Kanpur Dehat Sikandra MLA Report Card: पुल-सड़कों को मिली रफ्तार, बेहमई बस सेवा और राम चबूतरा का वादा
सिकंदरा विधायक अजीत पाल ने पुल, सड़कों और गोशालाओं जैसे कई विकास कार्य कराए हैं, लेकिन बेहमई बस सेवा और रसधान में राम चबूतरा जैसे प्रमुख वादे अभी भी अ ...और पढ़ें

HighLights
पुल, सड़कें और गोशालाएं जैसे कई विकास कार्य हुए।
बेहमई बस सेवा और राम चबूतरा निर्माण अभी अधूरा।
सिंचाई, पेयजल और आवारा मवेशियों की समस्या बरकरार।
जागरण संवाददाता, कानपुर देहात। सिकंदरा विधानसभा सीट से लगातार दूसरी बार भारतीय जनता पार्टी के विधायक चुने गए अजीत पाल का इस बार प्रदेश सरकार में कद भी बढ़ा है। उन्हें खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग का स्वतंत्र प्रभार मंत्री बनाया गया है। अपने दूसरे कार्यकाल में उन्होंने क्षेत्र में पुल, सड़कों और अन्य विकास कार्यों को गति दिलाई है, वहीं नगर पंचायतों के लिए अतिरिक्त बजट भी स्वीकृत कराया। हालांकि चुनाव के दौरान किए गए कुछ प्रमुख वादे अब भी पूरे होने का इंतजार कर रहे हैं। इनमें बेहमई रोडवेज बस सेवा का दोबारा संचालन और रसधान में राम चबूतरा का निर्माण प्रमुख हैं।
मंत्री अजीत पाल के प्रयासों से डेरापुर में करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण कराया गया, जिससे आसपास के ग्रामीणों का आवागमन सुगम हुआ। वहीं सेंगुर नदी पर इंदरूख में नए पुल का निर्माण कार्य भी शुरू होने जा रहा है। इसके बनने से करीब 30 गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और लंबा चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी। क्षेत्र में कई प्रमुख सड़कों का निर्माण और चौड़ीकरण भी कराया जा रहा है।
सिकंदरा-हरिहरपुर मार्ग, रसधान-चिलौली-डेरापुर मार्ग तथा संदलपुर-कुढ़ावल मार्ग पर कार्य प्रगति पर है। गुरदही बुजुर्ग में कन्वेंशन सेंटर शुरू कराया गया है, जबकि बनीपारा मंदिर के जीर्णोद्धार की तैयारी भी चल रही है। निराश्रित मवेशियों की समस्या से निपटने के लिए दो वृहद गोशालाओं का निर्माण कराया गया है। विशेष रूप से नंदीशाला के संचालन से पशु संरक्षण को मजबूती मिली है।
इसके अलावा राजपुर, सिकंदरा और डेरापुर नगर पंचायतों के विकास कार्यों के लिए शासन से अतिरिक्त बजट भी स्वीकृत कराया गया। इसके बावजूद कुछ महत्वपूर्ण मांगें अब भी अधूरी हैं। रसधान में वर्षों पुरानी झूला परंपरा से जुड़े राम चबूतरा निर्माण का वादा अभी तक पूरा नहीं हो सका है। वहीं बीहड़ क्षेत्र के लोगों के लिए शुरू की गई बेहमई रोडवेज बस सेवा बंद होने के बाद दोबारा चालू नहीं हो सकी, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा कैनाल योजना लागू होने के बावजूद कई क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह सुचारु नहीं हो सकी है, जिससे किसानों की चिंता बनी हुई है।
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विभागीय सवालों के दिए जवाब, विकास कार्यों को लेकर कई प्रस्ताव और याचिकाएं लगाईं
प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री ने विधानसभा सत्र के दौरान सक्रिय भागीदारी निभाते हुए विभिन्न चर्चाओं में अपनी बात प्रभावी ढंग से रखी। उन्होंने विभागीय मामलों से जुड़े विधानसभा सदस्यों के प्रश्नों का जवाब भी दिया। मंत्री की सदन में उपस्थिति शत-प्रतिशत रही। उनका कहना है कि क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े कई मुद्दों को विधानसभा में उठाया गया तथा विभिन्न विकास कार्यों के लिए याचिकाएं और प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए गए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और क्षेत्र के लंबित विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सदन में जनहित के मुद्दों को मजबूती से रखने के साथ ही विभागीय जिम्मेदारियों का भी पूरी गंभीरता से निर्वहन किया गया।
विधानसभा : सिकंदरा
- पुरुष मतदाता-165349
- महिला मतदाता- 133430
- थर्ड जेडर मतदाता- 2
क्या कहते हैं विधायक
क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर चुनाव के समय जनता से किए गए कई वादे पूरे किए जा चुके हैं और शेष कार्यों को भी जल्द पूरा कराया जाएगा। इसके लिए शासन स्तर पर लगातार पैरवी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बेहमई बस सेवा उनके प्रयासों से ही शुरू हुई थी। फिलहाल सेवा बंद है, लेकिन परिवहन मंत्री से इस संबंध में मुलाकात हो चुकी है और जल्द ही बस सेवा दोबारा शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राम चबूतरा निर्माण का कार्य भी शासन की योजना में शामिल है और इसे भी शीघ्र शुरू कराया जाएगा। क्षेत्र में कई पुलों और सड़कों का निर्माण कराया गया है, जिससे लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिली है। साथ ही विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया गया है। विधायक ने कहा कि निराश्रित मवेशियों के संरक्षण के लिए भी कार्य किए गए हैं। अधिकारियों को इस दिशा में और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
- अजीत पाल, विधायक व मंत्री
क्षेत्र में विकास कार्यों के बावजूद कई बुनियादी समस्याएं आज भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। मूड़ादेव से रोहिणी तक जाने वाला मार्ग अब भी कच्चा पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं यमुना किनारे बसे गांवों में पेयजल व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है। ग्रामीणों को आज भी स्वच्छ पेयजल के लिए जूझना पड़ रहा है। इसके अलावा आवारा मवेशियों की समस्या भी किसानों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। फसलों को बचाने के लिए किसानों को रातभर खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इन समस्याओं के समाधान के लिए कई बार मांग उठाई गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है।
- प्रभाकर पांडेय, रनर व सपा प्रत्याशी
ग्रामीणों के बयान
लाला हरदौल के स्थान तक जाने की दोनों सड़कें पक्की नहीं हो सकी हैं और हम लोगों को समस्या है। मवेशी समस्या पर भी थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है।
- दिलीप सिंह, किसानबेहमई रोडवेज बस सेवा जनता मांग रही है इस पर प्रयास किया जाना चाहिए, कुछ जगह काम ठीक हुए हैं, लेकिन इंटरलाकिंग व मार्ग प्रकाश का काम भी हो जाए तो ठीक रहे।
- उदयवीर सिंह, किसानविधायक ने क्षेत्र में काम ठीक कराया है, पुल व सड़क के काम किए गए हैं। जनता दर्शन के तहत भी वह सुनवाई करते हैं जिससे समस्या निस्तारित होती है।
- वैभव कुमारचुनाव के समय प्रमुख मार्ग निर्माण की जनता ने मांग उठाई थी उन्होंने वादा किया था और उसे पूरा किया है। मेरे हिसाब से अभी तक का काम ठीक रहा है।
- रामकुमार, किसान