Sugar Price Hike: चीनी बाजार में अप्रत्याशित तेजी, 17 दिन में 46 से 65 रुपये हो गई महंगी, वजह हैरान करने वाली
कानपुर में चीनी के दाम 17 दिनों में 40% से अधिक बढ़कर 46 से 65 रुपये प्रति किलो हो गए ...और पढ़ें

ये फोटो एआई जनरेटेड है।
HighLights
65 रुपये प्रतिकिलो हो गया फुटकर में भाव, थोक में 60 रुपये तक कीमत
चाय दुकानदारों से लेकर मिठाई विक्रेता तक दाम बढ़ने से परेशान
निर्यात व एथेनाल कओटे में गन्ना रस का प्रयोग होने के कारण बिगड़ा संतुलन
जागरण संवाददाता, कानपुर। चीनी के भाव ने महंगाई का तूफान ला दिया है। पिछले 17 दिन के दौरान फुटकर बाजार में चीनी का भाव 40 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ गया है। महीने के पहले तक फुटकर बाजार में 46 रुपये किलो बिकने वाली चीनी का भाव सोमवार को 65 रुपये पर पहुंच गया। शक्करपट्टी थोक बाजार में भी सोमवार की शाम को चीनी का भाव 60 रुपये प्रतिकिलो रहा है। कारोबारी भी भाव चढ़ने के इस तरीके से हैरत में हैं और सरकारी दखल की मांग कर रहे हैं।
चीनी बाजार अप्रत्याशित तेजी और सट्टेबाजी की मार झेल रहा है। सुबह-शाम थोक बाजार में दाम चढ़ रहे हैं। शनिवार को स्वतंत्रता दिवस और रविवार को बाजार बंदी के बाद सोमवार को शक्करपट्टी का बाजार खुला तो थोक में चीनी के भाव साढ़े 58 रुपये थे। शाम होते-होते थोक भाव 60 रुपये पर पहुंच गया। इसका असर फुटकर बाजार पर भी पड़ा है।
सर्वोदय नगर के चाय दुकानदार अभिषेक ने बताया कि फुटकर में चीनी का भाव 65 रुपये हो गया है। जनरल स्टोर संचालक राजेश शुक्ला ने भी दाम बढ़ने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पिछले दो सप्ताह में हर दूसरे दिन दाम बढ़े हैं। एक अगस्त को चीनी के दाम पहली बार थोक में चार से पांच रुपये बढ़े थे। तब थोक भाव 49 और फुटकर में 50 रुपये किलो था। सोमवार अचानक भाव में तेजी आई है।
सरकारी चीनी मिलें भी बढ़ा रही दाम
शक्करपट्टी के थोक कारोबारी व दि कानपुर शुगर मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल किशन माहेश्वरी ने बताया कि चीनी मिलों से ही दाम बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश की सरकारी चीनी मिलें भी हर रोज दाम बढ़ा रही हैं। 400 टन चीनी का स्टाक रखने का जो प्रतिबंध सरकार ने लगाया था, उसका असर नहीं दिख रहा है। चीनी मिलों से माल बिक्री का हिसाब लेने की जरूरत है। जब तक सख्ती नहीं होगी तब तक दाम चढ़ना कम नहीं होगा। अभी त्योहारों का समय आएगा तो चीनी की मांग भी बढ़ेगी।
उत्पादन और खपत के बीच बिगड़ा संतुलन
नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट (एनएसआइ) के पूर्व निदेशक व श्रीलंका शुगर एसोसिएशन के सलाहकार प्रोफेसर नरेंद्र मोहन अग्रवाल के अनुसार चीनी के दामों में अचानक उछाल का सबसे बड़ा कारण उत्पादन और खपत के बीच का संतुलन बिगड़ना है। देश में चीनी का उत्पादन कम हुआ है। निर्यात व एथेनाल कओटे में गन्ना रस का प्रयोग होने के कारण भी संतुलन बिगड़ा है।
