60 साल की कानूनी लड़ाई के बाद संपत्ति पर मिला हक, जज के आदेश पर अमीन ने पुलिस बल के साथ दिलाया कब्जा
कासगंज में 60 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद एक संपत्ति पर वादी को कब्जा मिल गया है। सिविल जज ...और पढ़ें

HighLights
60 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद मिला कब्जा।
सिविल जज के आदेश पर अमीन ने दिलाया संपत्ति पर दखल।
1966 में शुरू हुआ था मुकदमा, 2019 में हाईकोर्ट से अपील खारिज।
जागरण संवाददाता, कासगंज। करीब 60 साल तक चली लंबी कानूनी लड़ाई के बाद वादी का संपत्ति पर कब्जा हो गया है। सिविल जज (सीडि) अविनाश कुमार मिश्रा के आदेश पर सोमवार को अमीन दीवानी न्यायालय अवधेश कुमार यादव पुलिस बल के साथ सोरों पहुंचे और डिक्रीदार सुशील चंद्र उर्फ हर्षवर्धन उपाध्याय को कटरा बाजार स्थित वादग्रस्त संपत्ति पर विधिवत दखल दिलाया।
यह है पूरा मामला
संपत्ति के संबंध में वादी की ओर से वर्ष 1966 में दीवानी न्यायालय में मूल वाद संख्या 24, पंडित दामोदर शर्मा आदि के विरुद्ध प्रस्तुत किया गया था। न्यायालय ने चार अक्टूबर 1968 को वाद का निर्णय किया। इसके विरुद्ध सिविल अपील संख्या 126/1968 जनपद न्यायालय एटा में दाखिल की गई, जिसका 25 मार्च 1986 को निस्तारण हुआ।
इसके बाद मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में द्वितीय अपील संख्या 1730/1986 प्रस्तुत की गई। हाईकोर्ट ने 18 अप्रैल 2019 को अपील निरस्त कर दी। इसके बाद डिक्रीदार सुशील चंद्र उर्फ हर्षवर्धन उपाध्याय की ओर से अधिवक्ता रूप किशोर चांडक और केशव उपाध्याय के माध्यम से सिविल जज (सीडि) न्यायालय में इजराय संख्या 25/1968, सुशील चंद्र उपाध्याय बनाम पंडित दामोदर शर्मा आदि प्रस्तुत की गई।
संपत्ति पर दखल दिलाने के आदेश
मामले में विपक्षी पक्ष की ओर से उत्पन्न की गई विभिन्न कानूनी पेचीदगियों का निस्तारण करने के बाद सिविल जज (सीडि) ने अमीन दीवानी को मौके पर जाकर डिक्री का अनुपालन कराने और डिक्रीदार को संपत्ति पर दखल दिलाने के आदेश दिए।
न्यायालय के आदेश के अनुपालन में अमीन अवधेश कुमार यादव सोरों कोतवाली पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों की मौजूदगी में डिक्रीदार को संपत्ति पर दखल दिलाया। इस तरह वर्ष 1966 में शुरू हुई कानूनी लड़ाई के करीब छह दशक बाद डिक्रीदार को संपत्ति पर दखल मिल सका।
