UP Weather Alert: यूपी में कुदरत का कहर, कानपुर इटावा, हमीरपुर सहित 8 जिलों में भारी ओलावृष्टि, एक घंटे बारिश, 3 की मौत
उत्तर प्रदेश में दो दिनों से ओलावृष्टि, बारिश और आंधी ने कहर बरपाया है। इटावा, कन्नौज, उरई, महोबा, हमीरपुर और औरैया सहित कई जिलों में फसलों को भारी नु ...और पढ़ें

HighLights
यूपी के छह जिलों में दो दिन से ओलावृष्टि और बारिश।
इटावा, कन्नौज, उरई में गेहूं, सरसों की फसलें बर्बाद।
प्रशासन ने नुकसान का जायजा लिया, मुआवजे का आश्वासन।
जागरण टीम, कानपुर। उत्तर प्रदेश में दो दिन से कुदरत अपना कहर बरपा रही है। शनिवार के बाद रविवार को भी यूपी के कई जिलों में ओलावृष्टि हुई। कानपुरइटावा, कन्नौज, उरई, महोबा, हमीरपुर और औरैया समेत कई इलाकों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि से फसल बर्बाद हो गई। वहीं, आंधी में पेड़ और दीवार गिरने की वजह से तीन की मौत हो गई।
इटावा में एक घंटे बारिश-ओलावृष्टि
इटावा जिले में रविवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। शहर सहित पूरे जिले में करीब एक घंटे तक तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई। ताखा क्षेत्र के कई गांवों में ओले गिरने से गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि इस समय फसल कटाई के लिए तैयार थी, ऐसे में बारिश और ओले गिरने से उत्पादन पर असर पड़ेगा। सरसों की फसल को भी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। बारिश के चलते शहर में जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया।
कन्नौज में कटाई का काम रुका
कन्नौज में वर्षा के साथ गिरे ओले से गेहूं की तैयार में फसल में नुकसान हुआ है। खेत और गलियों में पानी भर गया है। इससे करीब 30 फीसदी गेहूं की फसल में नुकसान की संभावना है। किसानों का कहना है कि आलू का भाव न मिलने से पहले से किसान परेशान है। अब ओले गिरने से किसानों के अरमान बह गए। मौसम विशेषज्ञ डॉ. अमरेंद्र यादव के अनुसार, यह बारिश सब्जियों की खेती के लिए तो ठीक है, लेकिन गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा सकती है।
उरई में ओलावृष्टि के बाद प्रशासन ने लिया जायजा
उरई के कोंच क्षेत्र में रविवार शाम कुछ देर के लिए ओलावृष्टि हुई। प्रशासन ने तुरंत स्थिति का जायजा लिया। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने खेतों में पहुंचकर लेखपालों के साथ नुकसान का सर्वे कराया और किसानों को आश्वासन दिया कि उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा।
खबरें और भी
महोबा के बेलाताल क्षेत्र में गिरे ओले
महोबा जिले में शनिवार देर रात तेज आंधी के साथ बारिश हुई, जिससे बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई। कई स्थानों पर विद्युत पोल और तार टूटकर गिर गए, जिससे शहर के कई मोहल्लों और करीब 60 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बेलाताल क्षेत्र में हल्की ओलावृष्टि भी दर्ज की गई।
हमीरपुर में मौसम का दिख कहर
हमीरपुर जिले में भी मौसम का असर देखने को मिला। सरीला क्षेत्र में तेज बारिश के साथ ओले गिरे, जबकि मौदहा में आंधी के कारण बिजली के पोल गिर गए। शनिवार रात हुई बारिश से खेतों में खड़ी और कटी फसलें भीग गईं, जिससे उत्पादन घटने की आशंका बढ़ गई है। किसान लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
औरैया में भारी ओलावृष्टि से किसान तबाह
औरैया जिले में भी मौसम में बदलाव देखने को मिला। शनिवार देर शाम से शुरू हुआ मौसम परिवर्तन रविवार तक जारी रहा। बिधूना और ऐरवाकटरा क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि हुई, जबकि जिले के कुछ हिस्सों में मौसम साफ बना रहा।
इधर, उन्नाव में भी दूसरे दिन गिरे ओले
उन्नाव में लगातार दूसरे दिन रविवार शाम को तेज हवा चलना शुरू हो गई। कुछ देर बाद ही कई क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई। वहीं परियर क्षेत्र में तेज हवा और बारिश के साथ ही ओले भी गिरे। इससे किसान मायूस हो गए। लगातार दूसरे दिन बारिश के कारण किसानों की गेहूं की फसल पूरी तरह नष्ट होने के कगार पर है।
उरई में घर के बाहर खड़े वरिष्ठ नागरिक पर गिरा बबूल का पेड़, मौत
रामपुरा क्षेत्र के ग्राम अंगदेला मड़ैया में शनिवार की शाम 66 वर्षीय मातादीन घर के बाहर दरवाजे पर खड़े थे। इसी दौरान तेज हवा के साथ बाहर खड़ा बबूल का पेड़ उखड़कर मातादीन के सिर पर आ गिरा। जिससे वह पेड़ के नीचे दबने से गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके चिल्लाने पर पुत्र दिलीप कुमार मौके पर पहुंचा और दूसरे ग्रामीणों की मदद से पेड़ को हटाया। इसके बाद पिता के वह इलाज के लिए सीएचसी ले गया जहां इलाज के लिए उसे भर्ती किया गया था। इलाज के दौरान उसकी देर रात मौत हो गई। सूचना पर थाना प्रभारी रजत कुमार सिंह ने उप निरीक्षक को भेजकर शव का पंचनामा भरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसडीएम राकेश कुमार सोनी ने कहा कि यह हादसा दैवीय आपदा के तहत आता है। दिवंगत के स्वजन को मुआवजा दिलाया जाएगा।
फतेहपुर में वर्षा से कच्ची दीवार ढही दबकर बुजुर्ग की मौत
फतेहपुर में रविवार की सुबह तेज हवा व वर्षा के बीच कोर्रा कनक ग्राम पंचायत के रासी का डेरा गांव में एक कच्चे मकान की दीवार ढह गयी। दीवार ढहने से गृह स्वामी सिधवा केवट उसी में दब गये। इन्हें पहले बहुआ पीएचसी फिर जिला अस्पताल लाया गया जहां इन्होंने दम तोड़ दिया। एडीएम अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, दैवी आपदा से हुई जनहानि में इनके स्वजन को चार लाख की मुआवजा राशि दी जाएगी।
इटावा में बारिश के दौरान गिरी दीवार से पूड़ी बेल रही महिला की मौत, 9 घायल
झिंदुआ गांव में चंद्रभान के पिता नाथूराम की तेहरवीं का कार्यक्रम था। चौबिया क्षेत्र के बिठौली गांव के परशुराम सक्सेना अपनी पत्नी संगीता, भूरी देवी, राहुल, मुन्नी देवी, निधि, सोनाक्षी व कमला देवी के साथ 14 लोगों को लेकर सुबह झिंदुआ गांव गए थे। परशुराम सक्सेना बताया कि कढ़ाई पर पूड़ी सेखी जा रही थी, तभी दोपहर बाद बारिश होने से तेज हवा चलने लगी। लोगों ने पहली मंजिल की छत पर रस्सी से तिरपाल बांध दिया था, थोड़ी देर बाद बारिश हुई जिससे तिरपाल में पानी भर गया। दीवार पर वजन बढ़ने से वह एक दम से नीचे काम कर रहे लोगों के ऊपर आ गिरी जिससे मुन्नी देवी उम्र 65 वर्ष की मौके पर ही मौत हो गई। बाकी 14 लोगों में 9 लोग घायल हो गए। इनमें संगीता, भूरी, राहुल, निधि, सोनाक्षी, कमलादेवी, परशुराम आदि शामिल हैं।
गेहूं के खेत में गिरी आकाशीय बिजली, फसल जली
फतेहपुर चौरासी क्षेत्र में रविवार शाम 5:30 मिनट पर ग्राम पंचायत झूलूमऊ के मजरा बाग खेड़ा निवासी फूल चंद्र और विजय खेड़ा निवासी नारायण के गेहूं के खेत में आकाशीय बिजली गिर गई। जिसमें दोनों किसानों के लगभग एक-एक बिस्वा गेहूं जलकर राख हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने निजी संसाधनों से आग पर काबू पाया। ग्रामीणों ने बताया कि खेत के किनारे कटीले तार लगे थे, जिसपर आकाशीय बिजली गिरी और गेहूं के खेत को चपेट में ले लिया। आकाशीय बिजली गिरने से ग्रामीण घरों में दुबक के बैठ गए।