UPSC 2025 में कानपुर मंडल का दबदबा, फर्रुखाबाद-उन्नाव-फतेहपुर के युवाओं की बड़ी कामयाबी
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणामों में कानपुर मंडल और आसपास के जिलों के युवाओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। फर्रुखाबाद के ...और पढ़ें
-1772807711856_m.webp)
HighLights
कानपुर मंडल के युवाओं ने यूपीएससी 2025 में शानदार प्रदर्शन किया।
फर्रुखाबाद, उन्नाव, फतेहपुर, कानपुर, इटावा से कई सफल अभ्यर्थी।
गौरव प्रताप सिंह (317), आकर्ष कुमार (524), रंजना सेंगर (629) प्रमुख।
जागरण टीम, कानपुर। संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम में कानपुर मंडल और आसपास के जिलों के कई युवाओं के सपने पूरे हुए। यूपीएससी( Union Public Service Commission द्वारा घोषित परिणाम में विभिन्न जिलों के अभ्यर्थियों ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर बेहतर रैंक प्राप्त की।
Farrukhabad के आकर्ष कुमार ने ऑल इंडिया रैंक 524 हासिल किया। वहीं Unnao के गौरव प्रताप सिंह ने 317वीं और अमन वर्मा ने 505वीं रैंक प्राप्त कर जिले का गौरव बढ़ाया। इसी तरह Etawah के आदित्य कुमार सिंह को 927वीं रैंक मिली, जबकि Kanpur के अनूप कुमार गुप्ता ने 716वीं रैंक हासिल की। Fatehpur में फतेहपुर में किसान की बेटी रंजना ने 629वीं रैंक पाकर परिवार का मान बढ़ाया।
उन्नाव के गौरव ने 317 तो अमन ने पाई 505वीं रैंक
जनपद की बीघापुर तहसील के ब्लाक सुमेरपुर क्षेत्र के दो युवाओं ने शुक्रवार को आए यूपीएससी परीक्षा परिणाम में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए जिले का नाम रोशन किया है। दोनों युवाओं ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) में कड़ी मेहनत और लगन की दम पर बढ़िया रैंक भी हासिल की है। यूपीएसएसी परीक्षा में सफल युवा गौरव प्रताप सिंह सुमेरपुर ब्लाक के सरायं मनिहार और अमन वर्मा योगी नगर पाटन के निवासी हैं। परीक्षा में गौरव को 317वीं और अमन को 505वीं रैंक मिली है। गौरव ने तीसरे जबकि, अमन ने अपने दूसरे प्रयास में यह सफलता पाई है। अमन के पिता रामसुंदर वर्मा सेवानिवृत्त दारोगा है। बड़ा भाई इलाहाबाद हाईकोर्ट में समीक्षा अधिकारी है। गौरव के पिता उदयभान सिंह सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेलवे विभाग में है।
फर्रुखाबाद के शिक्षक के बेटे ने यूपीएससी में पाई 524 रैंक
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा 2025 में आल इंडिया रैंक 524 हासिल कर शिक्षक उर्मिला यादव के पुत्र आकर्ष कुमार का चयन हुआ है। उनकी इस सफलता से परिवार व मित्रों में खुशी का माहौल है। फतेहगढ़ के मुहल्ला नेकपुर चौरासी निवासी आकर्ष कुमार मूल रूप से नवाबगंज क्षेत्र के गांव पिपराभोजी के निवासी हैं। उनके पिता स्व. जयवीर सिंह रुड़की यूनिवर्सिटी में इंजीनियर थे। बड़े भाई उत्कर्ष यादव भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) कार्यालय में लेखा परीक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। उनकी मां उर्मिला यादव कन्नौज जनपद में परिषदीय विद्यालय में शिक्षक हैं। आकर्ष ने बताया कि 2015 में सरस्वती ज्ञान मंदिर इंटर कालेज कानपुर से इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और एमएससी की पढ़ाई पूरी की। वहीं पढ़ाई के साथ ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करते रहे।
खबरें और भी
फतेहपुर में किसान की बेटी की 629वीं रैंक
यूपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त करके आल इंडिया 629वीं रैंक हासिल करने वालीं जीटी रोड निवासी किसान जीतेंद्र सिंह सेंगर की पुत्री रंजना सिंह सेंगर के स्वजन, रिश्तेदार व आस-पड़ोस में लोगों के बीच खुशी का माहौल है।यूपीएससी परीक्षा पास करने वालीं रंजना सिंह सेंगर की शुरुआती शिक्षा नगर में हुई। उन्होंने सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की पढ़ाई की। उसके बाद आइआइटी खड़गपुर, पश्चिम बंगाल से बीटेक व एमटेक किया। एक साल तक खड़गपुर में प्राइवेट कंपनी में नौकरी की। रंजना सिंह सेंगर ने बातचीत में कहा कि उनके बाबा रिटायर्ड रेलवे इंजीनियर राजेंद्रनाथ सिंह, उन्हें आइएएस अफसर के रूप में देखना चाहते थे।
कानपुर के अनूप ने हासिल की 716वीं रैंक
सिविल सर्विसेज में कानपुर के नर्वल के मूल निवासी सत्येंद्र कुमार गुप्ता के बेटे अनूप कुमार गुप्ता ने 716 रैंक हासिल की। अनूप नर्वल प्रधान सुदीप शिवहरे के भतीजे हैं। अनूप का परिवार गंगापुर कालोनी यशोदानगर में रहता है। बेटे ने चयन की सूचना जैसे ही फोन पर घर में दी स्वजन खुशियों से झूम उठे।
इटावा के आदित्य कुमार सिंह को सिविल सर्विस परीक्षा में 927 वीं रैंक के साथ मिली सफलता
शहर के गांधीनगर शहरिया के रहने वाले आदित्य कुमार सिंह को सिविल सर्विसेज की मुख्य परीक्षा में सफलता मिली है। उनकी आल इंडिया 927 वीं रैंक आई है। वे पशुपालन विभाग के रिटायर्ड ज्वाइंट डायरेक्टर डा. रमेश चंद्रा के पुत्र हैं। उनकी आरंभिक शिक्षा इटावा शहर में ही हुई। इसके बाद जयपुर से बीटेक करने केबाद पहले प्रयास में ही यह सफलता मिली है। उनकी इस सफलता पर पूरा परिवार गौरवान्वित है।