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    कानपुर देहात में बिजली कनेक्शनों में बड़ा फर्जीवाड़ा, विभाग को 160 लाख से अधिक का चूना

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 11:44 AM (IST)

    कानपुर देहात के शिवली विद्युत उपकेंद्र में 120 बिजली कनेक्शनों में बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आई है, जिससे विभाग को 160.24 लाख रुपये का नुकसान हुआ ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक तस्वीर।

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    जागरण संवाददाता, कानपुर देहात। शिवली विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत वर्ष 2025 में जारी किए गए 120 बिजली कनेक्शनों में बड़े पैमाने पर अनियमितता का मामला सामने आया है।

    आरोप है कि तत्कालीन जूनियर इंजीनियर (जेई) और एक संविदा कर्मी ने अधिकारियों से सांठगांठ कर निर्धारित मानकों की अनदेखी करते हुए उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन जारी किए, जिससे विभाग को करीब 160.24 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ। मामला सामने आने के करीब सात माह बाद भी जिम्मेदार अधिकारी लीपापोती में जुटे हैं।

    दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के शिवली उपकेंद्र के अंतर्गत अप्रैल 2025 से दिसंबर 2025 के बीच 120 नए बिजली कनेक्शन जारी किए गए। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कई गांवों में वास्तविक दूरी कम दर्शाकर उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिए गए।

    बिजली कनेक्शनों में पाई गई अनियमितता

    ग्राम डिब्बा निवादा में जहां वास्तविक दूरी 165 मीटर थी, उसे रिकॉर्ड में मात्र 40 मीटर दर्शाया गया। इसी तरह भौसाना में 178 मीटर के स्थान पर 40 मीटर तथा सुज्जा निवादा में 95 मीटर के स्थान पर 40 मीटर दूरी दर्ज की गई।

    इसके अलावा टाकीपुर, भीटी, कुंवरपुर, लक्ष्मणपुर, बृजवासीपुरवा, बड़ी मनोह, केसरीनिवादा, रामनगर शिवली और सुक्खानिवादा सहित अन्य गांवों में भी निर्धारित मानकों का पालन किए बिना कनेक्शन जारी किए जाने का आरोप है।

    महाराजगंज निवासी राजू विद्यार्थी ने पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष को भेजी शिकायत में तत्कालीन जेई राकेश राय और संविदा कर्मी उदीप शर्मा पर उपभोक्ताओं से अवैध धन वसूलकर कनेक्शन देने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया से करीब नौ माह में विभाग को 160.24 लाख रुपये का नुकसान पहुंचा।

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    उन्होंने मामले की विजिलेंस से उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, तत्कालीन जेई राकेश राय ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से झूठी शिकायत की गई है।

    दूसरी ओर अधीक्षण अभियंता मनीष कुमार गुप्ता ने कहा कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है। शिकायत प्राप्त होने पर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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