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    कासगंज में गंगा मार रही उफान, 24 घंटे में और बढ़ेगा पानी; प्रशासन ने तटबंधों पर निगरानी बढ़ाई

    By Suman Kumar Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Mon, 03 Aug 2026 08:09 PM (GMT+05:30)

    कासगंज में गंगा का जलस्तर घटने के बाद नरौरा से पानी छोड़े जाने और बारिश से फिर बढ़ने की आशंका है। प्रशासन ने तटबंधों पर निगरानी बढ़ा दी है और ग्रामीणो ...और पढ़ें

    कछला घाट पर लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है।

    कछला घाट पर लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है।

    जागरण संवाददाता, कासगंज। जिले में बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। गंगा के जलस्तर में पिछले दो दिनों से लगातार गिरावट दर्ज होने के बाद एक बार फिर उफान आने की आशंका है। सोमवार को नरौरा के फाटक खोल दिए गए। इधर पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाके तक बारिश का दौर लौट आया है। 

    कछला पुल पर गंगा का जलस्तर रविवार की तुलना में तीन सेंटीमीटर कम हो गया। इसके बावजूद नदी अब भी खतरे के निशान से एक सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। वहीं सोमवार सुबह नरौरा बैराज से 1,53,173 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद सिंचाई विभाग ने अगले 24 घंटे के भीतर गंगा के जलस्तर में दोबारा वृद्धि होने की संभावना जताई है।

    सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से सोमवार सुबह आठ बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार हरिद्वार बैराज से 93,702 क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 1,12,651 क्यूसेक तथा नरौरा बैराज से 1,53,173 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। नरौरा से छोड़ा गया पानी लगभग 24 घंटे में कासगंज जनपद की सीमा में पहुंचेगा, जिससे मंगलवार तक गंगा के जलस्तर में फिर से बढ़ोतरी होने की संभावना है

    विभाग लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। गंगा के जलस्तर में आई गिरावट के कारण नदी का पानी अब किनारों से हटने के बजाय आसपास के निचले इलाकों और गांवों की ओर फैल रहा है। कई गांवों के समीप खेतों और संपर्क मार्गों के किनारे पानी भर जाने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। किसानों को फसलों के नुकसान की आशंका सताने लगी है, जबकि आवागमन भी प्रभावित हो रहा है।

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    ग्रामीण स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और प्रशासन से आवश्यक सहायता की उम्मीद कर रहे हैं। जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सभी तटबंध सुरक्षित हैं और कहीं से भी कटान या रिसाव की सूचना नहीं है। बाढ़ चौकियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

    संबंधित अधिकारियों को हर घंटे जलस्तर की रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है। प्रशासन ने गंगा किनारे बसे गांवों के लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और नदी के बढ़ते या घटते जलस्तर के दौरान अनावश्यक रूप से किनारे पर जाने से बचें। यदि जलस्तर में दोबारा वृद्धि होती है तो आवश्यकतानुसार राहत एवं बचाव संबंधी तैयारी तत्काल लागू की जाएंगी।

    पिछले दो दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। वर्तमान में कछला पुल पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र एक सेंटीमीटर ऊपर है। हालांकि, नदी का पानी निचले इलाकों की ओर फैला हुआ है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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    आतिश कुमार, एसडीएम, पटियाली।