कानपुर देहात में अव्यवस्था ने ले ली मासूम की जान, घर के बाहर खेलते-खेलते खुले नाले में गिरा इकलौता बेटा
कानपुर देहात के रसूलाबाद में घर के बाहर खेल रहा दो वर्षीय रियांश खुले नाले में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक ...और पढ़ें

रियांश। स्वजन
HighLights
दो वर्षीय रियांश की खुले नाले में गिरकर मौत।
रसूलाबाद, कानपुर देहात में हुई दर्दनाक घटना।
प्रशासन और विभागों की लापरवाही पर उठे सवाल।
संवाद सहयोगी, रसूलाबाद(कानपुर)। विकास नगर में रविवार शाम घर के बाहर खेल रहा दो वर्षीय रियांश खुले नाले में गिर गया और डेढ़ घंटे बाद उसका शव पानी में उतराता मिला। हादसे के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश है। सवाल यह है कि वर्षों से खुले पड़े नाले की सुरक्षा को लेकर आखिर जिम्मेदार विभाग क्यों आंखें मूंदे रहे। हादसे के बाद प्रशासन हरकत में आया और निरीक्षण कर सुरक्षा के निर्देश दिए, लेकिन लोगों का कहना है कि यदि पहले इंतजाम किए गए होते तो मासूम की जान बच सकती थी।
विकास नगर निवासी राजू उर्फ अंकित का इकलौता पुत्र रियांश रविवार शाम करीब छह बजे घर के बाहर खेल रहा था। उसकी मां बीनू ने बताया कि वह बेटे को नहलाकर कपड़े लेने के लिए कुछ देर के लिए घर के अंदर गई थी। इसी बीच रियांश घर के सामने से निकल गया। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला। करीब डेढ़ घंटे बाद घर के पास बने खुले नाले में उसका शव उतराता मिला। बेटे का शव देखते ही परिवार में कोहराम मच गया। इकलौते बेटे की मौत से परिजन बदहवास हैं।
लोगों का कहना है कि जिस नाले में बच्चा गिरा, वह वर्ष 2003 के आसपास बना था और उसके दोनों ओर करीब दो हजार की आबादी रहती है। इसके बावजूद नाले पर सुरक्षा के लिए पटिया या जाली नहीं लगाई गई। कई बार लोगों ने नाले को ढकवाने की मांग भी उठाई, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। हादसे के बाद जिम्मेदार विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आए।
जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की
नगर पंचायत रसूलाबाद के अधिशासी अधिकारी कुल कमल सिंह यादव ने कहा कि संबंधित नाला लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का है और उसके रखरखाव तथा सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उसी विभाग की है।
नगर पंचायत के पास बजट नहीं
वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष देवशरण कमल सिंह ने बजट की कमी का हवाला देते हुए कहा कि केवल कुछ स्थानों पर आवागमन के लिए पटिया रखवाई गई है, पूरे नाले को ढकना नगर पंचायत के लिए संभव नहीं है।
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अधिशासी अभियंता बोले- कल जाकर करेंगे निरीक्षण
दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज पाल ने माना कि नाला विभाग का है। उनका कहना था कि पहले नाले पर पटिया रखी गई होगी, जिसे सफाई के दौरान हटा दिया गया होगा। उन्होंने मंगलवार को मौके का निरीक्षण करने की बात कही।
एसडीएम ने हादसे के बाद दिए पटिया रखने के निर्देश
हादसे के बाद रसूलाबाद के एसडीएम अभिषेक कुमार ने नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी को खुले नालों पर तत्काल पटिया रखवाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पीडब्ल्यूडी से भी इस संबंध में पत्राचार करने की बात कही है। हालांकि सबसे बड़ा सवाल यही है कि एक मासूम की जान जाने के बाद ही प्रशासन और विभाग क्यों जागे। यदि सुरक्षा इंतजाम पहले कर दिए गए होते तो शायद रियांश आज अपने परिवार के बीच होता। अब क्षेत्रीय लोग दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और खुले नालों को तत्काल ढकवाने की मांग कर रहे हैं।
पारिवारिक किशोरी भी गिरी थी नाला में
दादी रानी देवी ने बताया कि करीब डेढ़ माह पहले इसी नाले में उनकी भैंस गिर गई थी जिसे बुलडोजर की मदद से बाहर निकाला गया था। कुछ समय पहले पारिवारिक नातिन जन्नत भी गिर गई थी, लेकिन लोगों की नजर पड़ी थी तो उसे समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया था। अगर नाला ढका होता तो यह न होता।