पड़ा। विकासनगर डिपो की वर्कशाप से शनिवार दोपहर दूसरा टायर लेकर परिचालक देवरिया के लिए रवाना हुआ था। यह बस शनिवार देर शाम को भी टायर बदलने के इंतजार में देवरिया डिपो पर ही खड़ी थी।
जनरथ बस की टपकती है छत
यात्रियों ने बताया कि जनरथ एसी बस (यूपी-77-एएन-2353) प्रतिदिन गोरखपुर के लिए चलती है। वर्षा होने पर इसकी छत से पानी टपकता है। एसी भी काम नहीं कर रहा है।
बसों के टायर फटने की पूर्व में हुई घटनाएं
- 11 जुलाई को झकरकटी पुल पर उरई डिपो की बस का अगला टायर फटने से अनियंत्रित होकर आगे खड़ी किदवई नगर डिपो की बस से टकराई थी। हादसे में दोनों बसें क्षतिग्रस्त हो गई थीं और उरई निवासी चालक सत्यदेव तिवारी घायल हुआ था।
- 16 जुलाई को वाराणसी जा रही विकास नगर डिपो की बस (यूपी-78-एचटी-4601) का पिछला टायर फटा था। इसमें एक बुजुर्ग समेत कई लोग घायल भी हुए थे।
गोरखपुर चलने वाली जनरथ बस के टायर फटने की जानकारी मुझे नहीं है। कोई दिक्कत होती है तो बस में स्टपनी होती है, ऐसी कोई बस नहीं जिसमें स्टपनी न हो। बसों के रख-रखाव को लेकर ध्यान दिया जा रहा है।
- महेश प्रसाद, क्षेत्रीय प्रबंधक-परिवहन निगम
घटनाओं झुठलाने पर उतारू रोडवेज
प्रबंधन रोडवेज बसों में टायर फटने की घटनाएं लगातार हो रही हैं और क्षेत्रीय प्रबंधक महेश कुमार इन घटनाओं से बार-बार इनकार कर उसे झुठला रहे हैं। जबकि, यात्रियों के हित को देखते दैनिक जागरण इन घटनाओं को प्रमुखता से छाप भी रहा है। हैरत की बात है कि घटनाओं के साक्ष्य के साथ प्रकाशित खबरों के बाद भी क्षेत्रीय प्रबंधक घटना को झुठला रहे हैं। जनरथ जैसी एसी बसों की स्थिति ये तब है जब विकास नगर डिपो की वर्कशाप का खर्चा 20 लाख से बढ़कर हर महीने 50 से 70 लाख तक पहुंच गया है। बसों की छतें तक दुरुस्त नहीं हैं, उनसे पानी टपकने के वीडियो भी पूर्व में वायरल हुए हैं। कुल मिलाकर बसों के रख-रखाव में हो रही इस तरह की लापरवाही यात्रियों के साथ किसी भी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकती है।