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    कासगंज में कछला पुल पर गंगा का जलस्तर 52 सेंटीमीटर नीचे, बाढ़ का खतरा फिलहाल नहीं; घाटों पर बैठ रख रहे नजर

    By Suman Kumar Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Tue, 28 Jul 2026 09:20 PM (IST)

    कासगंज में कछला पुल पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 52 सेंटीमीटर नीचे है, जिससे तत्काल बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन लगाता ...और पढ़ें

    कासगंज के पटियाली में किनारों पर ठोकर मारतीं गंगा नदी की लहरें।

    कासगंज के पटियाली में किनारों पर ठोकर मारतीं गंगा नदी की लहरें।

    जागरण संवाददाता, कासगंज। कछला पुल पर गंगा नदी का जलस्तर फिलहाल सामान्य बना हुआ है। नदी का जलस्तर चेतावनी चिन्ह से नीचे होने के कारण तत्काल बाढ़ का कोई खतरा नहीं है, हालांकि सिंचाई विभाग एवं जिला प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

    सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष की मंगलवार की सुबह आठ बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार कछला पुल पर गंगा का चेतावनी स्तर 16001.800 मीटर तथा खतरे का स्तर 162.4 मीटर निर्धारित है। मंगलवार सुबह गंगा का वर्तमान जलस्तर 161.880 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 0.520 मीटर (52 सेंटीमीटर) नीचे है।

    विभागीय अधिकारियों के अनुसार नदी का जलस्तर पिछले दिन की तुलना में घटने की प्रवृत्ति पर है, जिससे फिलहाल राहत की स्थिति बनी हुई है। बाढ़ नियंत्रण रिपोर्ट में बताया गया है कि नरौरा बैराज से 46,443 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं, बिजनौर बैराज से भी पानी का डिस्चार्ज घटा है, जिससे गंगा के जलस्तर में कमी दर्ज की जा रही है

    अधिकारियों का कहना है कि यदि ऊपरी क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा नहीं होती है तो आगामी दिनों में भी जलस्तर नियंत्रित रहने की संभावना है।
    सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने रिपोर्ट जिलाधिकारी प्रणय सिंह, अपर जिलाधिकारी दिग्विजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी बीरेंद्र सिंह के अलावा लोक निर्माण विभाग तथा संबंधित अधिकारियों को भेज दी है।

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    साथ ही सभी संबंधित विभागों को नदी की स्थिति पर लगातार नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।


    अभी किसी प्रकार की बाढ़ चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसके बावजूद नदी किनारे बसे गांवों के लोगों से सतर्क रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। सिंचाई विभाग की टीमें 24 घंटे जलस्तर की निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
    - संदीप जैन, एसडीओ सिचाई।