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    कासगंज में गंगा खतरे के निशान के करीब, कछला में घाटों तक पहुंचा पानी, गांवों में कराई जा रही मुनादी

    By Suman Kumar Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Thu, 30 Jul 2026 08:25 PM (IST)

    कासगंज में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, कछला पुल पर यह अभी 2 सेमी नीचे है। प्रशासन बाढ़ सुरक्षा कार्यों की लगातार निगरानी कर ...और पढ़ें

    कासगंज के कछला घाट पर गंगा के जलस्तर में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है।

    कासगंज के कछला घाट पर गंगा के जलस्तर में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है।

    HighLights

    1. कछला पुल पर 2 सेमी नीचे बह रही नदी।

    2. प्रशासन द्वारा बाढ़ सुरक्षा कार्य और निगरानी जारी।

    जागरण संवाददाता, कासगंज। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कछला पुल पर नदी अब खतरे के निशान के काफी करीब पहुंच गई है। गुरुवार दोपहर चार बजे सिंचाई विभाग की बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार कछला पुल (सीडब्ल्यूसी) पर जलस्तर 162.40 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 162.38 मीटर है। नदी अभी भी दो सेंटीमीटर नीचे बह रही है।

    विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है तथा नदी में 1,40,452 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नरौरा क्षेत्र सहित सभी संवेदनशील स्थानों पर तटबंधों और बाढ़ सुरक्षा कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। सभी आवश्यक सुरक्षा एवं निरोधात्मक कार्य पूरे कर लिए गए हैं

    विभागीय टीमें 24 घंटे अलर्ट मोड पर तैनात हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल जनपद में कहीं भी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। तटवर्ती इलाकों के गांवों में मुनादी कराई जा रही है।

    जिला प्रशासन ने गंगा किनारे रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, नदी के किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचें तथा प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    गंगा जलस्तर एक नजर में

    • नरौरा बैराज से 140452 क्यूसेक
    • खतरे का निशान: 162.40 मीटर
    • वर्तमान जलस्तर: 162.38 मीटर
    • खतरे के निशान से नीचे: दो सेमी

    गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अभी दो सेंटी मीटर खतरे के निशान से नीचे है। सभी बाढ़ सुरक्षा कार्य पूरे हैं। संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है।
    -संदीप जैन, एसडीओ सिंचाई विभाग।

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