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    कासगंज महिला थाना: 18 साल बाद भी स्थायी ठिकाने की तलाश जारी, किराए के भवन में संचालित

    Updated: Sat, 25 Jul 2026 02:32 PM (GMT+05:30)

    कासगंज जिले में महिला थाना स्थापना के 18 साल बाद भी अपने स्थायी भवन का इंतजार कर रहा है, वर्तमान में यह नगर पालिका के किराये के भवन से संचालित हो रहा ...और पढ़ें

    नगर पालिका के भवन में संचालित महिला थाना। जागरण

    नगर पालिका के भवन में संचालित महिला थाना। जागरण

    HighLights

    1. कासगंज महिला थाना 18 साल से किराये के भवन में संचालित।

    2. स्थायी भवन से महिलाओं को बेहतर, गोपनीय सुविधाएँ मिलेंगी।

    3. जिले में महिला सुरक्षा के लिए स्थायी भवन आवश्यक है।

    जागरण संवाददाता, कासगंज। जिले में महिला सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से महिला थाने की स्थापना की गई थी, लेकिन जिला गठन के करीब 18 वर्ष बाद भी महिला थाना अपने स्थायी भवन का इंतजार कर रहा है। वर्तमान में महिला थाना नगर पालिका परिषद के भवन में किराये पर संचालित किया जा रहा है।

    पुलिस अधिकारियों और स्थानीय लोगों का मानना है कि स्थायी भवन बनने से महिलाओं को बेहतर सुविधाएं और गोपनीय वातावरण में अपनी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा मिल सकेगी।
    जनपद में वर्तमान समय में महिला थाना सहित कुल 11 थाने संचालित हैं। इनमें कोतवाली कासगंज, सोरों, पटियाली, गंजडुंडवारा, सहावर, अमांपुर, ढोलना, सिकंदरपुर वैश्य, सिढ़पुरा और सुन्नगढ़ी थाना शामिल हैं। इनमें अधिकांश थानों के अपने भवन हैं, जबकि महिला थाना आज भी किराये के भवन से संचालित हो रहा है।

    नगर पालिका के भवन में किराये पर संचालित हो रहा महिला थाना

    महिला थाने में घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, छेड़छाड़, महिला उत्पीड़न और अन्य महिला संबंधी मामलों की सुनवाई की जाती है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिलाएं न्याय की उम्मीद लेकर यहां पहुंचती हैं। ऐसे में पर्याप्त स्थान और आधुनिक सुविधाओं वाले स्थायी भवन की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।

    जनपद में एक महिला थाना सहित 11 थाने संचालित

    स्थानीय लोगों का कहना है कि महिला थाने के लिए अलग और सुविधायुक्त भवन बनने से पीड़ित महिलाओं को अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिलेगा। साथ ही पुलिस कर्मियों को भी बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।

    महिला थाने में आने वाली पीड़ित महिलाओं को शांत और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। अलग और स्थायी भवन बनने से महिलाएं बिना झिझक अपनी बात रख सकेंगी और उन्हें बेहतर सुविधाएं भी मिलेंगी।- अर्चना सिंह, समाजसेवी महिला।

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    जिले में महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए महिला थाने का अपना भवन होना जरूरी है। इससे पुलिस व्यवस्था और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।- मयंक यादव, व्यापारी, सोरों गेट


    महिला थाना वर्तमान में नगर पालिका परिषद के भवन में संचालित हो रहा है। स्थायी भवन के निर्माण का विषय शासन स्तर से संबंधित है। शासन से बजट के लिए पत्राचार भेजे गए हैं। स्वीकृति मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर महिला थाने के लिए स्थायी भवन उपलब्ध कराया जाएगा।

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    सुभाष चंद्र,आरआइ, पुलिस लाइन।