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    SIR Updates: यूपी के इस शहर में मतदाता सूची में शामिल 25 फीसद लोग संदिग्ध, काटे जाएंगे नौ लाख से ज्यादा नाम

    Updated: Tue, 09 Dec 2025 03:10 PM (IST)

    कानपुर में मतदाता सूची में बड़ी अनियमितता सामने आई है, जिसमें 25% मतदाताओं के संदिग्ध होने की आशंका है। चुनाव अधिकारियों ने नौ लाख से ज्यादा नाम काटने ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. मतदाता सूची अपडेट में रफ्तार धीमी, 25 प्रतिशत से अधिक नाम काटे जाएंगे

    2. 26 लाख 25 हजार 25 मतदाताओं के गणना फार्म वापस लेकर किए गए अपलोड

    3. एसआइआर में 11 लाख मतदाताओं की मैपिंग अधूरी

    जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर (Kanpur) में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) ने साफ कर दिया है कि मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया उम्मीद के मुताबिक रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। सोमवार तक जिले की 10 विधानसभा सीटों पर कुल 35,38,261 मतदाताओं में से 35,38,105 लोगों तक गणना पत्र तो पहुंच गए, लेकिन सुधार कार्य में कई अहम चरण अब भी अधूरे हैं।

     


    सबसे बड़ा मुद्दा मैपिंग का है। आंकड़ों के अनुसार 11,41,320 मतदाताओं की मैपिंग अब तक पूरी नहीं हो सकी है, जो कुल मतदाताओं का करीब 32 प्रतिशत हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि मैपिंग कार्य में तेजी लाने के लिए बीएलओ को सख्त निर्देश जारी किए जा रहे हैं, ताकि सभी मतदाताओं का लोकेशन-आधारित सत्यापन समय पर पूरा हो सके। इस बीच बीएलओ ने 26,65,025 गणना प्रपत्र मतदाताओं से प्राप्त कर अपलोड भी कर दिए हैं, जो लगभग 74 प्रतिशत है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में प्रपत्र अब भी सत्यापित नहीं हो सके हैं।

     

    नाम काटने के पीछे ये बड़ी वजह


    सबसे चिंता की बात यह है कि पुनरीक्षण के दौरान कुल 8,99,662 मतदाताओं के नाम सूची से हटाने के लिए चिन्हित किए गए हैं। इनमें 1,01,782 मतदाता ऐसे हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जबकि तीन लाख 82 हजार 625 लोग नौकरी, शिक्षा या अन्य वजहों से दूसरे शहरों और राज्यों में शिफ्ट हो चुके हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व डा.विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची जारी होने से पहले सभी आंकड़ों काे कई स्तर पर सत्यापित किया जाएगा। वहीं चुनावी कार्यों की निगरानी कर रही टीमों ने बीएलओ को शत-प्रतिशत अपलोड और मैपिंग कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।