कानपुर देहात में रेप केस दर्ज होते ही आरोपित ने दी जान, गांव में तनाव, शव उठाने पहुंची पुलिस का स्वजन ने किया विरोध
कानपुर देहात के रसूलाबाद में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपित अरविंद सिंह गौर ने पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। स्वजनों ने झूठा मुकदमा ...और पढ़ें

HighLights
दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपित ने की आत्महत्या।
स्वजनों ने झूठा मुकदमा दर्ज होने का आरोप लगाया।
पुलिस को शव उठाने से रोकने पर स्वजनों ने विरोध किया।
संवाद सहयोगी, रसूलाबाद (कानपुर देहात)। दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपित ने गांव के बाहर पेड़ पर फंदा लगाकर जान दे दी। गुरुवार को युवती ने दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। स्वजन ने गलत फंसाए जाने का आरोप लगाया है। शव उठाने पुलिस पहुंची तो स्वजन ने आक्रोश जताया और विरोध किया, समझाने पर शांत हुए।
रसूलाबाद के ग्राम मालकापुरवा निवासी 45 वर्षीय अरविंद सिंह गौर के खिलाफ 16 जुलाई को दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया था। गांव की ही एक 19 वर्षीय युवती के चाचा ने मुकदमा कराते हुए आरोप लगाया था कि धमकाकर आरोपित युवती संग दुष्कर्म कर रहा था, इससे वह गर्भवती हो गई। डाक्टर के पास जाने के बाद मामला खुल सका और तहरीर थाने में दी गई।
शुक्रवार को खेत जाने की बात कह अरविंद निकले थे। इसके बाद गांव के बाहर जाकर मुर्गी फार्म के पास अजय गुप्ता के बगीचे में ढाक के पेड़ पर गमछे के सहारे फंदा लगाकर जान दे दी। खेत में धान की फसल के लिए पानी लगाने जा रहे अजय गुप्ता की नजर शव पर पड़ी तो परिवार को बताया। पुलिस व फोरेंसिक टीम ने छानबीन की।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया तो स्वजन नाराज हो गए और इसका विरोध करते हुए कहा कि शव नहीं उठाने दिया जाएगा। स्वजन का आरोप था कि अरविंद पर झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया जिससे वह मानसिक रूप से बेहद आहत थे और इसी तनाव में उन्होंने आत्महत्या कर ली। बाद में पुलिस के समझाने के बाद लोग शांत हुए।
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दिवंगत की पत्नी शीलू सिंह, 15 वर्षीय पुत्री छवि और छह वर्षीय पुत्र ऋषि का रोकर बुरा हाल हो गया। अरविंद घर का अकेला कमाने वाला था। रसूलाबाद थाना प्रभारी शिवनारायण सिंह ने बताया कि दुष्कर्म के मुकदमे में आरोपित की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे थे। इसी बीच उसका शव पेड़ से लटका मिला, जांच कर कार्यवाही की जाएगी।