UP Assembly Election 2027: कानपुर में 16 नोडल, 44 जोनल और 276 सेक्टर मजिस्ट्रेट होंगे तैनात, 867 संवेदनशील बूथों पर रहेगी नजर
कानपुर में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत 16 नोडल, 44 जोनल और 276 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए ...और पढ़ें

सिविल लाइन्स स्थित जिला निर्वाचन कार्यालय। जागरण
HighLights
30 सितंबर तक जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनाती के दिए आदेश
867 संवेदनशील बूथों पर मजिस्ट्रेटों की नजर, 72 घंटे में तैनाती
संवेदनशील बूथों का निरीक्षण, नई रवानगी योजना तैयार
जागरण संवाददाता, कानपुर। विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर निर्वाचन आयोग तेजी से कार्य कर रहा है। केंद्रीय निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले 16 नोडल अधिकारियों की तैनाती बुधवार को कर दी गई। इसके साथ ही 30 सितंबर तक जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
कानपुर की 10 विधानसभा सीटों के लिए 16 नोडल अधिकारी, 44 जोनल मजिस्ट्रेट और 276 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे। इसके साथ ही जिले के 867 संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं और सुरक्षा संबंधी स्थिति की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
30 तक बूथों का स्थलीय निरीक्षण
निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिए थे कि 24 सितंबर की शाम तक नोडल अधिकारियों की तैनाती पूरी कर रिपोर्ट भेजनी होगी। इसके बाद 30 सितंबर तक जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती करने के साथ ही बूथों का स्थलीय निरीक्षण शुरू करेंगे। मतदान केंद्रों पर बिजली, पानी, पहुंच मार्ग, शौचालय, रैंप, प्रकाश व्यवस्था समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति भी देखी जाएगी। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर विशेष रूप से सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया जाएगा।
ईवीएम की जांच भी
विधानसभा चुनाव को लेकर जिला प्रशासन दिसंबर तक विभागीय स्तर की सभी तैयारियां पूरी करने की दिशा में काम कर रहा है। मतदान केंद्रों के निर्धारण से लेकर ईवीएम की जांच, मतदान कार्मिकों की व्यवस्था, परिवहन और सुरक्षा इंतजामों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है।
पोलिंग पार्टियों के लिए रवानागी को लेकर नया खाका
चुनाव में मतदान के दिन पोलिंग पार्टियों की रवानगी और वापसी की व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन ने नया खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। अब तक कानपुर में पोलिंग पार्टियों को मुख्य रूप से मंडी समिति से रवाना किया जाता रहा है। एक ही स्थान से बड़ी संख्या में पोलिंग पार्टियों के रवाना होने के कारण वाहनों की पार्किंग, कर्मचारियों के आवागमन, यातायात नियंत्रण और पार्टियों की निगरानी में दिक्कतें आती हैं।
इस बार दो स्थानों से रवाना हो सकती हैं पोलिंग पार्टियां
इसी को देखते हुए इस बार जिले की 10 विधानसभाओं को पांच-पांच के दो हिस्सों में बांटकर दो अलग-अलग स्थानों से पोलिंग पार्टियों की रवानगी की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत दक्षिण क्षेत्र की विधानसभाओं के लिए मंडी समिति और उत्तर क्षेत्र की विधानसभाओं के लिए सीएसए मैदान को विकल्प के रूप में तैयार किया जा रहा है।
अभी निर्वाचन आयोग की मंजूरी का इंतजार
प्रशासन का मानना है कि दो स्थानों से पोलिंग पार्टियां रवाना होने पर भीड़ और वाहनों का दबाव कम होगा। साथ ही मतदान कार्मिकों को संबंधित विधानसभा क्षेत्र के लिए वाहन उपलब्ध कराने, ईवीएम और अन्य मतदान सामग्री के वितरण तथा पोलिंग पार्टियों की निगरानी में भी सुविधा होगी। हालांकि अंतिम निर्णय निर्वाचन आयोग की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा।

आयोग के निर्देश के अनुसार जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती जिला निर्वाचन अधिकारी के स्तर से की जाएगी। जाम से बचने और मतदान कर्मियों की सुविधा को देखते हुए इस बार पोलिंग पार्टियों की रवानगी के लिए दो स्थानों का प्रस्ताव तैयार करके निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा। आयोग की अनुमति के बाद उत्तर क्षेत्र की पोलिंग पार्टियों को सीएसए और दक्षिण क्षेत्र की पोलिंग पार्टियों को मंडी समिति से रवाना करने की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
- विवेक चतुर्वेदी,एडीएम वित्त एवं राजस्व
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