कानपुर देहात में 4 हजार ग्रामीण हर रोज लगाते जिंदगी दांव पर, लोहे के ड्रम से जुगाड़ बना पार करते रिंद नदी
कानपुर देहात के अपौना गांव के ग्रामीण अपनी खेती के लिए लोहे के ड्रम से बने जुगाड़ के सहारे रिंद नदी पार करने को मजबूर हैं। करीब 4000 ग्रामीण प्रतिदिन ...और पढ़ें

अपौना गांव में ड्रम के जुगाड़ से रस्सी पकड़कर रिंद नदी पार करते ग्रामीण। सौ. ग्रामीण
HighLights
अपौना गांव के ग्रामीण लोहे के ड्रम से नदी पार करते हैं
करीब 4000 लोग प्रतिदिन जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं
विधायक ने पैदल पुल निर्माण के लिए सेतु निगम को पत्र भेजा
संवाद सूत्र, रूरा(कानपुर देहात)। कानपुर देहात में चार हजार ग्रामीण हर रोज जिंदगी दांव पर लगाते हैं। प्रशासन की अनदेखी की वजह से उफनाती रिंद नदी को ड्रम के जरिए पार करते हैं। जरा से असावधानी उनकी मौत की वजह बन सकती है।
रसूलाबाद क्षेत्र के अपौना गांव के लोग शार्टकट के चक्कर में गांव के सामने रिंद नदी में लोहे के ड्रम से जुगाड़ बनाकर रस्सी के सहारे से नदी पार करने को मजबूर है। गांव के अधिकांश लोगों की जमीन नदी के दूसरी तरफ होने के चलते पूरे दिन नदी से आवागमन करने वालों की चहलकदमी रहती है। परेशान किसानों ने गांव के सामने से पैदल पुल बनवाए जाने की मांग की है।
करीब चार हजार आबादी वाला यह गांव रिंद नदी के किनारे बसा हुआ है और ज्यादातर लोगों की खेती नदी के उस पार है ऐसे में करीब चार किमी दूर भौंरा गांव के पास पुल बना है, लेकिन चक्कर से बचने के लिए किसानों ने आपसी सहयोग से छह लोहे के ड्रम को आपस में जोड़कर ऊपर से लकड़ी के पटरे बांधकर पानी में तैरते रहने वाला जुगाड़ तैयार कर नदी के दोनों छोर में बल्ली गाड़कर मजबूत रस्सी बांध जुगाड़ को रस्सी के सहारे से नदी के दूसरे छोर पर आते जाते हैं।
ग्राम प्रधान शशि कांत शुक्ला के अलावा किसान श्याम मोहन, जितेंद पांडेय, रमेश चन्द्र, मिथलेश, केशकली, मधू लोगो ने बताया कि प्रतिदिन खेतों में काम करने के लिए जाना पड़ता है। साथ ही मवेशियों के लिए चारा आदि के लिए दिन में कई कई चक्कर लगाने पड़ते है, पुल की दूरी ज्यादा होने से समय की बर्बादी को लेकर नदी में तैरते जुगाड़ से निकलना पड़ रहा है।
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बारिश के दिनों में नदी बढ़ने पर दिक्कत होती है। भाजपा विधायक पूनम संखवार ने बताया कि गांव के भ्रमण के दौरान ग्रामीणों से जानकारी मिली है, समस्या का समाधान कराने के लिए अपौना व दूसरे छोर पर बने बरौछी गांव के मध्य आवागमन के लिए पैदल पुल बनवाए जाने के लिए सेतु निगम को पत्र भेजा गया है।