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    80 करोड़ का 'धनी' मोची! आया साइबर ठग के निशाने पर, UP Police ने पंजाब से पकड़े ठग, पाकिस्तान और श्रीलंका तक जुड़े तार

    Updated: Sun, 19 Apr 2026 04:55 PM (GMT+05:30)

    कानपुर पुलिस ने पंजाब के अबोहर-फाजिल्का गिरोह के दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने 650 से अधिक लोगों से 400 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी ...और पढ़ें

    ये फोटो एआई जनरेटेड है।

    ये फोटो एआई जनरेटेड है।

    HighLights

    1. गिरोह के खिलाफ देश भर में 650 से ज्यादा शिकायतें, प्रदेश में 13 मुकदमे सामने आए

    2. देश से बाहर पाकिस्तान और श्रीलंका में भी की ठगी की घटनाएं, पांच लोगों का है गिरोह

    3. सरगना सहित दो आरोपित फरार, एक आरोपित को पिछले दिनों दिल्ली पुलिस ने पकड़ा

    जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर पुलिस ने पंजाब के फाजिल्का में छापेमारी कर अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इसके तार पाकिस्तान और श्रीलंका से जुड़े हैं। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि गिरोह ने एक मोची के खाते का उपयोग कर 80 करोड़ रुपये का लेनदेन किया। नेशनल साइबर पोर्टल पर दर्ज 650 शिकायतों के आधार पर इस गिरोह द्वारा कुल 400 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी किए जाने की आशंका है।

    12 लाख की ठगी की जांच में हुआ राजफाश

    शेयर में निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा देकर 12.82 लाख रुपये की ठगी मामले की जांच कर रही पुलिस ने पंजाब के बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। फाजिल्का जिले के अबोहर में सक्रिय पांच सदस्यीय गिरोह के दो ठगों को पुलिस ने वहां पहुंचकर दबोच लिया। जांच में सामने आया कि एक मोची के बैंक खाते से महज तीन माह के भीतर 80 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया।

    650 लोगों को ठग चुका गिरोह

    गिरोह 650 से ज्यादा लोगों को ठग चुका है, जिनकी शिकायतें नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के 14 मामले हैं। साइबर ठगी का जाल पाकिस्तान व श्रीलंका तक फैला है। 400 करोड़ से ज्यादा की ठगी की आशंका जताई जा रही है।

    इनसे हुई थी ठगी

    पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि नौबस्ता निवासी अमित राठौर ने गत 2 जनवरी को शेयर में निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था। जांच में ठगी के तार अबोहर से जुड़े मिले। ठगों के मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस फाजिल्का तक पहुंची। दो दिन पहले वहां से करण कसेरा व गुलशन कुमार को अबोहर थाने लाया गया, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध को देखते हुए दोनों को कानपुर लाकर पूछताछ की गई।

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    गिरोह में पांच सदस्य

    दोनों ने बताया कि गिरोह में पांच सदस्य हैं। अबोहर का लिटिल मोंगा सरगना है, जो अपने साथी कालरा कसेरा के साथ फरार है। एक अन्य सदस्य अजय को दिल्ली पुलिस तीन दिन पहले गिरफ्तार कर चुकी है। अजय एक मामूली मोची है, लेकिन उसके दिल्ली में न्यू कोंडली मयूर विहार फेज-3 स्थित नेशनल अर्बन कोआपरेटिव बैंक शाखा के खाते में 80 करोड़ का लेनदेन मिला। इस खाते में जो पैसा आया, वह पांचवें लेयर का है।

    आनलाइन प्रतिबंधित गेमिंग एप, डिजिस्टल अरेस्ट, वाट्सएप पर लिंक भेज करते ठगी

    ठगों ने बताया कि ठगी गई रकम का चार जगह और भी बंटवारा करते थे, ताकि खातों में रकम ट्रेस न हो सके। मोची के खाते में जमा 13.80 लाख रुपये फ्रीज करा दिए गए हैं। पुलिस को आरोपितों से कुछ और बैंक खातों की जानकारी, चेक व संदिग्ध स्क्रीनशाट मिले हैं। पुलिस आयुक्त ने बताया कि यह गिरोह फर्जी ट्रेडिंग, आनलाइन प्रतिबंधित गेमिंग एप, डिजिस्टल अरेस्ट, वाट्सएप पर लिंक भेजकर रुपये ठगने समेत और भी कई तरीकों से ठगी करता है। इसके अलावा ड्रग तस्करी, हथियारों की अवैध तस्करी व हनीट्रैप जैसी घटनाओं में भी शामिल होने का अंदेशा है।