कानपुर देहात में गोरखपुर एक्सप्रेस के इंजन से टकराया ट्रैक पर रखा पत्थर, विवाद का बदला लेने के लिए रच डाली ट्रेन पलटाने की साजिश
कानपुर देहात में एलटीटी गोरखपुर एक्सप्रेस के इंजन से रेलवे ट्रैक पर रखा पत्थर टकरा गया, जिससे इंजन क्षतिग्रस्त हो गया और ट्रेन ढाई घंटे पुखरायां स्टेश ...और पढ़ें

HighLights
गोरखपुर एक्सप्रेस के इंजन से रेलवे ट्रैक पर पत्थर टकराया।
इंजन क्षतिग्रस्त होने से ट्रेन ढाई घंटे पुखरायां में रुकी।
नशेबाज मजदूर पर साजिश के तहत पत्थर रखने का आरोप।
जागरण संवाददाता, कानपुर देहात। श्रमिकों से विवाद का बदला लेने के लिए एक नशेबाज ने ऐसा कदम उठाया, जिससे एलटीटी-गोरखपुर एक्सप्रेस में सवार करीब 1500 यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई। आरोपित ने कानपुर-झांसी रेलवे लाइन पर हलधरपुर के पास रेलवे ट्रैक पर बड़ा पत्थर रख ट्रेन को पलटाने की साजिश रच डाली। तेज रफ्तार से गुजर रही ट्रेन के इंजन से पत्थर टकराया तो जोरदार आवाज होने पर चालक दल ने तत्काल ट्रेन रोक दी। इससे बड़ा हादसा टल गया, लेकिन रेलवे महकमे में अफरातफरी मच गई।
घटना सोमवार देर रात की है। इंजन से पत्थर टकराने के बाद ट्रेन को सावधानी के साथ पुखरायां रेलवे स्टेशन लाया गया। यहां रात 1:28 बजे से 3:30 बजे तक ट्रेन खड़ी रही। इंजन में आई तकनीकी समस्या के चलते कानपुर के भीमसेन स्टेशन से दूसरा इंजन मंगाना पड़ा। आरपीएफ की जांच में सामने आया कि हलधरपुर रेलवे क्रासिंग के पास पीडब्ल्यूआइ पवन कुमार की निगरानी में रेलवे की तारबंदी का कार्य चल रहा था।
इसी दौरान फतेहपुर जिले के माधवपुर मजरा बटाईपुरवा निवासी राकेश बाबू नशे की हालत में वहां पहुंचा और श्रमिकों से गालीगलौज करने लगा। विरोध करने पर श्रमिकों ने उसे वहां से भगा दिया। जाते समय उसने सभी को देख लेने की धमकी दी। इसी रंजिश में देर रात वह दोबारा लौटा और रेलवे ट्रैक पर पत्थर रखकर चला गया।
कुछ देर बाद एलटीटी-गोरखपुर एक्सप्रेस वहां से गुजरी तो पत्थर इंजन से टकरा गया। आरपीएफ ने भोगनीपुर में रह रहे आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि वह श्रमिकों को सबक सिखाना चाहता था। आरपीएफ पोस्ट उरई के इंस्पेक्टर रामबाबू शुक्ला ने बताया कि घटना के बाद रेलवे ट्रैक पर पेट्रोलिंग और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की हरकत दोबारा न हो सके।